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अवैध शस्त्र फैक्टरी के साथ तीन गिरफ्तार
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आरोपी प्रेमसिंह जाटव। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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कंपिल (फर्रुखाबाद)। सरसों के खेत पर दबिश देकर पुलिस ने अवैध असलहा फैक्टरी पकड़ी है। पुलिस ने सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से 25 बने हुए व अधबने 10 तमंचों के अलावा एक बंदूक, कारतूस व असलहे बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि चुनाव के चलते असलहे तैयार किए जा रहे थे। सीओ कायमगंज सोहराब आलम ने पूरे मामले का खुलासा किया।
सीओ ने बताया कि सटीक सूचना पर शुक्रवार सुबह गांव गूजरपुर स्थित प्रेमपाल के सरसों के खेत में दबिश दी गई। जहां पर अवैध असलहा फैक्टरी चलती पाई गई। मौके से 10 तमंचे 12 बोर,15 तमंचे 315 बोर, एक देसी बंदूक, 10 अधबने तमंचे, कारतूस व उनके खोखे के अलावा असलहे बनाने के उपकरण भी मिले। प्रेमसिंह, ब्रजेश कठेरिया निवासी गूजरपुर व अवधेश निवासी नाजिर नगला थाना कंपिल को भी मौके से पकड़ा गया है।
सीओ के मुताबिक प्रेमसिंह ही फैक्टरी संचालक है और वह पहले भी जेल जा चुका है, जबकि ब्रजेश पर कंपिल थाने में दुष्कर्म सहित आर्म्स एक्ट के व अवधेश पर कंपिल और जिला कासगंज में महिला को अगवा करने, आर्म्स एक्ट के तीन मामले दर्ज हैं। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गय है। दबिश देने वाली टीम में कंपिल थानाध्यक्ष दिग्विजय सिंह व एसओजी प्रभारी बलराज भाटी शामिल रहे।
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तिरपाल तानकर चल रही थी फैक्टरी
पुलिस के मुताबिक खेत पर तिरपाल तानकर फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, जबकि तैयार असलहे फैक्टरी से कुछ दूरी पर रखे जाते थे। सर्विलांस की मदद से पुलिस को फैक्ट्री की जानकारी हुई। सीओ ने बताया कि बड़े पैमाने पर हथियारों की सप्लाई की तैयारी थी।
पांच में तमंचा, पंद्रह हजार में बेचते थे रायफल
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि असलहों की बिक्री आसपास के जनपद एटा, शाहजहांपुर, बदायूं, कासगंज में की जाती थी। तमंचे पांच से छह हजार में, बंदूक दस हजार और राइफल पंद्रह हजार में बिकती थी। पुलिस अब उनके खरीदारों का भी पता कर रही है।
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सीओ ने बताया कि सटीक सूचना पर शुक्रवार सुबह गांव गूजरपुर स्थित प्रेमपाल के सरसों के खेत में दबिश दी गई। जहां पर अवैध असलहा फैक्टरी चलती पाई गई। मौके से 10 तमंचे 12 बोर,15 तमंचे 315 बोर, एक देसी बंदूक, 10 अधबने तमंचे, कारतूस व उनके खोखे के अलावा असलहे बनाने के उपकरण भी मिले। प्रेमसिंह, ब्रजेश कठेरिया निवासी गूजरपुर व अवधेश निवासी नाजिर नगला थाना कंपिल को भी मौके से पकड़ा गया है।
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सीओ के मुताबिक प्रेमसिंह ही फैक्टरी संचालक है और वह पहले भी जेल जा चुका है, जबकि ब्रजेश पर कंपिल थाने में दुष्कर्म सहित आर्म्स एक्ट के व अवधेश पर कंपिल और जिला कासगंज में महिला को अगवा करने, आर्म्स एक्ट के तीन मामले दर्ज हैं। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गय है। दबिश देने वाली टीम में कंपिल थानाध्यक्ष दिग्विजय सिंह व एसओजी प्रभारी बलराज भाटी शामिल रहे।
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तिरपाल तानकर चल रही थी फैक्टरी
पुलिस के मुताबिक खेत पर तिरपाल तानकर फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, जबकि तैयार असलहे फैक्टरी से कुछ दूरी पर रखे जाते थे। सर्विलांस की मदद से पुलिस को फैक्ट्री की जानकारी हुई। सीओ ने बताया कि बड़े पैमाने पर हथियारों की सप्लाई की तैयारी थी।
पांच में तमंचा, पंद्रह हजार में बेचते थे रायफल
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि असलहों की बिक्री आसपास के जनपद एटा, शाहजहांपुर, बदायूं, कासगंज में की जाती थी। तमंचे पांच से छह हजार में, बंदूक दस हजार और राइफल पंद्रह हजार में बिकती थी। पुलिस अब उनके खरीदारों का भी पता कर रही है।

आरोपी ब्रजेश कठेरिया। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

आरोपी अवधेश यादव। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD