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Farrukhabad News: कम फसल से इस बार वजनदार व स्वाद में बेजोड़ होगा आम

Thu, 16 May 2024 03:22 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 May 2024 03:22 AM IST
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This time due to less crop, mango will be weighty and unmatched in taste.
कायमगंज। पिछले साल की तुलना में आम के पेड़ों पर इस बार 50 फीसदी ही बौर आया है। पिछले दिनों आई आंधी में करीब 15 फीसदी फसल गिर गई। बागवान करने वाले इस साल आम महंगा बिकने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं, फसल घटने से आम का स्वाद बेहतर होने की बात कही जा रही है।
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मैंगो बेल्ट के नाम से मशहूर कायमगंज क्षेत्र के आम के बागों में पिछले वर्ष भरपूर फसल आई थी। आंधी, पानी आने व अनुकूल मौसम न मिलने के बावजूद बंपर फसल की पैदावार हुई। बागवानों को अच्छा मुनाफा भी हुआ था। इस साल आम के बागों में शुरू से ही बौर कम दिखाई दिया। बहुत से बागों में बौर निकलने से पहले डालियों पर किल्ली निकल आई। इससे आम के छंटान में कमी आई। बागवानों का मानना है कि इस वर्ष 50 फीसदी फसल आई है। पिछले सप्ताह आंधी आने से बागों में करीब 15 फीसदी कच्ची फसल गिर गई। यह आम बीनने में भी नहीं आया। बागवानों का कहना है कि गिरे हुए कच्चे आम बीनकर बेचने में मजदूरी भी नहीं निकल रही थी। फिलहाल बागों में करीब 35 फीसदी फसल है। फसल कम होने से इस बार आम के दाम में उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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आम की पौध करने वालों का मानना है कि फसल कम होने से इस बार आम वजनदार व स्वाद में बेजोड़ होगा। आम के बढ़े कारोबारी रफी खां ने बताया कि आमतौर पर बागों में एक वर्ष छोड़कर फसल की बंपर पैदावार होती है। कम फसल आने पर आम वजनदार व रसीला होता है। इस साल आम दो गुने रेट में बिकने की उम्मीद है। मद्रास से आने वाला आम पिछले वर्ष की तुलना में दो गुने रेट में बिक रहा है।
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बागवान फहीम खां ने बताया इस साल फसल कम होने से बागों में लागत में कमी आई है। बागवान अच्छे रेट व वजनदार आम के भरोसे हैं। आम बढ़वार पर है। करीब 10 दिन बाद दशहरी आम तैयार हो जाएगा।

कृषि वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार ने बताया कि इस क्षेत्र में आम्रपाली व मलिका आम की वैराइटी नहीं है। यह रेगुलर वियरिंग वैरायटी कहलाती है। इसकी हर साल बराबर पैदावार होती है। यहां पुरानी वैरायटी दशहरी, लंगड़ा, चौसा आदि की बागात है। जलवायु के परिवर्तन से इसमें एक साल कम एक साल ज्यादा फसल आती है। जिस साल कम फसल आती है उस साल पेड़ को पर्याप्त प्रोटीन मिलता है। इससे फल वजनदार और रसीला होता है।
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