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Farrukhabad News: अनुमति की आड़ में खोद दिए गए मौत के गहरे गड्ढे

Tue, 29 Sep 2026 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:51 AM IST
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Deep, deadly pits dug under the guise of permission.
फर्रुखाबाद/कायमगंज। ईंट-भट्ठों के लिए मिट्टी खनन की अनुमति की आड़ में मानकों से अधिक गहराई तक जेसीबी से खोदाई कराई जाती है। जिम्मेदार जान कर भी अनजान बन रहे हैं। इसके पीछे कई वजह है, जिसके चलते जहां भी भट्ठे के लिए मिट्टी उठाई जाती है, वहां छह मीटर से अधिक गहरे गड्ढे नजर आते हैं। बारिश के बाद इनमें पानी भरने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। रविवार को कलाखेल के पास ऐसे ही गड्ढे में डूबकर दो बच्चों की मौत हो गई थी।
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गांव कटरा रहमत खां निवासी राजपाल यादव के पुत्र मोनू (10) और विनोद सक्सेना के पुत्र सूरज (12) की रविवार को खनन के गड्ढे में भरे पानी में डूबने से मौत हुई थी। इसके बाद क्षेत्र में हो रहे मिट्टी खनन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अताईपुर रोड से जौरा, पट्टिया, मुड़ौल, टिलियां, अचरा रोड और रुदायन तक कई भट्ठों के आसपास खेतों में गहरे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।
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अताईपुर रोड पर दो ईंट-भट्ठे संचालित हैं। ग्रामीणों के अनुसार भट्ठों के लिए आसपास के खेतों से मिट्टी निकालने की अनुमति दो से तीन मीटर तक होती है, लेकिन जेसीबी से इससे कहीं अधिक गहराई तक खोदाई कर दी जाती है। कई स्थानों पर पांच-छह मीटर या इससे अधिक गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद इनमें पानी भरने से बच्चों और पशुओं के लिए खतरा बढ़ गया है।
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भट्ठों के लिए खेत खरीदकर कर रहे गहरी खोदाई

ग्रामीणों का कहना है कि पहले किसान अपने ऊंचे खेतों की मिट्टी भट्ठों को बेचते थे। अब कुछ भट्ठा संचालकों ने खनन के लिए खेत खरीदना शुरू कर दिया है। खेत खरीदने के बाद जेसीबी से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकालकर गहरे गड्ढे छोड़ दिए जाते हैं। कलाखेल में जिस गड्ढे में दोनों बच्चों की मौत हुई, ग्रामीणों के अनुसार वह खेत भी भट्ठा संचालक ने खरीदा था।

दो बच्चों की मौत के बाद जांच के लिए टीम गठित

एसडीएम अभिषेक वर्मा ने खनन से बने गड्ढों की जांच के लिए तहसीलदार अरविंद कुमार, नायब तहसीलदार और दो राजस्व निरीक्षकों की टीम गठित की है। क्षेत्र में खनन से बने सभी गड्ढों की जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर आवश्यक कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि मृत बच्चों के परिवारों को सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिले में इन दिनों खनन अधिकारी की तैनाती नहीं है। इससे खनन संबंधित काम की जिम्मेदारी एसडीएम न्यायिक सचिन वर्मा के पास है। उनसे इस संदर्भ में जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में वह फाइल देखकर ही कुछ बता सकते हैं। वह यह स्पष्ट नहीं कर सके कि भट्ठा संचालकों को कितनी गहराई तक खनन करने की अनुमति दी जाती है।


पहले भी जा चुकी हैं खनन के गड्ढों में डूबने से जानें

फोटो-12 मोहम्मदाबाद में नवोदय विद्यालय के पीछे खनन से बने गड्ढों में भरा पानी। संवाद

फोटो-13 नवाबगंज के वीरपुर में खनन से खेत हुए गड्ढे में भरा पानी। संवाद

संवाद न्यूज एजेंसी

नवाबगंज/मोहम्मदाबाद। थाना क्षेत्र के गांव खटा जाने वाले मार्ग तथा नवोदय विद्यालय के पीछे अवैध रूप से खनन की गई मिट्टी के बाद 10 से 20 फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। लगातार होने वाली बारिश से मिट्टी खनन के बाद हुए गड्ढों में लबालब पानी भरा है। करीब दो वर्ष पूर्व बकरी चराने गईं कैथन नगला निवासी दो लड़कियों की इन्हीं गड्ढों में डूबने से मौत हो गई थी। आसपास क्षेत्र के लोग अपने मवेशी चराने वहां पहुंचते हैं। इससे वहां खतरा बना रहता है। नवाबगंज के गांव सलेमपुर त्यौरी निवासी अरुण (14) व अंशुल (12) 2 जुलाई 2023 को पिता कुंवर पाल से मिलने खेत पर जा रहे थे। इस दौरान वीरपुर में बंद पड़े भट्ठे के पास मेड़ पर पैर फिसलने से दोनों भाई मिट्टी खनन से हुए गड्ढे में भरे पानी में डूब गए थे। दोनों की मौत हो गई। कुंवरपाल की तहरीर पर भट्ठा स्वामी महेश चंद गुप्ता और जयवीर सिंह के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में मानक से चार फीट ज्यादा खोदाई होना पाया गया था। बाद में मुख्यमंत्री राहत कोष से दोनों बच्चों के पिता को 4-4 लाख रुपये के चेक दिए गए थे।
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