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तीसरे दिन भी नहीं पता चला गंगा में डूबे भीमसेन का
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद।
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:19 AM IST
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गंगा में भीमसेन को वोट से तलाशते चौकी इंचार्ज।
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। पिछले तीन दिनों से गंगा में डूबे भीमसेन का शव गोताखोर रविवार को भी बरामद नहीं कर सके हैं। बेटे का शव न मिलने पर उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। भीमसेन की मां अपने बेटे के गम में विक्षिप्त सी हो गई है। बेटे के शव मिलने की राह निहारते-निहारते उसकी आंखें पथरा गई हैं। बेटे के गम में कभी बेसुध हो जाती तो कभी सुध आने पर वह कहने लगती कहां गई मेरे कमाऊ बेटे की माटी।
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गौरतलब है कि एक जुलाई को अमेठी जदीद गांव से आठ दोस्त गंगा नहाने के लिए गए थे। वह गंगा नहाते समय डूब गए। छह को नाविकों ने जीवित निकाल लिया। घटना के दूसरे दिन नेम कुमार का शव बरामद कर लिया गया। भीमसेन का शव अभी बरामद नहीं हुआ है। गोताखोर तीन दिन से लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन भीमसेन का कहीं अता-पता नहीं चल पा रहा है।
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पति की हत्या के बाद बेटे को पाल-पोसकर बड़ा करने वाली मां श्रीदेवी का रो-रोकर बुरा हाल है। जब भी उसे होश आता तो वह कहती कि कहां गई मेरे कमाऊ बेटे की माटी। उधर, लोग भीमसेन के जीवित या मृत निकल आने के लिए गंगातट पर डेरा डाले हैं। मां को अब भी अपने बेटे के जीवित होने की आस है। चौकी प्रभारी संजय यादव की मौजूदगी में भीमसेन की तलाश जारी है।
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