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घने कोहरे में थमे पहिए, ठिठुरे लोग
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शहर से कायमगंज को जाने वाले मार्ग पर सुबह कोहरे की वजह से चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।
- फोटो : FARRUKHABAD
घने कोहरे ने थामे पहिये, ठिठुरे लोग
फर्रुखाबाद। नए साल का शुभारंभ शुक्रवार को घने कोहरे के साथ हुआ। इससे वाहनों के पहिये थम गए। न्यूनतम तापमान में भले ही पांच डिग्री बढ़ोतरी होकर 8 डिग्री हो गया, मगर ठिठुरन में कमी नहीं आई। दोपहर एक बजे सूर्यदेव के दर्शन हुए, तो लोग धूप में बैठकर राहत पाने की कोशिश करते दिखे। तापमान चढ़ने के बाद भी गलन ने लोगों को बेहाल कर दिया। शाम होते ही शीतलहर से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
गुरुवार को साल का अंतिम दिन सबसे ठंडा रहा। अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 3 डिग्री दर्ज किया गया था। शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाने से 50 मीटर दूर भी नहीं दिख रहा था। वाहन लाइटें जलाकर काफी धीमी गति से चलते दिखे। इस दौरान तेज हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गई। हालांकि अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 8 डिग्री दर्ज किया गया। बरेली-इटावा राजमार्ग, फर्रुखाबाद-कायमगंज मार्ग समेत शहर के अंदर भी लोग काफी धीमी गति से वाहन चलाते दिखे।
अनुपयोगी कपड़े दे जाएं, जरूरतमंद ले जाएं
रोडवेज पर बने रैन बसेरा के पास समाजसेवी नाला मछरट्टा के श्याम, अवनीश अग्निहोत्री, अविरल सिंह ने एक बैनर लगाया। इस पर ‘आवश्यकता अनुसार कपड़े ले जाएं-जरूरतमंदों के लिए दे जाएं’ लिखा है। वे अपने घरों से कपड़े लाए और रख दिए। समाजसेवियों ने कहा, कोई भी व्यक्ति जिनके घर में अनुपयोगी कपड़े पहनने लायक हैं, उन्हें यहां रख दें। ताकि किसी जरूरतमंद के काम आ सकें।
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बच्चे, बुजुर्ग बरतें सावधानी
लोहिया अस्पताल के ईएमओ डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया, सर्दी में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है। हर बार गुनगुने पानी का सेवन करें। चाय में तुलसी के पत्ते और अदरक जरूर डालें। बुजुर्गों को च्यवनप्राश का प्रयोग करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। दमा रोगियों को चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। बीमार होने पर तुरंत अस्पताल में दिखाएं।
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फर्रुखाबाद। नए साल का शुभारंभ शुक्रवार को घने कोहरे के साथ हुआ। इससे वाहनों के पहिये थम गए। न्यूनतम तापमान में भले ही पांच डिग्री बढ़ोतरी होकर 8 डिग्री हो गया, मगर ठिठुरन में कमी नहीं आई। दोपहर एक बजे सूर्यदेव के दर्शन हुए, तो लोग धूप में बैठकर राहत पाने की कोशिश करते दिखे। तापमान चढ़ने के बाद भी गलन ने लोगों को बेहाल कर दिया। शाम होते ही शीतलहर से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
गुरुवार को साल का अंतिम दिन सबसे ठंडा रहा। अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 3 डिग्री दर्ज किया गया था। शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाने से 50 मीटर दूर भी नहीं दिख रहा था। वाहन लाइटें जलाकर काफी धीमी गति से चलते दिखे। इस दौरान तेज हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गई। हालांकि अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 8 डिग्री दर्ज किया गया। बरेली-इटावा राजमार्ग, फर्रुखाबाद-कायमगंज मार्ग समेत शहर के अंदर भी लोग काफी धीमी गति से वाहन चलाते दिखे।
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अनुपयोगी कपड़े दे जाएं, जरूरतमंद ले जाएं
रोडवेज पर बने रैन बसेरा के पास समाजसेवी नाला मछरट्टा के श्याम, अवनीश अग्निहोत्री, अविरल सिंह ने एक बैनर लगाया। इस पर ‘आवश्यकता अनुसार कपड़े ले जाएं-जरूरतमंदों के लिए दे जाएं’ लिखा है। वे अपने घरों से कपड़े लाए और रख दिए। समाजसेवियों ने कहा, कोई भी व्यक्ति जिनके घर में अनुपयोगी कपड़े पहनने लायक हैं, उन्हें यहां रख दें। ताकि किसी जरूरतमंद के काम आ सकें।
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बच्चे, बुजुर्ग बरतें सावधानी
लोहिया अस्पताल के ईएमओ डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया, सर्दी में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है। हर बार गुनगुने पानी का सेवन करें। चाय में तुलसी के पत्ते और अदरक जरूर डालें। बुजुर्गों को च्यवनप्राश का प्रयोग करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। दमा रोगियों को चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। बीमार होने पर तुरंत अस्पताल में दिखाएं।