फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   There 's not much left in the rain

फिर हुई बरसात ने कहीं का न छोड़ा

Tue, 14 Apr 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Tue, 14 Apr 2015 11:30 PM IST
विज्ञापन
There 's not much left in the rain
बेमौसम बरसात ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा है। सोमवार की देर रात और
विज्ञापन
मंगलवार को दोपहर बाद  हुई बरसात ने किसानों को फिर रुला दिया है। सोमवार व मंगलवार की बरसात से किसानों को फिर से करीब 15 से 20 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है। वहीं कई गांवों में अभी तक लेखपाल और राजस्व कर्मी सर्वे करने तक नहीं पहुंचे हैं। जहां गए भी वहां एक जगह बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दी है। 

कोई भी सर्वे करने नहीं आया
अमृतपुर में गांव करनपुरदत्त निवासी रामकुमार सिंह ने बताया कि बरसात और ओलावृष्टि से करीब 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है। फसल की लागत निकलना मुश्किल लग रहा है। कहा कि जब किसानों ने फसल काटकर और खंदाई कर ली। उसके बाद लेखपाल सर्वे करने आए हैं। किसान करनपुरदत्त के निर्भान सिंह, अमृतपुर गांव के जितेंद्र सिंह और गांव दौलतियापुर के

लल्ला सिंह का कहना है कि एक बीघा में बमुश्किल सवा क्विंटल से डेढ़ क्विंटल गेहूं निकल रहा है। एक एकड़ गेहूं बुवाई में सात हजार रुपये का खर्च आया था। लागत भी नहीं निकल पाएगी। सर्वे के नाम पर गांव में कोई नहीं आया है। आसमपुर निवासी प्रेमचंद्र का कहना है कि मौसम खराब होने से तेजी से किसान खंदाई में लगा है लेकिन इतना गेहूं नहीं निकल रहा है कि लागत तक निकल सके।

इस बारिश ने बिगाड़ी 15 फीसदी फसल
शमसाबाद विकास खंड क्षेत्र के गांव बरई निवासी विश्राम सिंह ने बताया कि सोमवार रात बरसात होने से करीब 15 प्रतिशत नुकसान हुआ है। बाली भीगने से कटाई नहीं हो पा रही है। अब गेहूं सूखने के बाद ही कटाई होगी। पिछली बरसात में करीब 40 से 50 प्रतिशत नुकसान हुआ था। चिलसरा निवासी अमर सिंह का कहना है इस बरसात में गेहूं की बाली भीगने के

चलते थ्रेसर में फंस रही हैं। इससे खंदाई में दिक्कत आ रही है। भीगे गेहूं को खेत में फैलाकर सुखा रहे हैं। बरसात में करीब 20 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है। शौकलाल निवासी बरई का कहना है कि  गेहूं भीग गया है। इसे सुखाने में लगे हैं। पिछली बरसात में जहां 40 प्रतिशत गेहूं को नुकसान हुआ था। वहीं इस बार भी 15 से 20 प्रतिशत नुकसान हुआ है। कोई भी राजस्व कर्मी फसल का सर्वे करने नहीं आया है।

फसल भीगने से तीन-चार दिन नहीं होगी खंदाई
नवाबगंज सोमवार रात हुई बरसात से गेहूं पूरी तरह भीग गया है। इसके चलते करीब तीन-चार दिन तक खंदाई नहीं हो सकेगी। करीब 15 प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। मेवाराम निवासी बरतल, हवनलदार, रामआसरे, सुदेश सिंह निवासी

गनीपुर और लक्ष्मन दीक्षित का कहना है कि गेहूं सूखने के बाद बाली काली पड़ जाएगी। अभी तक कोई भी लेखपाल सर्वे करने नहीं आया है। आरोप लगाया कि लेखपालों ने प्रधानों के घर पर बैठकर फसल बर्बादी की हवाई रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को भेज दी है। किसी को कोई मुआवजा भी नहीं मिला है।

पुरानी नुकसानी मिली नहीं और बढ़ा नुकसान
मोहम्मदाबाद में  बेमौसम बरसात से खराब हुई फसल का अभी किसानों को मुआवजा नसीब नहीं हुआ और अब की बरसात से बची हुई फसल भी बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। इलाके के पिपर गांव, मुरास, पट्टीखुर्द, जल्लापुर, ऊगरपुर और मानिकपुर समेत कई गांवों में सोमवार की रात बरसात हुई। इससे खेत में कटा पड़ा गेहूं भीग गया। मंगलवार को दोपहर

बाद दोबारा बरसात होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। मुरहास निवासी रामदुलारे, मानु ठाकुर, पट्टीखुर्द निवासी सुरेन्द्र, ऊगरपुर निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि पूर्व में हुई बरसात में फसल बर्बाद होने का अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। लेखपाल प्रधान व धनवान के घरों में बैठकर सर्वे कर रहे हैं। इस बरसात से मक्का की फसल में रोग, खीरा  अन्य फसल भी बर्बाद होने की कगार पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed