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नक्शबंदिया की खुशबू से महकी महात्मा रामचंद्र की समाधि
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महात्मा रामचंद्र की समाधि पर ध्यान लगाते श्रद्धालु।
- फोटो : FARRUKHABAD
नक्शबंदिया की खुशबू से महकी महात्मा रामचंद्र की समाधि
फर्रुखाबाद। सूफी संत महात्मा रामचंद्र महाराज के सालाना जलसे में दूसरे दिन भी उनके अनुयायियों ने समाधि स्थल पर पहुंच माथा टेका। महिला विकास एवं बाल कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक चंद्रा और पूर्व जिला जज अलका श्रीवास्तव ने जलसे में शिरकत की।
फतेहगढ़ के नवदिया इलाके में चल रहे नक्शबंदिया सिलसिले के गुरु महात्मा रामचंद्र महाराज की समाधि पर सालाना जलसे में आने वालों के बीच मजहब व जाति की कोई दीवार नजर नहीं आई। नक्शबंदिया की सूफीयानी खुशबू से महात्मा रामचंद्र की समाधि महक रही है। समाधि स्थल के चारों ओर उनके अनुयायी रुहानी ताकत से खुद को जोड़ आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए ध्यान में लीन बैठे थे।
जलसे में आने वाले लोगों ने महात्मा रामचंद्र की पौत्रवधू माधुरी सक्सेना से आशीर्वाद लिया और विदा हुए। सामूहिक भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान महात्मा के प्रपौत्र समीर सक्सेना, विनय सक्सेना, प्रदीप विसारिया, सौराज सिंह, नृपेश गुप्ता, गिरीश चंद्र बाथम आदि ने सहयोग किया।
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फर्रुखाबाद। सूफी संत महात्मा रामचंद्र महाराज के सालाना जलसे में दूसरे दिन भी उनके अनुयायियों ने समाधि स्थल पर पहुंच माथा टेका। महिला विकास एवं बाल कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक चंद्रा और पूर्व जिला जज अलका श्रीवास्तव ने जलसे में शिरकत की।
फतेहगढ़ के नवदिया इलाके में चल रहे नक्शबंदिया सिलसिले के गुरु महात्मा रामचंद्र महाराज की समाधि पर सालाना जलसे में आने वालों के बीच मजहब व जाति की कोई दीवार नजर नहीं आई। नक्शबंदिया की सूफीयानी खुशबू से महात्मा रामचंद्र की समाधि महक रही है। समाधि स्थल के चारों ओर उनके अनुयायी रुहानी ताकत से खुद को जोड़ आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए ध्यान में लीन बैठे थे।
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जलसे में आने वाले लोगों ने महात्मा रामचंद्र की पौत्रवधू माधुरी सक्सेना से आशीर्वाद लिया और विदा हुए। सामूहिक भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान महात्मा के प्रपौत्र समीर सक्सेना, विनय सक्सेना, प्रदीप विसारिया, सौराज सिंह, नृपेश गुप्ता, गिरीश चंद्र बाथम आदि ने सहयोग किया।
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