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नाइट विजन कैमरे में बाघ की तस्वीर हुई कैद

Fri, 04 Dec 2020 11:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Dec 2020 11:03 PM IST
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The tiger is not roaming in Amrutpur
नाइट विजन कैमरे में कैद हुई बाघ की तस्वीर। - फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर में तेंदुआ नहीं घूम रहा बाघ
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अमृतपुर। गांव उदयपुर-कंचनपुर में लगाए गए नाइट विजन कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई है। इसके बाद स्पष्ट हो गया है कि ग्रामीणों पर हमला करने वाला तेंदुआ नहीं बाघ है। अफसरों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं बाघ पर नजर रखने को छह टीमों का लगाया गया है। इस बाघ के शाहजहांपुर के खुटार के पास स्थित जंगल से आने की संभावना जताई जा रही है।
अमृतपुर के गांव उदयपुर-कंचनपुर में करीब 15 दिन से तेंदुआ होने से गांव के लोग भयभीत हैं। तीन दिन पूर्व कानपुर से आए मुख्य वन संरक्षक केके सिंह ने डीएफओ पीके उपाध्याय के साथ गांव पहुंच कर पंजे देेखने के बाद तेंदुआ न होने की संभावना जताई थी। हकीकत में कौन सा जानवर है, यह पंजों से स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। उन्होंने जानवर पर नजर रखने को पेड़, बिजली के पोलों पर करीब 25 नाइट विजन कैमरे लगवाए।
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शनिवार सुबह डॉ. आरके सिंह व वन दरोगा उदय प्रताप ने कैमरों को लैपटॉप पर देखा तो कैमरा नंबर 11 में बाघ की तस्वीर दिखाई दी। इससे स्पष्ट हुआ कि तेंदुआ नहीं गांव में गन्ना की फसल में बाघ घूम रहा है। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई। प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव सुनील कुमार पांडेय, चिड़ियाघर कानपुर के डायरेक्टर सुनील चौधरी ने मुख्य वन संरक्षक केके सिंह, डीएफओ पीके उपाध्याय, उप प्रभारी वनाधिकारी बीके सिंह व अन्य अफसरों के साथ गांव पहुंच कर बाघ के पंजों को देखा।
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प्रमुख वन संरक्षक ने कैमरे में कैद हुई बाघ की तस्वीर को उत्तराखंड वन विभाग के अफसरों को भेजने के साथ ही डीएफओ की निगरानी में बाघ पर नजर रखने के लिए छह टीमों का गठन किया है। प्रमुख वन संरक्षक ने बताया कि शाहजहांपुर के खुटार के पास से जंगल शुरू होते हैं, वहीं से बाघ के आने की संभावना है।
पूरे प्रदेश में 173 बाघ हैं। गांव में गन्ना अधिक होने से जंगल जैसी स्थिति है। इससे बाघ को पकड़ने में दिक्कत आएगी। किसानों को चीनी मिल से पर्ची जल्द दिला कर गन्ने की कटाई कराने के लिए डीएम से मांग करेंगे। ताकि बाघ को पकड़ने में सुविधा हो सके। उत्तराखंड से बाघ के लिए डाक्टर और दवा भी मंगाई गई है।

वन विभाग के कर्मचारी के साथ गन्ना काटने जाएं ग्रामीण
अमृतपुर। प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव सुनील कुमार पांडेय ने ग्रामीणों से कहा कि गन्ना पर्ची मिलने पर वह वन विभाग के कर्मचारी को अपने साथ लेकर ही गन्ना काटने जाएं। गांव में कई जगह आग जलाई जाए। कोई भी ग्रामीण अकेले जाने के बजाए कई लोग एकत्र होकर जाएं। खेत में गन्ना काटते समय शोर करते रहें, इससे बाघ पास में नहीं आएगा।
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