{"_id":"664a52710fd5c7027806d614","slug":"the-sun-spewed-fire-the-heat-waves-scorched-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-111522-2024-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: सूरज ने उगली आग, लू के थपेड़ों ने झुलसाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: सूरज ने उगली आग, लू के थपेड़ों ने झुलसाया
Mon, 20 May 2024 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 20 May 2024 12:56 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद/कायमगंज। चिलचिलाती धूप और लू ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भीषण गर्मी से पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। रविवार को तो सूरज की तपिश से आम जनमानस के साथ ही पशु-पक्षियों का भी हाल बेहाल हो गया। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। गांवों में गर्मी से राहत पाने के लिए दोपहर के समय बच्चे नहर के पानी में नहाते मिले।
रविवार सुबह से ही उमस ने लोगों का हाल बुरा कर दिया। शहर में चौक से घुमना बाजार तक लगने वाले संडे बाजार में दोपहर के समय भीड़ काफी कम थी। तापमान बढ़ने से सड़क पर पैदल व बाइक से चलना तक दूभर था। दोपहर में तो धूप में चेहरे जल रहे हैं। रात में भी गर्मी का असर है।
दोपहर एक बजे के बाद तो तेज गर्मी और गर्म हवाओं के बीच लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। लू के थपेड़ों के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकलने में अपनी भलाई समझ रहे हैं, दोपहर में जरूरी काम से घर से बाहर निकलने वाले युवक-युवतियां भी चेहरों पर कपड़े लपेट कर ही निकल रहे है।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि मई के शुरुआती दौर से ही जून जैसी गर्मी शुरू हो गई है। आने वाले समय में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। पारा इस कदर बढ़ रहा है कि दिन में घर से बाहर निकलने का मन ही नहीं करता। पेय पदार्थों के स्टाल पर भीड़ दिखी। कोई नहर के पानी से राहत के पानी नहा रहा तो कोई ट्यूबवेल के पानी का सहारा ले रहा है। सीएचसी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
डॉ. अमरेश कुमार बताते है कि अधिकतर मरीज मौसमी बदलाव, गर्मी, लू, धूल, बुखार आदि से पीड़ित होने पर आ रहे हैं। ऐसी स्थितियों में सभी को धूप से बचाना चाहिए।
विज्ञापन
रविवार सुबह से ही उमस ने लोगों का हाल बुरा कर दिया। शहर में चौक से घुमना बाजार तक लगने वाले संडे बाजार में दोपहर के समय भीड़ काफी कम थी। तापमान बढ़ने से सड़क पर पैदल व बाइक से चलना तक दूभर था। दोपहर में तो धूप में चेहरे जल रहे हैं। रात में भी गर्मी का असर है।
विज्ञापन
दोपहर एक बजे के बाद तो तेज गर्मी और गर्म हवाओं के बीच लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। लू के थपेड़ों के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकलने में अपनी भलाई समझ रहे हैं, दोपहर में जरूरी काम से घर से बाहर निकलने वाले युवक-युवतियां भी चेहरों पर कपड़े लपेट कर ही निकल रहे है।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि मई के शुरुआती दौर से ही जून जैसी गर्मी शुरू हो गई है। आने वाले समय में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। पारा इस कदर बढ़ रहा है कि दिन में घर से बाहर निकलने का मन ही नहीं करता। पेय पदार्थों के स्टाल पर भीड़ दिखी। कोई नहर के पानी से राहत के पानी नहा रहा तो कोई ट्यूबवेल के पानी का सहारा ले रहा है। सीएचसी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
डॉ. अमरेश कुमार बताते है कि अधिकतर मरीज मौसमी बदलाव, गर्मी, लू, धूल, बुखार आदि से पीड़ित होने पर आ रहे हैं। ऐसी स्थितियों में सभी को धूप से बचाना चाहिए।