{"_id":"5900ded34f1c1baf2bc0bdf3","slug":"the-stray-dogs-have-stabbed-the-deer","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवारा कुत्तों ने हिरन को नोच-नोचकर मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवारा कुत्तों ने हिरन को नोच-नोचकर मार डाला
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Wed, 26 Apr 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
ग्रामीणों ने वन विभाग को दी सूचना
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के गांव कोलासोता की कटरी में आवारा कुत्तों ने बुधवार को हिरन को नोच-नोचकर मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन विभाग के रेंजर ने हिरन का पोस्टमार्टम करवाया।
कोलासोता की कटरी से भटकते हुए एक हिरन खेतों की ओर चला आया। हिरन को देखकर आवारा कुत्तों ने उसे नोच-नोचकर मार डाला। उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब यह दृश्य देखा तो कुत्तों को वहां से भगाया और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
जानकारी मिलने पर वन विभाग के रेंजर एसके श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। वन रेंजर के मुताबिक वह हिरन को लेकर जिला मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल आए लेकिन यहां उसका पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद वह हिरन लेकर पशु अस्पताल राजेपुर पहुंचे, जहां पशु चिकित्सक डा. रमेशचंद्र यादव ने हिरन का पोस्टमार्टम किया।
विज्ञापन
डा. रमेशचंद्र यादव नेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेे बताया कि आवारा कुत्तों के हमले से अधिक रक्तस्राव होने से हिरन की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि हिरन की उम्र करीबन तीन साल होगी। हिरन के शव को गड्डे में दफना दिया गया है। उधर डीएफओ देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों जंगलों में पानी की कमी हो गई है। ऐसे में प्यासे जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ निकल रहे हैं।
विज्ञापन
कोलासोता की कटरी से भटकते हुए एक हिरन खेतों की ओर चला आया। हिरन को देखकर आवारा कुत्तों ने उसे नोच-नोचकर मार डाला। उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब यह दृश्य देखा तो कुत्तों को वहां से भगाया और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
विज्ञापन
जानकारी मिलने पर वन विभाग के रेंजर एसके श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। वन रेंजर के मुताबिक वह हिरन को लेकर जिला मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल आए लेकिन यहां उसका पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद वह हिरन लेकर पशु अस्पताल राजेपुर पहुंचे, जहां पशु चिकित्सक डा. रमेशचंद्र यादव ने हिरन का पोस्टमार्टम किया।
विज्ञापन
डा. रमेशचंद्र यादव नेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेे बताया कि आवारा कुत्तों के हमले से अधिक रक्तस्राव होने से हिरन की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि हिरन की उम्र करीबन तीन साल होगी। हिरन के शव को गड्डे में दफना दिया गया है। उधर डीएफओ देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों जंगलों में पानी की कमी हो गई है। ऐसे में प्यासे जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ निकल रहे हैं।