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दूसरे का वोट डाला तो होगी कैद, जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Fri, 17 Feb 2017 11:10 PM IST
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दिव्यांगों ने बिना मदद के मतदान किया
- फोटो : अमर उजाला
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निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव कराने के फरमान के साथ ही जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को चुनावी कानून का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। लिखित निर्देश पत्र थमाकर रटा रहे हैं कि प्रत्याशी या उनके समर्थकों की कौन सी मनमानी किस धारा के तहत अपराध मानी जाएगी और ऐसा करने वालों को क्या-क्या सजा हो सकती है।
जिले में पूर्व मंत्री, निवर्तमान विधायक, पूर्व एमएलसी, निवर्तमान विधायक के पुत्र, पूर्व मंत्री के बेटा, नगर पालिकाध्यक्ष फर्रुखाबाद, की ईओ, सभासद समेत कई लोग आचार संहिता लागू होने के बाद नामांकन के पहले से लेकर अब तक कानून के लपेटे में आ चुके हैं। नियम तोड़ने पर थानों में केस दर्ज कर शिकंजा कसा गया है। अब प्रशासन की नजरें मतदान पर टिकी हैं।
बीते दिनों एक प्रत्याशी ने चुनावी कानून की जानकारी न होने के कारण गलती हो जाने की बात डीएम व एसपी को बताई थी। इसीलिए अब अपराध के दायरे में आने वाली चुनावी हरकतें व उनमें होने वाली सजा के बारे में सरकारी मशीनरी के साथ ही आम पब्लिक को भी जानकारी देकर अलर्ट किया जा रहा है।
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मतदान केंद्रों, बूथों के भ्रमण के दौरान अफसर जनमानस को जागरूक भी कर रहे हैं ताकि कोई उनको बहकाकर कानून न तुड़वा दे। खासकर बुजुर्गों को समझाया जा रहा है ताकि वे अपने परिवार व रिश्तेदारी के अधेड़ व युवाओं को अराजकता करने से रोकें।
धारा 171 डी व 171 एफ : किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से वोट डालना अपराध है। इसके लिए एक वर्ष का कारावास या दंड अथवा दोनों की सजा का प्रावधान है।
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धारा 171 बी : गलत वोट डालने अथवा डलवाने के लिए रिश्वत देना भी अपराध है। इसके लिए एक वर्ष की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
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धारा 171 जी : विपक्षी उम्मीदवार के व्यक्तिगत चरित्र एवं आचरण के संबंध में झूठा बयान देने पर अर्थदंड की सजा निर्धारित है।
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धारा 125 : चुनाव के दौरान वर्गों के बीच धर्म, जाति, संप्रदाय, भाषा के आधार पर शत्रुता, घृणा की भावना उत्पन्न करना या कोशिश करना भी अपराध है। ऐसा करने वाले को तीन वर्ष की कैद, जुर्माना या दोनों से दंडित करने का प्रावधान है।
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धारा 126 : मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय समाप्त होने के 48 घंटे पहले सार्वजनिक सभा, जुलूस, टीवी आदि के माध्यम या संगीत आदि के जरिये जनता के समक्ष प्रचार करना भी अपराध है। इसमें दो वर्ष कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
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धारा 135 क : बूथ कैप्चरिंग करना इस धारा के तहत अपराध है। इसमें एक से तीन वर्ष तक की सजा आम आदमी को होगी। सरकारी आदमी यह क्राइम करता है तो उसे 3 से 5 वर्ष की कैद व आर्थिक दंड का प्रावधान है।
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धारा 134 ख : मतदान केंद्र या इसके निकट अवैध रूप से शस्त्र का प्रदर्शन करने पर अर्थदंड, दो वर्ष या दोनों सजा देने का प्रावधान है।
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जिले में पूर्व मंत्री, निवर्तमान विधायक, पूर्व एमएलसी, निवर्तमान विधायक के पुत्र, पूर्व मंत्री के बेटा, नगर पालिकाध्यक्ष फर्रुखाबाद, की ईओ, सभासद समेत कई लोग आचार संहिता लागू होने के बाद नामांकन के पहले से लेकर अब तक कानून के लपेटे में आ चुके हैं। नियम तोड़ने पर थानों में केस दर्ज कर शिकंजा कसा गया है। अब प्रशासन की नजरें मतदान पर टिकी हैं।
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बीते दिनों एक प्रत्याशी ने चुनावी कानून की जानकारी न होने के कारण गलती हो जाने की बात डीएम व एसपी को बताई थी। इसीलिए अब अपराध के दायरे में आने वाली चुनावी हरकतें व उनमें होने वाली सजा के बारे में सरकारी मशीनरी के साथ ही आम पब्लिक को भी जानकारी देकर अलर्ट किया जा रहा है।
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मतदान केंद्रों, बूथों के भ्रमण के दौरान अफसर जनमानस को जागरूक भी कर रहे हैं ताकि कोई उनको बहकाकर कानून न तुड़वा दे। खासकर बुजुर्गों को समझाया जा रहा है ताकि वे अपने परिवार व रिश्तेदारी के अधेड़ व युवाओं को अराजकता करने से रोकें।
धारा 171 डी व 171 एफ : किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से वोट डालना अपराध है। इसके लिए एक वर्ष का कारावास या दंड अथवा दोनों की सजा का प्रावधान है।
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धारा 171 बी : गलत वोट डालने अथवा डलवाने के लिए रिश्वत देना भी अपराध है। इसके लिए एक वर्ष की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
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धारा 171 जी : विपक्षी उम्मीदवार के व्यक्तिगत चरित्र एवं आचरण के संबंध में झूठा बयान देने पर अर्थदंड की सजा निर्धारित है।
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धारा 125 : चुनाव के दौरान वर्गों के बीच धर्म, जाति, संप्रदाय, भाषा के आधार पर शत्रुता, घृणा की भावना उत्पन्न करना या कोशिश करना भी अपराध है। ऐसा करने वाले को तीन वर्ष की कैद, जुर्माना या दोनों से दंडित करने का प्रावधान है।
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धारा 126 : मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय समाप्त होने के 48 घंटे पहले सार्वजनिक सभा, जुलूस, टीवी आदि के माध्यम या संगीत आदि के जरिये जनता के समक्ष प्रचार करना भी अपराध है। इसमें दो वर्ष कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
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धारा 135 क : बूथ कैप्चरिंग करना इस धारा के तहत अपराध है। इसमें एक से तीन वर्ष तक की सजा आम आदमी को होगी। सरकारी आदमी यह क्राइम करता है तो उसे 3 से 5 वर्ष की कैद व आर्थिक दंड का प्रावधान है।
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धारा 134 ख : मतदान केंद्र या इसके निकट अवैध रूप से शस्त्र का प्रदर्शन करने पर अर्थदंड, दो वर्ष या दोनों सजा देने का प्रावधान है।