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किराए जर्जर भवनों में चल रहे हैं मौत के स्कूल

Tue, 07 Apr 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Tue, 07 Apr 2015 11:44 PM IST
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The school buildings are in shabby rented death
शहर में किराए के जर्जर मकानों में चल रहे स्कूलों में पढ़ने वालों की
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जिंदगी खतरे में है। कोई हादसा हुआ तो इनकी और पढ़ाने वाले शिक्षकों की जान पर बन सकती है।आंधी, तूफान और बरसात में बच्चों और इनके अभिभावकों की धुकधुकी बढ़
जाती है। हाकिमों की इन पर नजर नहीं है।  स्कूल चलो अभियान, बच्चों के ज्यादा से ज्यादा दाखिला कराने के लिए इन्होंने  खूब भागदौड़ कराई। बच्चों की जान की इन्हें कतई परवाह नहीं है। यह स्कूल पूरी बेसिक शिक्षा व्यवस्था पर स्याह दाग हैं।

प्राइमरी स्कूल, भाऊटोला
शहर के मोहल्ला भाऊटोला में वर्ष 1965 में राधेश्याम के आवास को  किराए पर लेकर प्राथमिक विद्यालय खोला गया । राधेश्याम की मृत्यु होने के बाद परिवार के सदस्यों ने स्कूल को अपनी पास की जगह में स्थानांतरित कर दिया। विद्यालय में एक कमरा, थोड़ा सा आंगन है। इसमें नीम का पेड़ लगा  है। विद्यालय के कमरे की दीवारें, छत चटक गई है।  बच्चों पर

हर समय मौत का खतरा मंडराता है।  शिक्षिका शमीम बेगम जैदी, शिक्षामित्र रेखा देवी बच्चों को बाहर पेड़ की छांव में पढ़ाती हैं।  विद्यालय में 49 बच्चे पंजीकृत हैं। डर  से 25 से 35 बच्चे ही रोज  पढ़ने आते है। बच्चों के लिए शौचालय,

पेशाब घर नहीं है। पानी के लिए नौनिहालों को बाहर मोहल्ले में लगे सरकारी नल का सहारा लेना पड़ता है। एमडीएम योजना के तहत प्रधानाध्यापिका अपने घर पर बच्चों के लिए भोजन पकवाने के बाद वितरण कराती हैं। प्रधानाध्यापिका शमीम बेगम जैदी का कहना है कि एक कमरा है। यह जर्जर है। कभी भी ढह सकता है।

कन्या प्राइमरी स्कूल, तलैया फजल
कन्या प्राइमरी स्कूल तलैया फजल किराए के भवन में चल रहा है। यह यहां 1954 से संचालित  है। स्कूल तक पहुंचने में बच्चों को खासी मुसीबत उठानी पड़ती है। रास्ते में पानी भरा है। इसमें पड़े पत्थरों पर चढ़कर बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। जरा सी असावधानी में यह पानी में गिर कर कपड़े भिगो बैठते। यहां दो कमरे हैं। दोनों खस्ताहाल हैं। दीवारें जर्जर हैं। इससे

टीन शेड में बैठकर बच्चे पढ़ते हैं। टीन में न धूप से बचाव होता और न ही तेज हवाओं का। यहां शौचालय व पेशाबघर नहीं है। यहीं पर प्राइमरी स्कूल बालक चल रहा है।  कन्या प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका रीता पांडेय ने बताया

कि विद्यालय में 60 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें 22 उपस्थित हुए।  प्राथमिक विद्यालय बालक की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मनीषा राजपूत ने बताया कि 42 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 18 उपस्थित हुए।  बच्चों को शौचालय व ट्वायलेट के लिए घर जाना पड़ता है। यही हाल पेयजल का है। एमडीएम  चूल्हे पर बनवाया जाता है।

क्या कहते जिम्मेदार
नगर क्षेत्र में किराए के भवनों पर चले रहे स्कूलों का सर्वे करने का आदेश नगर शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक निर्माण को दिया है। जिन स्कूलों के भवन जर्जर हो गए हैं। उन स्कूलों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
योगराज सिंह ,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

विद्यालयों के हालत की पत्रावली कर रहे तैयार
नगर क्षेत्र के किराए भवनों के जर्जर भवनों की जांच शुरू कर दी है। सर्वे रिपेार्ट की पत्रावली तैयार की जा रही है। यह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी।
अनिल शर्मा, प्रभारी नगर शिक्षा अधिकारी
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