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पंचायत चुनाव ने मनरेगा को किया ठंडा
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:07 AM IST
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फर्रुखाबाद। पंचायत चुनाव ने मनरेगा योजना को ठंडा कर दिया था। सितंबर में 146 ग्राम पंचायतों ने ही काम कराया। अक्टूबर में काम कराने वाली ग्राम पंचायतों की संख्या घटकर 50 पहुंच गई। बुधवार को 21 ग्राम पंचायतों में ही काम चल रहा था।
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जिले में 512 ग्राम पंचायतें हैं। सितंबर में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। अधिकारी, कर्मचारी और ग्राम प्रधान पंचायत चुनाव में जुट गए। अनदेखी से ग्राम पंचायतों में काम होना बंद होने लगा। सितंबर में औसतन 146 ग्राम पंचायतों ने काम कराया।
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अक्टूबर में नामांकन और मतदान कराया गया। इस माह 96 ग्राम पंचायतें और सुस्त हो गईं। यहां काम ठप हो गया। औसतन 50 ग्राम पंचायतों ने ही काम कराया। मतगणना के बाद भी काम बेटपरी है। बुधवार को 491 ग्राम पंचायतों में काम बंद था। 21 ग्राम पंचायतों में ही काम चल रहा था। मनरेगा से काम बंद होने पर गांव के लोगों को रोजगार के लिए शहर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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पूरा नहीं हुआ बजट का टारगेट
1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक मनरेगा में 21 करोड़ 15 लाख रुपये खर्च होना था। इस अवधि तक 13 करोड़ 27 लाख रुपये ही खर्च हो पाए।
22649 परिवारों को ही काम
मनरेगा के तहत एक लाख 27 हजार 856 जॉब कार्डधारक हैं। एक परिवार को 100 दिन का काम दिया जाना है। अब तक 140 परिवारों को ही 100 दिन का काम मिल पाया। एक अप्रैल से 31 अक्टूबर तक 22649 परिवारों को काम मिला।
मनरेगा से सभी ग्राम पंचायतों में काम होना चाहिए। इसके लिए सभी को हिदायत दी जा चुकी है। लापरवाही बरते जाने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डा. डीआर विश्वकर्मा, प्रभारी डीसी मनरेगा