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नदी की धारा मोड़े बिना नहीं रुकेगी कटान
अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:47 PM IST
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कटान देखतीं जिलाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिलाधिकारी मोनिका रानी शनिवार को रामगंगा की कटान से प्रभावित गांवों में पहुंचकर वहां के हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्हाेंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से इस समस्या के स्थायी समाधान के बारे में जानकारी ली। उन्हाेंने एसडीएम को तत्काल गांव खाली करवाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों को राहत सामग्री बांटी। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी की गाड़ी रोककर उनसे ग्राम प्रधान व कोटेदार की शिकायत की।
शुनिवार दोपहर में डीएम सबसे पहले अहलादपुर भटौली गांव पहुंची। यहां उन्होंने रामगंगा नदी की कटान देखी और ग्रामीणों से गांव के हालात पर चर्चा की। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से कटान रोकने के बारे जानकारी ली। जिस पर अधिकारी ने बताया कि पिछले साल यहां एक नाला खोदा गया था, लेकिन यह बेकार हो गया है। गंगा की धार को मोड़ा नहीं जा सका। परियोजना बना कर शासन को भेजी गई है। डीएम ने सीडीओ अपूर्वा दुबे से गांव का सर्वे कराकर सूची बनाने व ग्रामीणों को आवास दिलाने को कहा। ग्राम पंचायत अधिकारी देव शर्मा ने बताया सूची बना कर भेज दी गई है।
सीडीओ अपूर्वा दुबे ने बताया है कि 19 लोगों की सूची बनाई गई है। अन्य जगहों पर भी सर्वे कराया जाएगा। डीएम ने अमृतपुर के एसडीएम रमेश चंद्र यादव को गांव खाली कराने के निर्देश देते हुए सभी ग्रामीणों के रहने के लिए जूनियर हाईस्कूल व प्राथमिक स्कूल में व्यवस्था कराने के आदेश दिए। दो किलोमीटर दूर करनपुर दत्त विद्यालय में राहत कैंप बनाने का प्रस्ताव दिया। रविवार से वहां वाटर प्रूफ टेंट लगवाकर खाना बनवाने के निर्देश दिए। गांव में सोलर लाइटें लगाने व राशन वितरण के आदेश दिए। इस दौरान अधिशासी अभियंता ने बताया कि ग्रामीणों की 123 हेक्टेयर जमीन कट गई है। जिस पर डीएम ने जमीन का दावा भरवाने के निर्देश दिए। उन्होंने 40 लोगों को बाढ़ राहत सामग्री बांटी। इसके बाद वो कोला सोता गांव पहुंचीं।
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यहां उन्होंने वर्ष 2010 में आई बाढ़ के बारे में जानकारी ली। अधिशासी अभियंता ने बताया कि यहां की भी परियोजना बनाकर भेजी गई है। इस दौरान ग्रामीणों ने उनसे मांग की कि नदी की धारा को मोड़ दिया जाए नहीं तो हमारा गांव कट जाएगा। इस दौरान सीडीओ, कृषि अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, वीडीओ, सिंचाई विभाग के अधिसासी अभियंता सुशील कुमार, एसडीएम अमृतपुर, तहसीलदार सदर प्रदीप कुमार, एडीएम आदि मौजूद रहे। मेडिकल टीम ने भी गांव में दवाओं का वितरण किया। डीएम से कोला सोता निवासी कुरेंद्र पाल, रक्षपाल, पप्पू, सुरेश चंद्र, राजेश ने कोटेदार की शिकायत करते हुए बताया कि यहां पर राशन, केरोसिन आदि नहीं बांटा जाता है।
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शुनिवार दोपहर में डीएम सबसे पहले अहलादपुर भटौली गांव पहुंची। यहां उन्होंने रामगंगा नदी की कटान देखी और ग्रामीणों से गांव के हालात पर चर्चा की। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से कटान रोकने के बारे जानकारी ली। जिस पर अधिकारी ने बताया कि पिछले साल यहां एक नाला खोदा गया था, लेकिन यह बेकार हो गया है। गंगा की धार को मोड़ा नहीं जा सका। परियोजना बना कर शासन को भेजी गई है। डीएम ने सीडीओ अपूर्वा दुबे से गांव का सर्वे कराकर सूची बनाने व ग्रामीणों को आवास दिलाने को कहा। ग्राम पंचायत अधिकारी देव शर्मा ने बताया सूची बना कर भेज दी गई है।
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सीडीओ अपूर्वा दुबे ने बताया है कि 19 लोगों की सूची बनाई गई है। अन्य जगहों पर भी सर्वे कराया जाएगा। डीएम ने अमृतपुर के एसडीएम रमेश चंद्र यादव को गांव खाली कराने के निर्देश देते हुए सभी ग्रामीणों के रहने के लिए जूनियर हाईस्कूल व प्राथमिक स्कूल में व्यवस्था कराने के आदेश दिए। दो किलोमीटर दूर करनपुर दत्त विद्यालय में राहत कैंप बनाने का प्रस्ताव दिया। रविवार से वहां वाटर प्रूफ टेंट लगवाकर खाना बनवाने के निर्देश दिए। गांव में सोलर लाइटें लगाने व राशन वितरण के आदेश दिए। इस दौरान अधिशासी अभियंता ने बताया कि ग्रामीणों की 123 हेक्टेयर जमीन कट गई है। जिस पर डीएम ने जमीन का दावा भरवाने के निर्देश दिए। उन्होंने 40 लोगों को बाढ़ राहत सामग्री बांटी। इसके बाद वो कोला सोता गांव पहुंचीं।
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यहां उन्होंने वर्ष 2010 में आई बाढ़ के बारे में जानकारी ली। अधिशासी अभियंता ने बताया कि यहां की भी परियोजना बनाकर भेजी गई है। इस दौरान ग्रामीणों ने उनसे मांग की कि नदी की धारा को मोड़ दिया जाए नहीं तो हमारा गांव कट जाएगा। इस दौरान सीडीओ, कृषि अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, वीडीओ, सिंचाई विभाग के अधिसासी अभियंता सुशील कुमार, एसडीएम अमृतपुर, तहसीलदार सदर प्रदीप कुमार, एडीएम आदि मौजूद रहे। मेडिकल टीम ने भी गांव में दवाओं का वितरण किया। डीएम से कोला सोता निवासी कुरेंद्र पाल, रक्षपाल, पप्पू, सुरेश चंद्र, राजेश ने कोटेदार की शिकायत करते हुए बताया कि यहां पर राशन, केरोसिन आदि नहीं बांटा जाता है।