{"_id":"653c0ac4fedd237ee001c725","slug":"the-responsibility-of-taking-patients-to-hospital-on-push-ambulance-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-4456-2023-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: धक्का मार एंबुलेंस पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: धक्का मार एंबुलेंस पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा
विज्ञापन
कायमगंज। सीएचसी में प्रसूताओं को लाने व ले जाने के लिए तैनात 102 एंबुलेंस इन दिनों खुद बीमार हो गई है। गेट पर खड़ी एंबुलेंस सेल्फ से स्टार्ट नहीं हुई तो स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे काफी दूर तक धक्का लगाया, इसके बाद वह स्टार्ट होकर आगे बढ़ सकी। विभाग की ओर से फिटनेस न होने के कारण मरीजों की जान को खतरा बना हुआ है।
शुक्रवार को सीएचसी गेट पर मरीजों के तीमारदार की कॉल के इंतजार में खड़ी थी। सुबह करीब 11 बजे मरीज लाने के लिए कॉल आई तो एंबुलेंस के चालक ने मरीज को लाने के लिए एंबुलेंस को स्टार्ट किया। काफी प्रयास के बावजूद एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई। मजबूरन चालक 2-3 कर्मचारी बुलाकर लाया। इसके बाद धक्का मारकर एंबुलेंस स्टार्ट की गई। एंबुलेंस स्टार्ट करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान तहसील रोड पर जाम लग गया। सरकार ने एंबुलेंस की व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिए चालू की है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते इसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। ऐसे में खराब एंबुलेंस से मरीज को लाना व ले जाना खतरे से कम नहीं है। विभाग फिटनेस की ओर ध्यान नहीं देता है।
चिकित्साधीक्षक डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि एंबुलेंस धक्के से स्टार्ट हुई इसकी उन्हें जानकारी है। उसमें कोई तकनीकी खराबी होने से स्टार्ट नहीं हुई, तो धक्का लगाना पड़ा। वैसे एंबुलेंस की देखरेख व फिटनेस व संचालन की जिम्मेदारी लखनऊ की जीबीके कंपनी की है। कंपनी के कोआर्डिनेटर जिले पर रहते हैं। इस मामले में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर फिटनेस व मरम्मत के लिए जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को सीएचसी गेट पर मरीजों के तीमारदार की कॉल के इंतजार में खड़ी थी। सुबह करीब 11 बजे मरीज लाने के लिए कॉल आई तो एंबुलेंस के चालक ने मरीज को लाने के लिए एंबुलेंस को स्टार्ट किया। काफी प्रयास के बावजूद एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई। मजबूरन चालक 2-3 कर्मचारी बुलाकर लाया। इसके बाद धक्का मारकर एंबुलेंस स्टार्ट की गई। एंबुलेंस स्टार्ट करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान तहसील रोड पर जाम लग गया। सरकार ने एंबुलेंस की व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिए चालू की है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते इसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। ऐसे में खराब एंबुलेंस से मरीज को लाना व ले जाना खतरे से कम नहीं है। विभाग फिटनेस की ओर ध्यान नहीं देता है।
विज्ञापन
चिकित्साधीक्षक डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि एंबुलेंस धक्के से स्टार्ट हुई इसकी उन्हें जानकारी है। उसमें कोई तकनीकी खराबी होने से स्टार्ट नहीं हुई, तो धक्का लगाना पड़ा। वैसे एंबुलेंस की देखरेख व फिटनेस व संचालन की जिम्मेदारी लखनऊ की जीबीके कंपनी की है। कंपनी के कोआर्डिनेटर जिले पर रहते हैं। इस मामले में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर फिटनेस व मरम्मत के लिए जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन