{"_id":"63446e1c1644c179d71c082a","slug":"the-rain-increased-the-uneasiness-of-farmers-and-traders-farrukhabad-news-knp722589715","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक, जीविका पर भी संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक, जीविका पर भी संकट
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। बारिश से सोमवार को जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। खेत जलमग्न होने पर फसल सड़ने का खतरा बना हुआ है। वहीं दैनिक मजदूरी करने वालों की जीविका पर लगातार पांच दिनों से हो रही बारिश से संकट छा गया है।
पांच दिनों से हो रही बारिश से शहर से लेकर गांव तक की गलियों में जलभराव है। बिजली व्यवस्था भी चरमराई हुई है। इधर सोमवार को बारिश से शहर के मोहल्ला भीकमपुरा, बीबीगंज, गढ़ी मुशर्रफ खां आदि में जलभराव हो गया।
कमालगंज क्षेत्र के गांव राजेपुर सरायमेदा निवासी किसान चुन्ना ने बताया कि उन्होंने पांच बीघा खेत में आलू बोये थे। खेत में बारिश का पानी भरने से बीज सड़ने की आशंका है। इससे मेहनत व लागत पर पानी फिरना तय है। अब मौसम साफ होने पर वह दोबारा आलू की बुआई करेंगे।
विज्ञापन
शहर के नेहरू रोड स्थित कपड़ा व्यापारी रावेंद्र भाटिया, सर्राफ सूरज अग्निहोत्री ने बताया कि बारिश से बाजार में सन्नाटा पसरा है। मौसम खराब होने से बिक्री नहीं हो रही। इससे दुकान का खर्च भी निकलना मुश्किल है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई में 14.26 मिलीमीटर (मिमी.), अगस्त में 39.33 मिमी., सितंबर में सर्वाधिक 59.23 मिमी. वर्षा रिकार्ड की गई। मुख्यालय के रिकार्ड के अनुसार जनपद में सात अक्तूबर को औसतन बारिश 3.43 मिमी., आठ को 12.37 मिमी., नौ को 18.16 मिमी. और सोमवार को 15.56 मिमी. हुई है।
विज्ञापन
पांच दिनों से हो रही बारिश से शहर से लेकर गांव तक की गलियों में जलभराव है। बिजली व्यवस्था भी चरमराई हुई है। इधर सोमवार को बारिश से शहर के मोहल्ला भीकमपुरा, बीबीगंज, गढ़ी मुशर्रफ खां आदि में जलभराव हो गया।
विज्ञापन
कमालगंज क्षेत्र के गांव राजेपुर सरायमेदा निवासी किसान चुन्ना ने बताया कि उन्होंने पांच बीघा खेत में आलू बोये थे। खेत में बारिश का पानी भरने से बीज सड़ने की आशंका है। इससे मेहनत व लागत पर पानी फिरना तय है। अब मौसम साफ होने पर वह दोबारा आलू की बुआई करेंगे।
विज्ञापन
शहर के नेहरू रोड स्थित कपड़ा व्यापारी रावेंद्र भाटिया, सर्राफ सूरज अग्निहोत्री ने बताया कि बारिश से बाजार में सन्नाटा पसरा है। मौसम खराब होने से बिक्री नहीं हो रही। इससे दुकान का खर्च भी निकलना मुश्किल है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई में 14.26 मिलीमीटर (मिमी.), अगस्त में 39.33 मिमी., सितंबर में सर्वाधिक 59.23 मिमी. वर्षा रिकार्ड की गई। मुख्यालय के रिकार्ड के अनुसार जनपद में सात अक्तूबर को औसतन बारिश 3.43 मिमी., आठ को 12.37 मिमी., नौ को 18.16 मिमी. और सोमवार को 15.56 मिमी. हुई है।