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Farrukhabad News: जैसी लगी दुकान... वैसा रेट, यह है थाना कादरीगेट

Sat, 25 Jan 2025 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2025 12:00 AM IST
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The price of the shop is the same, this is the police station Kadrigate
बढ़पुर ​स्थित फुटपाथ पर लगी गर्म कपड़े की दुकान।  - फोटो : बढ़पुर ​स्थित फुटपाथ पर लगी गर्म कपड़े की दुकान।
फर्रुखाबाद। जैसी लगी दुकान... वैसा रेट, यह है थाना कादरीगेट। यहां दुकान के हिसाब से रेट तय होते हैं। शहर की सड़कों पर फुटपाथ के सहारे घर की जिम्मेदारी संभालने वाले दुकानदारों को खाकी का रहम ओ करम पाने के लिए रकम खर्च करनी पड़ती है। शहर में बाहर से आए कारोबारियों को सड़क किनारे व्यापार करने की गुंजाइश तभी रहती है, जब फुटपाथ कारोबारी प्रतिदिन के हिसाब से थाने में सुविधा शुल्क जमा करते हैं। कई दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर अपना दर्द बयां किया। फुटपाथ के दुकानदार बताते हैं कि वह नगर पालिका को फुटपाथ कर देने के बावजूद तब तक व्यापार नहीं कर सकते जब तक वह खाकी को उसका हिस्सा अदा न कर दें। रोजाना एक हजार से लेकर महीने का 40 हजार रुपया प्रत्येक दुकानदार से वसूला जा रहा है। पेश है एक रिपोर्ट ...
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एक हजार रोजाना दो, फुटपाथ पर चलाओ बाजार
शहर के आयकर कार्यालय के सामने नजूल भूमि पर अनुमति निरस्त होने के बाद भी पुलिस के संरक्षण में डेढ़ माह तक वूलेन बाजार चलता रहा। अमर उजाला
ने 19 जनवरी के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया, तो जिम्मेदारों की नींद खुली। 22 जनवरी को बाजार के बाहर से टट्टर लगाकर बंद कर दिया गया, मगर पुलिस ने एक हजार रुपये रोजाना लेकर फुटपाथ पर दुकान चलाने की अनुमति दे दी। अब वूलेन बाजार के सामने पूरा फुटपाथ घेरकर गर्म कपड़ों की बिक्री की जा रही है। थाना पुलिस के संरक्षण के आगे किसी भी जिम्मेदार ने नजूल भूमि खाली कराने की जरूरत नहीं समझी।
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केस-दो
40 हजार लिए, परमीशन खत्म होते ही उखड़वाया मेला
पिछले महीने क्रिश्चियन स्कूल मैदान में एक मेले का आयोजन हुआ था। इसकी परमिशन पर अपनी रिपोर्ट लगाने से पहले 40 हजार रुपये सुविधा शुल्क लिया गया था। मगर परमिशन खत्म होते ही थाना पुलिस ने मेला मालिक को थाने बुलवाया। जब उसने मुलाकात करने में देरी की तो पुलिस बल ने दबाव बनाकर मेले को जबरन बंद करवा दिया। पुलिस ने रात में सामान उखाड़ने के लिए जनरेटर तक चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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केस- तीन
तीन हजार में सौदा तय, घाटा पड़ने पर बंद कर दी दुकान
एक बेरोजगार युवक ने रोजी रोटी कमाने के लिए मिशन अस्पताल के सामने फास्ट फूड कॉर्नर खोला। नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनका काउंटर आठ गुणा 10 फीट का था। लिहाजा तीन हजार रुपये चौकी पुलिस ने तय किए। दुकान पर बचत न होने से उसे काउंटर बंद करना पड़ा। बताया कि जैसी जिसकी दुकान वैसे ही महीने में सेवा करनी पड़ती है।
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केस-चार
आवास विकास में एक गरीब आलू भूनने का काम करता है। कुछ दिन पहले उसकी दुकान को पुलिस ने पहुंचकर जबरन बंद करवा दिया। तीन दिन तक वह सेटिंग में लगा रहा। दुकानदार ने बताया कि महीनादारी तय हो गई है। मगर अब हर रोज पुलिस कर्मी भुने आलू भी ले जाते हैं। इससे वह खासा परेशान है।

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पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि इस संदर्भ में कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई पुलिसकर्मी इस तरह का कार्य कर रहा है तो क्षेत्राधिकारी से जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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