{"_id":"67534507697dcea32209c434","slug":"the-murder-was-committed-26-years-ago-and-now-he-has-been-sentenced-to-life-imprisonment-farrukhabad-news-c-12-1-knp1008-923684-2024-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: 26 साल पहले की थी हत्या अब मिली उम्रकैद की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: 26 साल पहले की थी हत्या अब मिली उम्रकैद की सजा
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। 26 साल पूर्व हत्या के मामले में एडीजे डॉ. अनिल कुमार सिंह ने एक आरोपी को उम्रकैद व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में दो को बरी कर दिया है।
जनपद मैनपुरी थाना किशनी गांव मर्देई निवासी सत्यपाल सिंह ने मोहम्मदाबाद थाने में भाई की हत्या करने के मामले में पिता-पुत्र सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें कहा था कि बड़े भाई प्रतिपाल सिंह की शादी मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के गांव ईशेपुर निवासी श्याम सिंह की पुत्री मीरा के साथ हुई थी। शादी के डेढ़ साल बाद मीरा की मौत हो गई। श्याम सिंह ने परिवार वालों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया। जेल से जमानत पर छूटने के बाद पंचायत में समझौता हो गया।
विज्ञापन
सत्यपाल ने बताया कि 31 दिसंबर 1997 को मीरा का रिश्तेदार दीपू पुत्र लला सिंह उसके घर आया। उसने भाई प्रतिपाल को अपने साथ मीरा के गांव चलने के लिए कहा।
एक जनवरी 1998 को वह बड़े भाई प्रतिपाल सिंह, नेत्रपाल सिंह, राकेश सिंह के साथ साइकिल से लला सिंह के घर पहुंचा। वहां पर प्रतिपाल के ससुर श्याम सिंह को बुलाया गया। श्याम सिंह ने प्रतिपाल व राकेश को सुबह मैनपुरी चलने को कहा। इस पर नेत्रपाल के साथ वह साइकिल से लौट गया। भाई प्रतिपाल व राकेश वहीं रुक गए। दो दिन बीतने के बाद भी यह लोग नहीं लौटे।
चार जनवरी को ग्रामीणों से जानकारी हुई कि श्याम सिंह व उसके पुत्र शिव कुमार ने प्रतिपाल व राकेश की हत्या कर दी है। प्रतिपाल का शव झाड़ियों में मिला। जबकि राकेश का शव नहीं मिल सका। पुलिस ने श्याम सिंह, शिवकुमार, लला सिंह, दीपू सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की। विवेचना के दौरान श्याम कुमार की मौत हो गई।
मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे डॉ. अनिल कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गवाह व साक्ष्य के आधार पर शिवकुमार को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भोगने का आदेश दिया है। साक्ष्य न मिलने के अभाव में लला सिंह व दीपू को दोष मुक्त कर दिया है।
विज्ञापन
जनपद मैनपुरी थाना किशनी गांव मर्देई निवासी सत्यपाल सिंह ने मोहम्मदाबाद थाने में भाई की हत्या करने के मामले में पिता-पुत्र सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
इसमें कहा था कि बड़े भाई प्रतिपाल सिंह की शादी मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के गांव ईशेपुर निवासी श्याम सिंह की पुत्री मीरा के साथ हुई थी। शादी के डेढ़ साल बाद मीरा की मौत हो गई। श्याम सिंह ने परिवार वालों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया। जेल से जमानत पर छूटने के बाद पंचायत में समझौता हो गया।
विज्ञापन
सत्यपाल ने बताया कि 31 दिसंबर 1997 को मीरा का रिश्तेदार दीपू पुत्र लला सिंह उसके घर आया। उसने भाई प्रतिपाल को अपने साथ मीरा के गांव चलने के लिए कहा।
एक जनवरी 1998 को वह बड़े भाई प्रतिपाल सिंह, नेत्रपाल सिंह, राकेश सिंह के साथ साइकिल से लला सिंह के घर पहुंचा। वहां पर प्रतिपाल के ससुर श्याम सिंह को बुलाया गया। श्याम सिंह ने प्रतिपाल व राकेश को सुबह मैनपुरी चलने को कहा। इस पर नेत्रपाल के साथ वह साइकिल से लौट गया। भाई प्रतिपाल व राकेश वहीं रुक गए। दो दिन बीतने के बाद भी यह लोग नहीं लौटे।
चार जनवरी को ग्रामीणों से जानकारी हुई कि श्याम सिंह व उसके पुत्र शिव कुमार ने प्रतिपाल व राकेश की हत्या कर दी है। प्रतिपाल का शव झाड़ियों में मिला। जबकि राकेश का शव नहीं मिल सका। पुलिस ने श्याम सिंह, शिवकुमार, लला सिंह, दीपू सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की। विवेचना के दौरान श्याम कुमार की मौत हो गई।
मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे डॉ. अनिल कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गवाह व साक्ष्य के आधार पर शिवकुमार को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भोगने का आदेश दिया है। साक्ष्य न मिलने के अभाव में लला सिंह व दीपू को दोष मुक्त कर दिया है।