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वकीलों ने ए आर टी ओ को सुनाई खरीखोटी
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 17 Mar 2015 11:24 PM IST
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सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने को लेकर सहायक
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संभागीय परिवहन अधिकारी और वकीलों में विवाद हो गया। वकीलों ने एआरटीओ को
खरीखोटी सुनानी शुरू कर दी। कार्यालय परिसर में लाइसेंस बनवाने आए लोगों की
भीड़ लग गई। यह देख एआरटीओ कार्यालय से निकल गए। वह कलेक्ट्रेट पहुंचे और
नगर मजिस्ट्रेट से शिकायत की। वकीलों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर एआरटीओ को
दोबारा खरीखोटी सुनाई।
एक अधिवक्ता अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आवेदन पत्र आदेश के लिए एआरटीओ को दिया। इसमें रजिस्ट्री लिफाफा नहीं लगा था। एआरटीओ देवमणि भारती ने रजिस्ट्री लिफाफा लगाने के बाद आदेश करने की बात कही। वह अपनी बात पर अड़ गए। इससे वकील और उसके साथियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वकीलों ने एआरटीओ को खरीखोटी सुनाना शुरू कर दी। इस पर कार्यालय में आए अन्य वाहन स्वामी एकत्र हो गए।
मामला बिगड़ता देख सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मौका पाकर कार्यालय से खिसक कर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर वकीलों ने दोबारा एआरटीओ को घेर लिया और लाइसेंस के आवेदन पर आदेश न करने को लेकर जमकर खरीखोटी सुनानी शुरू कर दी। अन्य वकीलों ने साथियों को शांत कराया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी देवमणि
भारती ने बताया कि लाइसेंस आवेदन पर रजिस्ट्री लिफाफा लगाने की बात कहने पर वकील नाराज हो गए और गालीगलौज करने लगे। इसकी शिकायत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव से की है। अध्यक्ष और सचिव ने मामले को शांत करा दिया है।
एक अधिवक्ता अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आवेदन पत्र आदेश के लिए एआरटीओ को दिया। इसमें रजिस्ट्री लिफाफा नहीं लगा था। एआरटीओ देवमणि भारती ने रजिस्ट्री लिफाफा लगाने के बाद आदेश करने की बात कही। वह अपनी बात पर अड़ गए। इससे वकील और उसके साथियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वकीलों ने एआरटीओ को खरीखोटी सुनाना शुरू कर दी। इस पर कार्यालय में आए अन्य वाहन स्वामी एकत्र हो गए।
मामला बिगड़ता देख सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मौका पाकर कार्यालय से खिसक कर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर वकीलों ने दोबारा एआरटीओ को घेर लिया और लाइसेंस के आवेदन पर आदेश न करने को लेकर जमकर खरीखोटी सुनानी शुरू कर दी। अन्य वकीलों ने साथियों को शांत कराया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी देवमणि
भारती ने बताया कि लाइसेंस आवेदन पर रजिस्ट्री लिफाफा लगाने की बात कहने पर वकील नाराज हो गए और गालीगलौज करने लगे। इसकी शिकायत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव से की है। अध्यक्ष और सचिव ने मामले को शांत करा दिया है।