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सीएमओ साहब! हमें किसी का खौफ नहीं

Tue, 26 Jul 2022 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jul 2022 11:33 PM IST
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The doctors do not care about the CMO, the condition of the hospital remains the same
फर्रुखाबाद। सिविल अस्पताल लिंजीगंज के डॉक्टरों को सीएमओ का कोई खौफ नहीं है। सोमवार को सीएमओ के निरीक्षण के बाद मंगलवार को भी स्थिति जस की तस रही। अस्पताल से डॉक्टर अनुपस्थित थे, फार्मासिस्ट मरीज देखते मिले। प्रसूताओं को बेड पर बिछाने के लिए चादर भी नहीं मिली। मरीजों के मुताबिक भोजन व नाश्ता तो कभी मिलता ही नहीं है।
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सोमवार को सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने शहर के सिविल अस्पताल लिंजीगंज का निरीक्षण किया था। उन्हें वहां सीएचसी अधीक्षक सहित पांच कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। उनका वेतन रोकने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद मंगलवार को कोई सुधार नहीं दिखा। सुबह 9:45 बजे तक अधीक्षक डॉ. आरिफ सिद्दीकी, डॉ. अंशुल चतुर्वेदी, डॉ. ऋषिनाथ गुप्ता, डॉ. मोनिका कटियार अस्पताल में मौजूद नहीं थीं। काउंटर से दो मरीजों के पर्चे बने और फार्मासिस्ट सुनील कुमार मरीज देख रहे थे। दूसरी ओर आयुष डॉ. नवनीत गुप्ता अकेले बैठे मिले। कुछ देर बाद जब मरीज पहुंचे तो उन्होंने आयुर्वेदिक दवा लिखी और फार्मासिस्ट न होने से खुद दवा भी दी। पूछने पर डॉ. नवनीत ने बताया कि फार्मासिस्ट विपिन कुशवाहा कोविड कंट्रोल रूम से संबद्ध हैं, इससे उन्हें ही मरीज देखने के साथ दवा भी देनी पड़ती है।
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वार्ड में एक स्टाफ नर्स बैठी थी। वहां भर्ती दो प्रसूताओं के बेड पर चादर नहीं बिछी थी। प्रसूताओं ने पूछने पर बताया कि न तो उन्हें भोजन मिलता है और न ही नाश्ता। हालांकि कैमरे का फ्लैश चमकते ही कर्मचारियों को फोन किए जाने लगे। कुछ देर बाद दो-चार कर्मचारी आ गए और कोरोना हेल्प डेस्क भी सही कर दी गई, लेकिन डॉक्टर फिर भी नहीं आए। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि अधीक्षक और डॉक्टर यदा-कदा ही आते हैं। सबके अपने-अपने कारोबार हैं। यह सब खेल अधिकारियों की जानकारी में चल रहा है। सीएमओ के निरीक्षण का कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।
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बिजली जाते ही बंद हो जाते पंखे
अस्पताल में प्रसव के लिए सोमवार को भर्ती हुईं मोहल्ला छावनी निवासी निदा बानो ने बताया कि बिजली जाते ही पंखे बंद हो जाते हैं। कोई डॉक्टर देखने नहीं आता। नर्स ही हालचाल पूछती रहती हैं।
मऊदरवाजा क्षेत्र के गांव नैनिया नगला निवासी गर्भवती बीना ने बताया कि वह रात दो बजे भर्ती हुई थीं। बेड पर बिछाने के लिए वह घर से चादर लाई थीं। भोजन व नाश्ता उन्हें नहीं दिया गया।

सीएमओ बोले शासन को लिखेंगे
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि लिंजीगंज सिविल अस्पताल की यदि व्यवस्थाएं न सुधरीं तो वह डॉक्टरों के खिलाफ शासन को लिखेंगे। कर्मचारियों पर वह स्वयं कार्रवाई करेंगे। आयुष फार्मासिस्ट को कोविड केयर सेंटर से हटाया जाएगा। उनके कार्यालय में संबद्ध श्रम विभाग के आयुष फार्मासिस्ट की कोविड केयर सेंटर में ड्यूटी लगाई जाएगी। सिविल अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरिफ सिद्दीकी से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
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