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जीते प्रत्याशियों ने प्रमाणपत्र के लिए रात को कलक्ट्रेट में डेरा जमाया
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जीत का दावा करने वाले प्रत्याशी देर रात पहुंचे कलक्ट्रेट
फर्रुखाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद का परिणाम सोमवार को भी नहीं सुनाया गया। इससे रुझान सुनकर जीत का दाव करने वाले प्रत्याशी मध्य रात कलक्ट्रेट पहुंच गए। अधिकारियों से प्रमाणपत्र देने के लिए कहा तो फटकार और सुननी पड़ी। इससे उन्होंने वहीं डेरा जमा दिया। मंगलवार दोपहर एक बजे प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
मतगणना के दौरान प्रत्याशी रुझान पाने के लिए भी तरसते रहे। सोमवार देर रात तक सभी ग्राम पंचायतों व वार्डोँ की मतगणना पूरी हुई तो कुल मिले मतों की जानकारी हो सकी। मतों के हिसाब से जीते प्रत्याशी खुश हो गए। इसके बावजूद उन्हें सत्ता की हनक का खौफ सताता रहा। चूंकि जिपं सदस्य पद के निर्वाचन अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट हैं इससे विजेता प्रत्याशियों को जीत के प्रमाणपत्र भी कलक्ट्रेट में ही मिलने थे।
सो सोमवार मध्य रात राहुल कुशवाहा, कुलदीप पाल, कमलेश शर्मा, अजय कुमार सिंह, आलोक यादव, नरेंद्र कुमार आदि प्रत्याशी व उनके परिजन कलक्ट्रेट पहुंच गए। कुछ समर्थकों के हाथ में तो खाने का झोला भी था। उनका कहना था कि जब तक प्रमाणपत्र नहीं मिल जाएंगे तब तक घर नहीं जाएंगे। हालांकि उस दौरान सभी कार्यालय बंद थे।
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कुछ देर बाद जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह पहुंचे और अधिकारियों को बुलाकर कार्यालय खुलवाने के साथ काम शुरू कराया। काफी इंतजार के बाद जब प्रत्याशियों ने अधिकारी के पास जाकर कहा कि साहब प्रमाणपत्र कब मिलेगा। तो अधिकारियों ने उन्हें हड़काकर भगा दिया। वहां से मायूस चेहरा लेकर लौटे प्रत्याशियों ने खुद ये बात बताई। इसके बाद भी कुछ प्रत्याशी तो रात भर कलक्ट्रेट में डटे रहे, जबकि कुछ ने अपने घरों का रुख किया।
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फर्रुखाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद का परिणाम सोमवार को भी नहीं सुनाया गया। इससे रुझान सुनकर जीत का दाव करने वाले प्रत्याशी मध्य रात कलक्ट्रेट पहुंच गए। अधिकारियों से प्रमाणपत्र देने के लिए कहा तो फटकार और सुननी पड़ी। इससे उन्होंने वहीं डेरा जमा दिया। मंगलवार दोपहर एक बजे प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
मतगणना के दौरान प्रत्याशी रुझान पाने के लिए भी तरसते रहे। सोमवार देर रात तक सभी ग्राम पंचायतों व वार्डोँ की मतगणना पूरी हुई तो कुल मिले मतों की जानकारी हो सकी। मतों के हिसाब से जीते प्रत्याशी खुश हो गए। इसके बावजूद उन्हें सत्ता की हनक का खौफ सताता रहा। चूंकि जिपं सदस्य पद के निर्वाचन अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट हैं इससे विजेता प्रत्याशियों को जीत के प्रमाणपत्र भी कलक्ट्रेट में ही मिलने थे।
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सो सोमवार मध्य रात राहुल कुशवाहा, कुलदीप पाल, कमलेश शर्मा, अजय कुमार सिंह, आलोक यादव, नरेंद्र कुमार आदि प्रत्याशी व उनके परिजन कलक्ट्रेट पहुंच गए। कुछ समर्थकों के हाथ में तो खाने का झोला भी था। उनका कहना था कि जब तक प्रमाणपत्र नहीं मिल जाएंगे तब तक घर नहीं जाएंगे। हालांकि उस दौरान सभी कार्यालय बंद थे।
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कुछ देर बाद जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह पहुंचे और अधिकारियों को बुलाकर कार्यालय खुलवाने के साथ काम शुरू कराया। काफी इंतजार के बाद जब प्रत्याशियों ने अधिकारी के पास जाकर कहा कि साहब प्रमाणपत्र कब मिलेगा। तो अधिकारियों ने उन्हें हड़काकर भगा दिया। वहां से मायूस चेहरा लेकर लौटे प्रत्याशियों ने खुद ये बात बताई। इसके बाद भी कुछ प्रत्याशी तो रात भर कलक्ट्रेट में डटे रहे, जबकि कुछ ने अपने घरों का रुख किया।