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Farrukhabad News: गंगा में समाई ठटा की मड़ैया, दिलीप की मड़ैया पर संकट
Sat, 20 Sep 2025 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 20 Sep 2025 12:09 AM IST
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फोटो-11, ठटा की मड़ैया गांव में बचा रामसनेही का अंतिम मकान भी कटा।संवाद
फर्रुखाबाद। गंगा का रौद्र रूप खत्म नहीं हो रहा है। पहले ठटा और अब दिलीप की मड़ैया को भी गंगा ने दो तरफ से घेर लिया है। ठटा में बचा अंतिम मकान भी तेज धार में समा गया।
दिलीप की मड़ैया में रामवरन का आधा मकान गिर चुका है। गांव के अंदर पानी घुस गया है। अब ग्रामीण दहशत में हैं। गंगा ने तीसरे गांव को अपने आगोश में ले लिया है। पहले पृथ्वीपुर को दो तरफ से काटा, फिर ठटा को भी खत्म कर दिया। अब गुरुवार शाम से दिलीप की मड़ैया को भी दो तरफ से घेर लिया। गंगा की तेज धार दक्षिण दिशा से भी बहने लगी है।
गांव के अखिलेश वर्मा ने बताया कि दूसरी तरफ भी गहरे पानी की धार बह रही है। ठटा गांव में रामसनेही का मकान ही बचा था। शुक्रवार दोपहर में गंगा की धार में वह भी कट गया। अब इस गांव का नामोनिशान मिट गया है।
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रौद्र रूप दिलीप की मड़ैया पर दिख रहा है। ग्रामीण भी अपने मकान तोड़ने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तेजी से कटान चलता रहा, तो चंद दिनों में गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
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दिलीप की मड़ैया में रामवरन का आधा मकान गिर चुका है। गांव के अंदर पानी घुस गया है। अब ग्रामीण दहशत में हैं। गंगा ने तीसरे गांव को अपने आगोश में ले लिया है। पहले पृथ्वीपुर को दो तरफ से काटा, फिर ठटा को भी खत्म कर दिया। अब गुरुवार शाम से दिलीप की मड़ैया को भी दो तरफ से घेर लिया। गंगा की तेज धार दक्षिण दिशा से भी बहने लगी है।
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गांव के अखिलेश वर्मा ने बताया कि दूसरी तरफ भी गहरे पानी की धार बह रही है। ठटा गांव में रामसनेही का मकान ही बचा था। शुक्रवार दोपहर में गंगा की धार में वह भी कट गया। अब इस गांव का नामोनिशान मिट गया है।
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रौद्र रूप दिलीप की मड़ैया पर दिख रहा है। ग्रामीण भी अपने मकान तोड़ने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तेजी से कटान चलता रहा, तो चंद दिनों में गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

फोटो-11, ठटा की मड़ैया गांव में बचा रामसनेही का अंतिम मकान भी कटा।संवाद