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गंगा का जलस्तर दस सेंटीमीटर बढ़ा, डीएम ने किया निरीक्षण
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दस सेमी. और बढ़ी गंगा, डीएम ने लिया जायजा
अमृतपुर। गंगा में बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने से रविवार को जलस्तर में दस सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी और हो गई है। इससे गंगा किनारे बसे गांवों के खेतों का कटान तेज हो गया है। डीएम ने भी गांव अलादादपुर भटौली का निरीक्षण कर कटान की स्थिति का जायजा लिया।
जिन लोगों को जमीन का पट्टा किया गया है, वे उस जमीन पर रहने को तैयार नहीं हैं। डीएम ने ग्रामीणों को पट्टे वाली जमीन पर मकान बनाकर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो साल पहले शुरू हुए गंगा की धार मोड़ने के काम के बंद होने की जांच कराने की बात कही। भरोसा दिलाया कि इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गंगा में लगातार पानी छोड़े जाने से रविवार को जलस्तर 135.70 से बढ़कर 135.80 मीटर पर पहुंच गया है। रविवार को नरौरा से 5761 क्यूसेक, हरिद्वार से 57650 क्यूसेक और बिजनौर से 27413 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लगातार जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे बसे गांवों में कटान तेजी से हो रहा है। डीएम मानवेंद्र सिंह ने अमृतपुर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांव अलादादपुर भटौली का निरीक्षण किया। गांव के लोगों ने उन्हें बताया कि सिंचाई विभाग ने दो साल पूर्व गंगा की धार मोड़ने का काम शुरू कराया था।
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यह काम कुछ दिन बाद बंद कर दिया गया। इसके बाद सिंचाई विभाग के अफसरों ने सुध ही नहीं ली। इससे गांव कटान की चपेट में आ रहे हैं। डीएम ने इसकी जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एसडीएम अमृतपुर ने बताया कि गंगा किनारे बसे लोगों को रहने लिए सुरक्षित स्थान पर जमीन पट्टे पर दी थी। वहां कोई भी रहने नहीं गया। ग्रामीण गंगा किनारे बने मकानों को खाली भी नहीं कर रहे है। डीएम ने ग्रामीणों को समझाया कि जो जमीन पट्टे पर मिली है वहां मकान बनाकर रहें। इससे सभी लोग सुरक्षित रहेंगे। कटान रोकने संबंधी काम भी कराया जाएगा।
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अमृतपुर। गंगा में बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने से रविवार को जलस्तर में दस सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी और हो गई है। इससे गंगा किनारे बसे गांवों के खेतों का कटान तेज हो गया है। डीएम ने भी गांव अलादादपुर भटौली का निरीक्षण कर कटान की स्थिति का जायजा लिया।
जिन लोगों को जमीन का पट्टा किया गया है, वे उस जमीन पर रहने को तैयार नहीं हैं। डीएम ने ग्रामीणों को पट्टे वाली जमीन पर मकान बनाकर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो साल पहले शुरू हुए गंगा की धार मोड़ने के काम के बंद होने की जांच कराने की बात कही। भरोसा दिलाया कि इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गंगा में लगातार पानी छोड़े जाने से रविवार को जलस्तर 135.70 से बढ़कर 135.80 मीटर पर पहुंच गया है। रविवार को नरौरा से 5761 क्यूसेक, हरिद्वार से 57650 क्यूसेक और बिजनौर से 27413 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लगातार जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे बसे गांवों में कटान तेजी से हो रहा है। डीएम मानवेंद्र सिंह ने अमृतपुर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांव अलादादपुर भटौली का निरीक्षण किया। गांव के लोगों ने उन्हें बताया कि सिंचाई विभाग ने दो साल पूर्व गंगा की धार मोड़ने का काम शुरू कराया था।
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यह काम कुछ दिन बाद बंद कर दिया गया। इसके बाद सिंचाई विभाग के अफसरों ने सुध ही नहीं ली। इससे गांव कटान की चपेट में आ रहे हैं। डीएम ने इसकी जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एसडीएम अमृतपुर ने बताया कि गंगा किनारे बसे लोगों को रहने लिए सुरक्षित स्थान पर जमीन पट्टे पर दी थी। वहां कोई भी रहने नहीं गया। ग्रामीण गंगा किनारे बने मकानों को खाली भी नहीं कर रहे है। डीएम ने ग्रामीणों को समझाया कि जो जमीन पट्टे पर मिली है वहां मकान बनाकर रहें। इससे सभी लोग सुरक्षित रहेंगे। कटान रोकने संबंधी काम भी कराया जाएगा।