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यूक्रेन से लौटे छात्रों को देख झलके खुशी के आंसू..
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यूक्रेन से दिल्ली लौटी भतीजी ईशा शाक्य के साथ सेल्फी लेते चाचा पंकज शाक्य। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। यूक्रेन में फंसे जिले के छात्र घर पहुंचे, तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और आंसू छलक पड़े। वहां के हालात हर कोई सुनना चाहता था। छात्रों ने जब वहां की हकीकत बताई तो लोग सुनकर सिहर उठे। आवास विकास के वरुण गंगवार ने बताया कि सरकार की शानदार व्यवस्था रही है।
आवास विकास कालोनी के अखिलेश गंगवार का पुत्र वरुण गंगवार यूक्रेन के ओडेसा में फंसा था। वह गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर पहुंचा, तो मां गीता, कायमगंज से आईं बुआ सुनीता, उनकी बेटी गुड़िया ने वरुण को सीने से लगा लिया।
परिजनों की आंखें नम हो गईं। वरुण का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। खानपुर से मामा और मामी भी पहुंचे। वरुण ने बताया कि हंगरी में भारतीय दूतावास के अफसरों ने हाथोंहाथ लिया। एक फरवरी की रात वायुसेना का विमान मिला। दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत और देश भर के बच्चों को उनके घर तक पहुंचाने की सरकारी व्यवस्था की गई। मोदी सरकार को उन्होंने शुक्रिया कहा।
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अभिनव के शुक्रवार तक पहुंचने की उम्मीद
आवास विकास के अभिनव वर्मा और वरुण एक की फ्लैट में थे। अभिनव अपने वाहन से स्लोवाकिया की ओर चला गया था। पिता सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि स्लोवाकिया में देश के एक मंत्री के साथ होटल में है। वहां कोई दिक्कत नहीं है। छात्रों की संख्या कम होने की वजह से अभी फ्लाइट नहीं मिली। शुक्रवार सुबह तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।
दो दिनों तक धमाकों की आवाज से दहलता रहा दिल
शमसाबाद। गांव चिलसरा स्थित पीएचसी के फार्मासिस्ट कमलेश बाबू का पुत्र प्रतीक गुरुवार शाम घर पहुंचा। मां अनीता ने बेटे का तिलक किया। प्रतीक ने ओडेसा के हालातों को बयां किया। बताया कि 24 फरवरी के धमाके से भयभीत हो गया था। 25 फरवरी को घर छोड़कर बस से 700 किमी दूर रोमानिया बार्डर पर पहुंचा। वार्डर पार होते ही भारत सरकार की व्यवस्था बेहतरीन थीं। सभी छात्रों को पहनने के लिए नाइट ड्रेस दी गई। बुधवार शाम सात बजे फ्लाइट मिली। गुरुवार सुबह छह बजे दिल्ली पहुंचे। वहां प्रदेश सरकार ने चाय, नाश्ता, भोजन कराया और नि:शुल्क कार उपलब्ध कराई। उनका एक पैसा खर्च नहीं हुआ। (संवाद)
अनिकेत भी पहुंचा घर
फर्रुखाबाद। भोलेपुर निवासी कायमगंज स्टेशन अधीक्षक विमल कुमार वर्मा का पुत्र अनिकेत हंगरी के रास्ते सरकार के विमान से दिल्ली पहुंचा। वहां से गुरुवार सुबह सात बजे घर आया। मां सरोज वर्मा, पिता विमल वर्मा और परिजन खासे खुश दिखे। अनिकेत ने सरकारी व्यवस्थाओं की सराहना की। (संवाद)
देर रात तक घर पहुंच जाएगा दिव्यांश
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के मोहल्ला शीशम बाग के डॉ. अनुपम वर्मा का पुत्र दिव्यांश वर्मा कार से देर रात तक घर पहुंच जाएगा। डॉक्टर अनुपम ने बताया कि घर तक पहुंचने की व्यवस्था सरकार कर रही है। (संवाद)
वायु सेना के जहाज से दिल्ली पहुंचा छात्र
कायमगंज। गांव कुबेरपुर सरैंया के नजमी खां का पुत्र अब्दुल गौस यूक्रेन के लिवीव से बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे पोलैंड से केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह की देखरेख में दिल्ली पहुंचा। पिता ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे वायु सेना का जहाज गाजियाबाद एयरबेस पहुंचा। काफी बच्चे विदेश मंत्रालय ले जाए गए। बेटा गौस टैक्सी से अपनी बहन के यहां ओखला चला गया। वह वहीं रुका है। (संवाद)
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आवास विकास कालोनी के अखिलेश गंगवार का पुत्र वरुण गंगवार यूक्रेन के ओडेसा में फंसा था। वह गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर पहुंचा, तो मां गीता, कायमगंज से आईं बुआ सुनीता, उनकी बेटी गुड़िया ने वरुण को सीने से लगा लिया।
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परिजनों की आंखें नम हो गईं। वरुण का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। खानपुर से मामा और मामी भी पहुंचे। वरुण ने बताया कि हंगरी में भारतीय दूतावास के अफसरों ने हाथोंहाथ लिया। एक फरवरी की रात वायुसेना का विमान मिला। दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत और देश भर के बच्चों को उनके घर तक पहुंचाने की सरकारी व्यवस्था की गई। मोदी सरकार को उन्होंने शुक्रिया कहा।
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अभिनव के शुक्रवार तक पहुंचने की उम्मीद
आवास विकास के अभिनव वर्मा और वरुण एक की फ्लैट में थे। अभिनव अपने वाहन से स्लोवाकिया की ओर चला गया था। पिता सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि स्लोवाकिया में देश के एक मंत्री के साथ होटल में है। वहां कोई दिक्कत नहीं है। छात्रों की संख्या कम होने की वजह से अभी फ्लाइट नहीं मिली। शुक्रवार सुबह तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।
दो दिनों तक धमाकों की आवाज से दहलता रहा दिल
शमसाबाद। गांव चिलसरा स्थित पीएचसी के फार्मासिस्ट कमलेश बाबू का पुत्र प्रतीक गुरुवार शाम घर पहुंचा। मां अनीता ने बेटे का तिलक किया। प्रतीक ने ओडेसा के हालातों को बयां किया। बताया कि 24 फरवरी के धमाके से भयभीत हो गया था। 25 फरवरी को घर छोड़कर बस से 700 किमी दूर रोमानिया बार्डर पर पहुंचा। वार्डर पार होते ही भारत सरकार की व्यवस्था बेहतरीन थीं। सभी छात्रों को पहनने के लिए नाइट ड्रेस दी गई। बुधवार शाम सात बजे फ्लाइट मिली। गुरुवार सुबह छह बजे दिल्ली पहुंचे। वहां प्रदेश सरकार ने चाय, नाश्ता, भोजन कराया और नि:शुल्क कार उपलब्ध कराई। उनका एक पैसा खर्च नहीं हुआ। (संवाद)
अनिकेत भी पहुंचा घर
फर्रुखाबाद। भोलेपुर निवासी कायमगंज स्टेशन अधीक्षक विमल कुमार वर्मा का पुत्र अनिकेत हंगरी के रास्ते सरकार के विमान से दिल्ली पहुंचा। वहां से गुरुवार सुबह सात बजे घर आया। मां सरोज वर्मा, पिता विमल वर्मा और परिजन खासे खुश दिखे। अनिकेत ने सरकारी व्यवस्थाओं की सराहना की। (संवाद)
देर रात तक घर पहुंच जाएगा दिव्यांश
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के मोहल्ला शीशम बाग के डॉ. अनुपम वर्मा का पुत्र दिव्यांश वर्मा कार से देर रात तक घर पहुंच जाएगा। डॉक्टर अनुपम ने बताया कि घर तक पहुंचने की व्यवस्था सरकार कर रही है। (संवाद)
वायु सेना के जहाज से दिल्ली पहुंचा छात्र
कायमगंज। गांव कुबेरपुर सरैंया के नजमी खां का पुत्र अब्दुल गौस यूक्रेन के लिवीव से बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे पोलैंड से केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह की देखरेख में दिल्ली पहुंचा। पिता ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे वायु सेना का जहाज गाजियाबाद एयरबेस पहुंचा। काफी बच्चे विदेश मंत्रालय ले जाए गए। बेटा गौस टैक्सी से अपनी बहन के यहां ओखला चला गया। वह वहीं रुका है। (संवाद)