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बर्खास्त शिक्षकों का मामला पहुंचा सर्वोच्य न्यायालय
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फर्रुखाबाद। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड के फर्जी प्रमाण पत्र मामले में बर्खास्त हुए शिक्षकों का मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गया है। बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने बीएसए से बर्खास्त किए गए शिक्षकों का विवरण तलब किया है।
विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 में फर्जी प्रमाण पत्रों से अभ्यर्थियों ने बेसिक के स्कूलों में नियुक्तियां पाईं थीं। एसआईटी की जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। फर्जीवाड़े में जिले के 41 शिक्षक भी फर्जी बीएड प्रमाण पत्र से नौकरी करने में उजागर हुए। सभी को बर्खास्त किया गया था। बर्खास्त शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में आदेश के खिलाफ रिट दायर की थी।
कोर्ट के आदेश पर बर्खास्तगी की कार्रवाई पर रोक लग गई थी। बाद में शिक्षक मुकदमा हार गए थे। किरन लता सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य रिट में 26 फरवरी 2021 को हुए आदेश के आधार पर जिले के 41 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। इनके खिलाफ विद्यालय से संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस प्रकार प्रदेश के अन्य जिलों में शिक्षक बर्खास्त हुए थे।
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बर्खास्त शिक्षकों ने अब सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली। किरन लता सिंह बनाम उत्तर प्रदेश व अन्य में 26 फरवरी 2021 को हुए आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में राजेश कुमार चतुर्वेदी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य ने रिट दायर की। इसको लेकर बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने बीएसए से प्रत्येक बर्खास्त शिक्षक के नियुक्ति पत्र, सुनवाई के दौरान दिए गए स्पष्टीकरण, बर्खास्तगी आदेश समेत अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
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विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 में फर्जी प्रमाण पत्रों से अभ्यर्थियों ने बेसिक के स्कूलों में नियुक्तियां पाईं थीं। एसआईटी की जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। फर्जीवाड़े में जिले के 41 शिक्षक भी फर्जी बीएड प्रमाण पत्र से नौकरी करने में उजागर हुए। सभी को बर्खास्त किया गया था। बर्खास्त शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में आदेश के खिलाफ रिट दायर की थी।
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कोर्ट के आदेश पर बर्खास्तगी की कार्रवाई पर रोक लग गई थी। बाद में शिक्षक मुकदमा हार गए थे। किरन लता सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य रिट में 26 फरवरी 2021 को हुए आदेश के आधार पर जिले के 41 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। इनके खिलाफ विद्यालय से संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस प्रकार प्रदेश के अन्य जिलों में शिक्षक बर्खास्त हुए थे।
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बर्खास्त शिक्षकों ने अब सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली। किरन लता सिंह बनाम उत्तर प्रदेश व अन्य में 26 फरवरी 2021 को हुए आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में राजेश कुमार चतुर्वेदी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य ने रिट दायर की। इसको लेकर बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने बीएसए से प्रत्येक बर्खास्त शिक्षक के नियुक्ति पत्र, सुनवाई के दौरान दिए गए स्पष्टीकरण, बर्खास्तगी आदेश समेत अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।