{"_id":"60b91a688ebc3ef4362d845f","slug":"teacher-farrukhabad-news-knp632063297","type":"story","status":"publish","title_hn":"अविवाहित शिक्षक से फर्जी निकाहनामा लगाकर महिला ने पाई नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अविवाहित शिक्षक से फर्जी निकाहनामा लगाकर महिला ने पाई नौकरी
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। अविवाहित शिक्षक की मृत्यु पर एक महिला ने फर्जी निकहानामा और मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में मृतक आश्रित में चतुर्थश्रेणी में नौकरी पा ली। इसकी शिकायत शिक्षक के भाई ने शिक्षा निदेशक बेसिक को भेजी है। एडी बेसिक (कानपुर) ने जांच शुरू कर दी है। 17 जून को सुनवाई के लिए बीएसए को पत्रावली के साथ बुलाया है। इसी के साथ सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी, लिपिक और चतुर्थश्रेणी में नियुक्त हुई महिला को भी एडी बेसिक कार्यालय जाना होगा।
एटा जिले के थाना नयागांव के सराय अगहत निवासी अच्छे खां ने शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह को भेजी शिकायत में कहा कि उसका भाई कासिफ खान राजेपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय महोलिया में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात था। भाई की सात जनवरी 2021 को मौत हो गई। उसकी शादी नहीं हुई थी। एक महिला ने भाई से शादी करने का एक फर्जी निकाहनामा तैयार कराया और उसके आधार पर नगर पालिका सदर से पांच फरवरी को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया। इसकी जानकारी पर नगर पालिका सदर के अधिशासी अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर मृत्यु प्रमाणपत्र पर आपत्ति की। ईओ ने पांच फरवरी को जारी किया गया मृत्यु प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया और महिला को भाई की पत्नी नहीं माना। महिला ने फर्जी अभिलेखों के माध्यम से बीएसए कार्यालय में भाई की पत्नी दिखाकर मृतक आश्रित में नौकरी का आवेदन किया।
इसकी जानकारी पर आपत्ति की तो बीएसए ने अनसुनी कर दी। बीएसए व एक लिपिक ने 20 लाख रुपये लेकर महिला को चतुर्थश्रेणी पद पर नियुक्ति दे दी। उसने भी भाई की मृत्यु पर मृतक आश्रित में नौकरी पाने के लिए आवेदन किया था। इस पर अमल नहीं किया गया। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि मृतक आश्रित में अगर फर्जी अभिलेख लगाए हैं तो जांच होगी और कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एटा जिले के थाना नयागांव के सराय अगहत निवासी अच्छे खां ने शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह को भेजी शिकायत में कहा कि उसका भाई कासिफ खान राजेपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय महोलिया में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात था। भाई की सात जनवरी 2021 को मौत हो गई। उसकी शादी नहीं हुई थी। एक महिला ने भाई से शादी करने का एक फर्जी निकाहनामा तैयार कराया और उसके आधार पर नगर पालिका सदर से पांच फरवरी को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया। इसकी जानकारी पर नगर पालिका सदर के अधिशासी अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर मृत्यु प्रमाणपत्र पर आपत्ति की। ईओ ने पांच फरवरी को जारी किया गया मृत्यु प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया और महिला को भाई की पत्नी नहीं माना। महिला ने फर्जी अभिलेखों के माध्यम से बीएसए कार्यालय में भाई की पत्नी दिखाकर मृतक आश्रित में नौकरी का आवेदन किया।
विज्ञापन
इसकी जानकारी पर आपत्ति की तो बीएसए ने अनसुनी कर दी। बीएसए व एक लिपिक ने 20 लाख रुपये लेकर महिला को चतुर्थश्रेणी पद पर नियुक्ति दे दी। उसने भी भाई की मृत्यु पर मृतक आश्रित में नौकरी पाने के लिए आवेदन किया था। इस पर अमल नहीं किया गया। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि मृतक आश्रित में अगर फर्जी अभिलेख लगाए हैं तो जांच होगी और कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन