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सरकार की नीतियों के विरोध में शिक्षकों ने रखा उपवास

Sun, 30 May 2021 11:37 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 May 2021 11:37 PM IST
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फर्रुखाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की ड्यूटी में कोरोना से मरने वाले शिक्षक व कर्मचारियों को आर्थिक मदद न देने के विरोध में शिक्षक संगठनों ने घरों में उपवास रखकर विरोध प्रकट किया। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आठ सूत्री ज्ञापन भेजा है।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के पदाधिकारियों ने रविवार को उपवास रखा। ज्ञापन में कहा कि संगठन ने चुनाव स्थगित करने के लिए कई बार अनुरोध किया। इसके बाद भी निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस दौरान शिक्षक, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, पोलिंग पार्टी की रवानगी, बूथ व मतदान व मतपेटिकाओं को स्ट्रांग रूम में जमा करने के समय भारी भीड़ जमा हुई। इससे हजारों शिक्षक संक्रमित हुए।
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सरकार ने उनके लिए शोक संवेदन तक प्रकट नहीं की। मांग की कि कोरोना से मरे शिक्षकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये, आश्रितों को उनकी योग्यता के अनुसार नियुक्तियां दी जाएं। ऐसे शिक्षक जो 60 साल या उससे कम आयु के थे, उनके परिवार को शासनादेश के अनुसार ग्रेच्युटी की धनराशि भुगतान कराई जाए। सभी मृत एवं कार्यरत शिक्षक व कर्मचारियों को कोरोना योद्घा घोषित किया जाए।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे, जिलामंत्री नरेंद्र पाल सिंह सोलंकी, उपाध्यक्ष संतोष दुबे, सत्येंद्र सिंह, सुधाकर चतुर्वेदी, संजीव चौहान समेत अन्य शिक्षकों ने उपवास कर सरकार की नीतियों पर विरोध प्रकट किया है।
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