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फर्रुखाबादः धूल खा रहीं 43 लाख से खरीदी गईं टंकियां
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सातनपुर में रखीं पानी की टंकियां। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। शहर की कांशीराम कालोनियों के 1406 आवासों के लिए 43 लाख रुपये में खरीदी गईं टंकियां चार माह बाद भी नहीं लग पाई हैं। टंकियों को लगाने के लिए 29 लाख का टेंडर भी हो चुका है। टंकियां सातनपुर स्थित ओवरहेड टैंक के नीचे डंप हैं। कालोनी की छतों पर रखीं टूटी टंकियों की वजह से लोग परेशान हैं। पानी भी बर्बाद हो रहा है।
हैवतपुर गढ़िया स्थित कांशीराम कालोनी में 1296 व टाउन हाल स्थित कांशीराम कालोनी में 110 आवास हैं। आवासों की छतों पर लगीं पानी की कई टंकियां टूटकर गायब हो चुकी हैं। लिहाजा वाशिंदों को सिर्फ सुबह-शाम एक-एक घंटे ही पानी मिल पा रहा है।
इससे लोग दिन भर के लिए डिब्बों व ड्रमों में पानी भरने के लिए मजबूर हैं। नगर पालिका ने इन आवासों के लिए 43 लाख रुपये से 14.6 पानी की टंकियां खरीदी हैं। चार माह पहले आईं टंकियां सातनपुर ओवरहेड टैंक के नीचे रखवा दीं गईं। इसके बाद पालिका ने सुध नहीं ली।
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बर्बाद होता है लाखों लीटर पानी
सुबह व शाम पानी की आपूर्ति होने के दौरान टंकियां टूटी होने की वजह से पाइप लाइनों से लाखों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। छतों से फव्वारों की तरह पानी गलियों में गिरता है, जबकि टंकियां लगने पर यह पानी स्टॉक में बना रहेगा।
अब वर्क आर्डर में लेट-लतीफी
टंकियों को छतों पर लगाने के लिए नगर पालिका ने अलग से 29 लाख रुपये का टेंडर किया है। अब कार्यदायी संस्था के लिए वर्क आर्डर देने में हीलाहवाली की जा रही है। इसके पीछे भी राजनीति बताई जा रही है। निकाय चुनाव नजदीक हैं। इससे चुनाव से कुछ दिन पहले ही टंकियों को लगवाने की योजना बनाई जा रही है।
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हैवतपुर गढ़िया स्थित कांशीराम कालोनी में 1296 व टाउन हाल स्थित कांशीराम कालोनी में 110 आवास हैं। आवासों की छतों पर लगीं पानी की कई टंकियां टूटकर गायब हो चुकी हैं। लिहाजा वाशिंदों को सिर्फ सुबह-शाम एक-एक घंटे ही पानी मिल पा रहा है।
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इससे लोग दिन भर के लिए डिब्बों व ड्रमों में पानी भरने के लिए मजबूर हैं। नगर पालिका ने इन आवासों के लिए 43 लाख रुपये से 14.6 पानी की टंकियां खरीदी हैं। चार माह पहले आईं टंकियां सातनपुर ओवरहेड टैंक के नीचे रखवा दीं गईं। इसके बाद पालिका ने सुध नहीं ली।
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बर्बाद होता है लाखों लीटर पानी
सुबह व शाम पानी की आपूर्ति होने के दौरान टंकियां टूटी होने की वजह से पाइप लाइनों से लाखों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। छतों से फव्वारों की तरह पानी गलियों में गिरता है, जबकि टंकियां लगने पर यह पानी स्टॉक में बना रहेगा।
अब वर्क आर्डर में लेट-लतीफी
टंकियों को छतों पर लगाने के लिए नगर पालिका ने अलग से 29 लाख रुपये का टेंडर किया है। अब कार्यदायी संस्था के लिए वर्क आर्डर देने में हीलाहवाली की जा रही है। इसके पीछे भी राजनीति बताई जा रही है। निकाय चुनाव नजदीक हैं। इससे चुनाव से कुछ दिन पहले ही टंकियों को लगवाने की योजना बनाई जा रही है।