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Farrukhabad News: सर्वे किया... बजट मिला... फिर भी नहीं करा पाए सुंदरीकरण
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फर्रुखाबाद। बढ़पुर शीतला माता मंदिर के पीछे स्थित तालाब का सुंदरीकरण करके नौका विहार कराने एवं आसपास की बस्ती को जलभराव से निजात दिलाने की योजना पांच साल से लटकी हुई है। इस बार भी बारिश में 100 घरों के लोग जलभराव का दंश झेलेंगे। इसमें अमृत योजना-2.0 से 1.65 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हुए। दिसंबर 2023 में लखनऊ की आर्किटेक्ट टीम ने सर्वे भी किया मगर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
शहर का बढ़पुर तालाब करीब 22 बीघे में है। इन दिनों इसमें गंदगी का अंबार लगा है। आसपास 100 से अधिक मकान बने हुए हैं। सफाई न होने से तालाब की गहराई कम हो गई है। हर साल बारिश में गलियों के साथ दो-ढाई फीट पानी घरों में घुस जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका ने करीब पांच साल पहले तालाब की खोदाई करवाकर चारों तरफ पाथवे, लाइटें, झूले, बेंच और नौका विहार की योजना बनाई थी। इसके बाद 18 दिसंबर 2023 को लखनऊ से आर्किटेक्ट टीम में शामिल अमित कुमार व शिवम को बुलाकर तत्कालीन सहायक अभियंता आरके चतुर्वेदी की अगुवाई में पालिका की टीम ने नाव से पूरे तालाब का सर्वे किया था। टीम को सर्वे में 22 बीघे का तालाब मिला। इसकी गहराई 3.50 मीटर पाई गई थी। अब बारिश फिर आने वाली है। ऐसे में आसपास बस्ती के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बारिश में जलभराव होना तय है। कई घरों के लोगों को मकान खाली करके क्रिश्चियन मैदान में डेरा डालना पड़ता है।
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कोर्ट में परिवाद की वजह से आई दिक्कत : जेई
नगर पालिका के अवर अभियंता (जेई) भीष्म सिंह ने बताया कि सुंदरीकरण लगभग अंतिम चरण में था। मगर आर्किटेक्ट टीम ने जब सर्वे किया उसी समय कुछ लोगों ने सिविल वाद दायर कर दिया। अभी तारीखें पड़ रही हैं। प्रशासन ने वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक कमेटी बनाई है। वाद निस्तारण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शहर का बढ़पुर तालाब करीब 22 बीघे में है। इन दिनों इसमें गंदगी का अंबार लगा है। आसपास 100 से अधिक मकान बने हुए हैं। सफाई न होने से तालाब की गहराई कम हो गई है। हर साल बारिश में गलियों के साथ दो-ढाई फीट पानी घरों में घुस जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका ने करीब पांच साल पहले तालाब की खोदाई करवाकर चारों तरफ पाथवे, लाइटें, झूले, बेंच और नौका विहार की योजना बनाई थी। इसके बाद 18 दिसंबर 2023 को लखनऊ से आर्किटेक्ट टीम में शामिल अमित कुमार व शिवम को बुलाकर तत्कालीन सहायक अभियंता आरके चतुर्वेदी की अगुवाई में पालिका की टीम ने नाव से पूरे तालाब का सर्वे किया था। टीम को सर्वे में 22 बीघे का तालाब मिला। इसकी गहराई 3.50 मीटर पाई गई थी। अब बारिश फिर आने वाली है। ऐसे में आसपास बस्ती के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बारिश में जलभराव होना तय है। कई घरों के लोगों को मकान खाली करके क्रिश्चियन मैदान में डेरा डालना पड़ता है।
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कोर्ट में परिवाद की वजह से आई दिक्कत : जेई
नगर पालिका के अवर अभियंता (जेई) भीष्म सिंह ने बताया कि सुंदरीकरण लगभग अंतिम चरण में था। मगर आर्किटेक्ट टीम ने जब सर्वे किया उसी समय कुछ लोगों ने सिविल वाद दायर कर दिया। अभी तारीखें पड़ रही हैं। प्रशासन ने वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक कमेटी बनाई है। वाद निस्तारण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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