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गन्ना महकमे का दफ्तर सील
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Fri, 15 May 2015 11:38 PM IST
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गन्ना महकमे के दफ्तर में चपरासी के महिला लिपिक से अभद्रता करने के मामले
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को डीएम ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने चपरासी को निलंबित करने का आदेश
दिया है। दफ्तर को सील करवा दिया। जिला गन्ना अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब
किया है। जांच करने गए अतिरिक्त उपजिलाधिकारी को लिपिक ने शराब के खाली
पौव्वा दिखाए।
गन्ना महकमे की लिपिक प्रीती गंगवार से चपरासी रामनरेश ने गुरुवार को अभद्रता कर दी थी। इससे पहले भी 1 मई को चपरासी ने बदतमीजी की थी। इसकी शिकायत जिला गन्ना अधिकारी वीके अरविंद से की गई थी। उन्होंने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। गुरुवार को चपरासी के दोबारा अभद्रता करने पर डीएम एनकेएस चौहान अतिरिक्त एसडीएम एपी सिंह को जांच के लिए दफ्तर भेजा। इनके पहुंचते ही कर्मचारी गायब होने लगे। प्रीती ने बताया कि रामनरेश शराब के नशे में कई बार
अभद्रता कर चुका है। वह दफ्तर में ही शराब पीता है। कार्यालय लिपिक भी इसमें हयोग करते हैं। गुरुवार को भी उसने शराब पी थी। प्रीती ने दफ्तर में शराब के खाली पौव्वा एपी सिंह को दिखाए। एपी सिंह की रिपोर्ट पर डीएम ने रामनरेश के निलंबन के निर्देश दिए। जांच पूरी होने तक नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय संबद्ध कर दिया। जिला गन्ना अधिकारी वीके अरविंद से डीएम
ने 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है। दोपहर बाद डीएम ने नाजिर को गन्ना दफ्तर भेजकर उसे सील करवा दिया। कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट में बैठकर काम करने के लिए कहा है। मामले की जांच वीके अरविंद के सुपुर्द की गई है।
गन्ना महकमे की लिपिक प्रीती गंगवार से चपरासी रामनरेश ने गुरुवार को अभद्रता कर दी थी। इससे पहले भी 1 मई को चपरासी ने बदतमीजी की थी। इसकी शिकायत जिला गन्ना अधिकारी वीके अरविंद से की गई थी। उन्होंने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। गुरुवार को चपरासी के दोबारा अभद्रता करने पर डीएम एनकेएस चौहान अतिरिक्त एसडीएम एपी सिंह को जांच के लिए दफ्तर भेजा। इनके पहुंचते ही कर्मचारी गायब होने लगे। प्रीती ने बताया कि रामनरेश शराब के नशे में कई बार
अभद्रता कर चुका है। वह दफ्तर में ही शराब पीता है। कार्यालय लिपिक भी इसमें हयोग करते हैं। गुरुवार को भी उसने शराब पी थी। प्रीती ने दफ्तर में शराब के खाली पौव्वा एपी सिंह को दिखाए। एपी सिंह की रिपोर्ट पर डीएम ने रामनरेश के निलंबन के निर्देश दिए। जांच पूरी होने तक नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय संबद्ध कर दिया। जिला गन्ना अधिकारी वीके अरविंद से डीएम
ने 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है। दोपहर बाद डीएम ने नाजिर को गन्ना दफ्तर भेजकर उसे सील करवा दिया। कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट में बैठकर काम करने के लिए कहा है। मामले की जांच वीके अरविंद के सुपुर्द की गई है।