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उपकेंद्रों का निर्माण पूरा न होने से बिजली संकट
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आठ साल बाद भी नहीं बने उपकेंद्र
फर्रुखाबाद। बिजली संकट दूर करने के लिए आठ साल पूर्व स्वीकृत दो उपकेंद्रों में से एक का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है। दूसरे का अधूरा निर्माण कराकर नलकूप फीडर को चालू करा दिया गया। संकिसा व ग्रामीण क्षेत्र के लिए लाइन तक नहीं बिछाई गई। उपकेंद्रों का निर्माण पूरा न होने से अक्सर पुराने उपकेंद्रों का भार बढ़ जाता है। नतीजतन गांवों में बिजली संकट बरकरार है।
ग्रामीण इलाकों को निर्बाध बिजली देने के लिए जहानगंज में नौगवां, कमालगंज में पाहला और मेरापुर के गांव संकिसा में विद्युत उपकेंद्र स्वीकृत हुए थे। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था ईशान अर्थिंग को मिली थी।
तीनों विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण तीन साल में पूरा करना था। इन उपकेंद्रों से गांवों को जोड़ने से पुराने उपकेंद्रों का लोड कम हो जाएगा। आठ साल बाद भी पाहला गांव में उपकेंद्र का निर्माण शुरू तक नहीं कराया गया।
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संकिसा विद्युत उपकेंद्र पर तीन फीडर बनने थे। सिर्फ परमखिरिया पीटीडब्लू (नलकूल लाइन) का निर्माण करा कर अक्तूबर 2020 में उद्घाटन करा दिया गया। परमखिरिया ग्रामीण और संकिसा फीडर की विद्युत लाइन, पखना से नीबकरोरी ट्रांसमिशन तक 33 केवी लाइन अभी तक नहीं बनाई गई।
इससे संकिसा, परमखिरिया के आसपास के गांवों को पुराने उपकेंद्रों से बिजली दी जा रही है। वह भी ओवरलोड हैं। गांवों में बिजली संकट बना रहता है। नौगवां उपकेंद्र का काम पूरा होने से उसे फरवरी 2021 में चालू कर दिया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
‘कार्यदायी संस्था को संकिसा विद्युत उपकेंद्र के अधूरे काम को अगस्त तक पूरा करने के लिए कहा गया है। इसके लिए फर्म के मालिक को नोटिस भी भेजा गया है। पाहला विद्युत उपकेंद्र का ठेका निरस्त कर दिया गया है। दोबारा से टेंडर कराया जाएगा।’ सुधीर श्रीवास्तव, एसडीओ निर्माण खंड विद्युत कानपुर
बार-बार लाइनों में आता फाल्ट
फर्रुखाबाद। शहरी क्षेत्र में आबादी बढ़ने के साथ विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या में भी खासा इजाफा हुआ है। मांग बढ़ने से उपकेंद्रों में भी बिजली आपूर्ति का भर बढ़ गया है। उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि न होने से ओवरलोडिंग से बार-बार फाल्ट होते हैं। भीषण गर्मी में इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ता है। उत्पादन केंद्र से निर्बाध आपूर्ति के बाद भी लोगों को महज कुछ घंटे ही बिजली मिलती है।
शहरी क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र कुटरा से न्यायालय, कलक्ट्रेट, आफीसर्स कॉलोनी, सिविल लाइंस समेत 15 मोहल्लों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इस विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्राधिकार में अधिकांश जिले के आला अधिकारियों व संभ्रांत लोगों के आवास है।
पांचाल घाट विद्युत उपकेंद्र से आसपास के करीब 10 गांवों व 15 मोहल्लों को बिजली दी जाती है। इस उपकेंद्र से निजी अस्पतालों के अधिक कनेक्शन हैं। कई वर्षों से यह दोनों विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड हैं। आए दिन फाल्ट व ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं होती हैं।
दोनों उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के लिए पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगवाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। प्रस्ताव पर अमल न होने के कारण दोनों उपकेंद्रों की क्षमता जस की तस है। दोनों उपकेंद्र ओवरलोड होने के कारण कराह रहे है। बार-बार फाल्टों से उपकेंद्र ठप होने से रोजाना कई बार बिजली गुल रहती है। शहरी क्षेत्र में फाल्टों से बिजली के आंखमिचौली करने से उपभोक्ता परेशान हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
‘दो विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव पास होने पर काम कराया जाएगा। दोबारा से अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।’ आरबी यादव, एक्सईएन शहरी
फोटो- 7 व 8
खतरनाक प्वाइंट पर खड़े 15 विद्युत पोल हटाए गए
फर्रुखाबाद। शहर के मुख्य मार्ग पर हादसे को दावत देने वालेे विद्युत पोलों को हटवाने का काम कराया गया। शाम तक सभी पोलों को हटवा दिया गया है। शहर में आवास विकास से नेकपुर चौरासी तक करीब 20 पोल लगे थे। अक्सर इन पोलों से वाहनों के टकराने से हादसा होते थे। एक माह पूर्व इन पोलों की लाइन उतारने का काम शुरू कराया गया था। बाद में काम बंद कर दिया गया। 15 दिन पूर्व पांच पोल हटवाए गए थे। एक्सईएन शहरी की सख्ती पर ठेकेदार रोहित यादव ने रविवार को 15 पोलों को हटवा दिया। एक्सईएन शहरी आरबी यादव ने बताया कि पोल सभी हटा दिए गए हैं।
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फर्रुखाबाद। बिजली संकट दूर करने के लिए आठ साल पूर्व स्वीकृत दो उपकेंद्रों में से एक का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है। दूसरे का अधूरा निर्माण कराकर नलकूप फीडर को चालू करा दिया गया। संकिसा व ग्रामीण क्षेत्र के लिए लाइन तक नहीं बिछाई गई। उपकेंद्रों का निर्माण पूरा न होने से अक्सर पुराने उपकेंद्रों का भार बढ़ जाता है। नतीजतन गांवों में बिजली संकट बरकरार है।
ग्रामीण इलाकों को निर्बाध बिजली देने के लिए जहानगंज में नौगवां, कमालगंज में पाहला और मेरापुर के गांव संकिसा में विद्युत उपकेंद्र स्वीकृत हुए थे। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था ईशान अर्थिंग को मिली थी।
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तीनों विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण तीन साल में पूरा करना था। इन उपकेंद्रों से गांवों को जोड़ने से पुराने उपकेंद्रों का लोड कम हो जाएगा। आठ साल बाद भी पाहला गांव में उपकेंद्र का निर्माण शुरू तक नहीं कराया गया।
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संकिसा विद्युत उपकेंद्र पर तीन फीडर बनने थे। सिर्फ परमखिरिया पीटीडब्लू (नलकूल लाइन) का निर्माण करा कर अक्तूबर 2020 में उद्घाटन करा दिया गया। परमखिरिया ग्रामीण और संकिसा फीडर की विद्युत लाइन, पखना से नीबकरोरी ट्रांसमिशन तक 33 केवी लाइन अभी तक नहीं बनाई गई।
इससे संकिसा, परमखिरिया के आसपास के गांवों को पुराने उपकेंद्रों से बिजली दी जा रही है। वह भी ओवरलोड हैं। गांवों में बिजली संकट बना रहता है। नौगवां उपकेंद्र का काम पूरा होने से उसे फरवरी 2021 में चालू कर दिया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
‘कार्यदायी संस्था को संकिसा विद्युत उपकेंद्र के अधूरे काम को अगस्त तक पूरा करने के लिए कहा गया है। इसके लिए फर्म के मालिक को नोटिस भी भेजा गया है। पाहला विद्युत उपकेंद्र का ठेका निरस्त कर दिया गया है। दोबारा से टेंडर कराया जाएगा।’ सुधीर श्रीवास्तव, एसडीओ निर्माण खंड विद्युत कानपुर
बार-बार लाइनों में आता फाल्ट
फर्रुखाबाद। शहरी क्षेत्र में आबादी बढ़ने के साथ विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या में भी खासा इजाफा हुआ है। मांग बढ़ने से उपकेंद्रों में भी बिजली आपूर्ति का भर बढ़ गया है। उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि न होने से ओवरलोडिंग से बार-बार फाल्ट होते हैं। भीषण गर्मी में इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ता है। उत्पादन केंद्र से निर्बाध आपूर्ति के बाद भी लोगों को महज कुछ घंटे ही बिजली मिलती है।
शहरी क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र कुटरा से न्यायालय, कलक्ट्रेट, आफीसर्स कॉलोनी, सिविल लाइंस समेत 15 मोहल्लों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इस विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्राधिकार में अधिकांश जिले के आला अधिकारियों व संभ्रांत लोगों के आवास है।
पांचाल घाट विद्युत उपकेंद्र से आसपास के करीब 10 गांवों व 15 मोहल्लों को बिजली दी जाती है। इस उपकेंद्र से निजी अस्पतालों के अधिक कनेक्शन हैं। कई वर्षों से यह दोनों विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड हैं। आए दिन फाल्ट व ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं होती हैं।
दोनों उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के लिए पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगवाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। प्रस्ताव पर अमल न होने के कारण दोनों उपकेंद्रों की क्षमता जस की तस है। दोनों उपकेंद्र ओवरलोड होने के कारण कराह रहे है। बार-बार फाल्टों से उपकेंद्र ठप होने से रोजाना कई बार बिजली गुल रहती है। शहरी क्षेत्र में फाल्टों से बिजली के आंखमिचौली करने से उपभोक्ता परेशान हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
‘दो विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव पास होने पर काम कराया जाएगा। दोबारा से अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।’ आरबी यादव, एक्सईएन शहरी
फोटो- 7 व 8
खतरनाक प्वाइंट पर खड़े 15 विद्युत पोल हटाए गए
फर्रुखाबाद। शहर के मुख्य मार्ग पर हादसे को दावत देने वालेे विद्युत पोलों को हटवाने का काम कराया गया। शाम तक सभी पोलों को हटवा दिया गया है। शहर में आवास विकास से नेकपुर चौरासी तक करीब 20 पोल लगे थे। अक्सर इन पोलों से वाहनों के टकराने से हादसा होते थे। एक माह पूर्व इन पोलों की लाइन उतारने का काम शुरू कराया गया था। बाद में काम बंद कर दिया गया। 15 दिन पूर्व पांच पोल हटवाए गए थे। एक्सईएन शहरी की सख्ती पर ठेकेदार रोहित यादव ने रविवार को 15 पोलों को हटवा दिया। एक्सईएन शहरी आरबी यादव ने बताया कि पोल सभी हटा दिए गए हैं।