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विषय में फेरबदल होने से तैयारी करने में छूटे पसीने
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फर्रुखाबाद। कोरोना कॉल में ऑन लाइन पढ़ाई छात्र-छात्राओं को रास नहीं आई। बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में दिक्कत उठानी पड़ रही है। इंटरमीडियट कामर्स वर्ग के एक विषय का फेरबदल होने से छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में पसीने छूट रहे हैं।
परीक्षार्थियों का कहना है कि जब विषय फाइनल हुआ, तभी परीक्षा आ गई है। इससे तैयारी करने में परेशानी हो रही है। कोरोना संक्रमण के कारण शैक्षिक सत्र 2021-22 में 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नहीं कराई गईं थीं। छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया गया था।
कोविड के कारण कॉलेज बार-बार बंद होने से ऑनलाइन पढ़ाई ही कराई गई। ऐसे में स्मार्ट फोन व इंटरनेट की कमी से भी कई छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित रही। राजकीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के कामर्स वर्ग के 12 वीं के एक विषय में बार-बार फेरबदल होता रहा। कभी परीक्षार्थियों को कला तो कभी व्यवसायिक संगठन विषय बोर्ड द्वारा आवंटित होने की जानकारी दी गई।
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नौ मार्च को व्यवसायिक संगठन विषय ही फाइनल होने की जानकारी मिली। इससे परीक्षार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में दिक्कत हो रही है। व्यवसायिक शिक्षा के शिक्षक मुकेश दुबे ने बताया कि बोर्ड से कोड नंबर गलत हो गए थे। इससे विषय में फेरबदल हो गया था। अब कोड सही हो गया है। प्रधानाचार्य एपी सिंह ने बताया कि इसकी जानकारी नहीं है।
जीआईसी फतेहगढ़ के कामर्स वर्ग 12वीं के छात्र अभय कुमार का कहना है कि साल भर कला और व्यवसायिक संगठन विषय में बदलाव होता रहा। अब व्यवसायिक संगठन मिलने की जानकारी हुई। इससे तैयारी करने में दिक्कत हो रही है।
जीआईसी फतेहगढ़ के कामर्स साइड के 12वीं के छात्र अभिषेक बाथम ने बताया कि विषय में 9 मार्च को कला नहीं व्यवसायिक संगठन की परीक्षा होने की जानकारी मिली है। अब जितनी तैयारी हो पाएगी, उसी के आधार पर परीक्षा देंगे।
छात्रा कुमकुम का कहना है कि भाई के पास स्मार्ट फोन है, जब भाई घर आते थे, तब विद्यालय से मिलने वाले होमवर्क को करती थी। ऑनलाइन पढ़ाई से कोर्स पूरा करने में दिक्कत आई। अब समझ में नहीं आ रहा कि परीक्षा के लिए तैयारी कैसे की जाए।
10 वीं की छात्रा दिव्यांशी का कहना है कि मोबाइल के अभाव में ऑनलाइन पढ़ाई करना मुश्किल हुआ। कोर्स पूरा करने में काफी दिक्कत हुई। जो पड़ा है, अब उसी के आधार पर परीक्षा देनी पड़ेगी। पूरा प्रयास रहेगा कि परीक्षा फल अच्छा ही रहे।
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परीक्षार्थियों का कहना है कि जब विषय फाइनल हुआ, तभी परीक्षा आ गई है। इससे तैयारी करने में परेशानी हो रही है। कोरोना संक्रमण के कारण शैक्षिक सत्र 2021-22 में 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नहीं कराई गईं थीं। छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया गया था।
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कोविड के कारण कॉलेज बार-बार बंद होने से ऑनलाइन पढ़ाई ही कराई गई। ऐसे में स्मार्ट फोन व इंटरनेट की कमी से भी कई छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित रही। राजकीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़ के कामर्स वर्ग के 12 वीं के एक विषय में बार-बार फेरबदल होता रहा। कभी परीक्षार्थियों को कला तो कभी व्यवसायिक संगठन विषय बोर्ड द्वारा आवंटित होने की जानकारी दी गई।
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नौ मार्च को व्यवसायिक संगठन विषय ही फाइनल होने की जानकारी मिली। इससे परीक्षार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में दिक्कत हो रही है। व्यवसायिक शिक्षा के शिक्षक मुकेश दुबे ने बताया कि बोर्ड से कोड नंबर गलत हो गए थे। इससे विषय में फेरबदल हो गया था। अब कोड सही हो गया है। प्रधानाचार्य एपी सिंह ने बताया कि इसकी जानकारी नहीं है।
जीआईसी फतेहगढ़ के कामर्स वर्ग 12वीं के छात्र अभय कुमार का कहना है कि साल भर कला और व्यवसायिक संगठन विषय में बदलाव होता रहा। अब व्यवसायिक संगठन मिलने की जानकारी हुई। इससे तैयारी करने में दिक्कत हो रही है।
जीआईसी फतेहगढ़ के कामर्स साइड के 12वीं के छात्र अभिषेक बाथम ने बताया कि विषय में 9 मार्च को कला नहीं व्यवसायिक संगठन की परीक्षा होने की जानकारी मिली है। अब जितनी तैयारी हो पाएगी, उसी के आधार पर परीक्षा देंगे।
छात्रा कुमकुम का कहना है कि भाई के पास स्मार्ट फोन है, जब भाई घर आते थे, तब विद्यालय से मिलने वाले होमवर्क को करती थी। ऑनलाइन पढ़ाई से कोर्स पूरा करने में दिक्कत आई। अब समझ में नहीं आ रहा कि परीक्षा के लिए तैयारी कैसे की जाए।
10 वीं की छात्रा दिव्यांशी का कहना है कि मोबाइल के अभाव में ऑनलाइन पढ़ाई करना मुश्किल हुआ। कोर्स पूरा करने में काफी दिक्कत हुई। जो पड़ा है, अब उसी के आधार पर परीक्षा देनी पड़ेगी। पूरा प्रयास रहेगा कि परीक्षा फल अच्छा ही रहे।