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सीमाओं पर सख्ती होने से रोके गए प्रवासी, ट्रक में मिले 30 प्रवासी

Sun, 17 May 2020 09:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2020 09:45 PM IST
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Strict on borders, migrants stopped
कायमगंज के ब्राहिमपुर बार्डर पर साइकिल ठेला खींचकर ले जाता दिव्यांग। - फोटो : FARRUKHABAD
सीमाओं पर सख्ती, रोके गए प्रवासी
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फर्रुखाबाद। शासन के आदेश पर सीमाओं पर सख्ती बढ़ गई है। ऐसे में रविवार को कई प्रवासियों को जिले की सीमा पर ही रोक लिया गया। कुछ को लौटा दिया गया तो कई को क्वारंटीन सेंटरो में भेज दिया गया। इसी क्रम में एटा बार्डर पर मेरापुर पुलिस ने साइकिल व रिक्शे से आए 11 लोगों को रोका और क्वारंटीन सेंटर भेज दिया। अमृतपुर क्षेत्र की सीमा पर शाहजहांपुर से आए ट्रक में 30 प्रवासी मिले। इनको उतार लिया गया। इन सभी को बसों से उनके मूल जनपद भेजा गया।
शासन के आदेश से सख्ती बढ़ी तो अमृतपुर एसओ सुरेंद्र सिंह यादव रविवार को शाहजहांपुर सीमा पर लगे बैरियर पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी शाहजहांपुर से आ रहा ट्रक रुकवा लिया। ट्राला में गाजियाबाद से आ रहे 30 प्रवासी बैठे मिले। इन सभी को थानाध्यक्ष ने उतार लिया। इसमें कुछ लोग रायबरेली, प्रतापगढ़ व अमेठी जा रहे थे।
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जानकारी पर पहुंचे एसडीएम वृजेंद्र कुमार ने सभी को सामुदायिक रसोई से भोजन मंगा कर दिया। इसके बाद सभी के नाम पता लिखकर बस से रायबरेली भेज दिया गया। वहां से दूसरी बसों से संबंधित जिलों में इनको भेजा जाएगा। मेरापुर थाना क्षेत्र में एटा सीमा के पास लगे बैरियर पर साइकिल से दिल्ली से बिहार जा रहे 11 लोगों को रोक लिया गया।
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सीओ राजवीर सिंह ने इनसे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वह बिहार के बेगू सराय निवासी है। दिल्ली में दिहाड़ी मजदूर थे। सीओ के निर्देश पर एसओ आरके रावत ने सभी को नाश्ता देकर बस से मेजर एसडी सिंह कालेज क्वारंटीन सेंटर भेज दिया।
लड़खड़ाते कदमों से तय कर कर रहे घर का सफर
कायमगंज। वक्त सुबह साढे़ 11 बजे बिराहिमपुर बॉर्डर पर अलीगंज की ओर से एक साइकिल ठेला पर दो साथियों को बैठाकर दिव्यांग प्रवासी खींचता चला आ रहा था। लड़खड़ाते कदम बता रहे थे, इन्हें चलते हुए काफी वक्त बीत गया लेकिन रुकने का नाम नहीं, क्योंकि दिल्ली से बिहार के लिए निकले इन मजदूरों को नहीं पता कि घर कब पहुंचेंगे।
ये कहानी है दिल्ली में बेलदारी करने वाले बिहार के सहरसा जनपद के गांव सिमरी बख्तियारपुर निवासी 40 वर्षीय दिव्यांग संजय शाह, उनके साथी परमानंद शाह व पन्नालाल की। इसमें संजय आनंदविहार में बेलदारी करते थे। परमानंद शाह बिजली का काम करते थे। 2011 में पोल से गिर गए थे। उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हो चुका है।
पन्नालाल साइकिल ठेला पर माल ढोते थे। लॉक डाउन और बढ़ने की जानकारी मिली तो साइकिल ठेले से ही घर चल दिए। चार दिन में यहां पहुंचे तो पुलिस ने रोक लिया। उन्हें स्कूल में रोका गया है। एसडीएम अमित आसेरी ने बताया उन्हें बस से बिहार बॉर्डर तक पहुंचाया जाएगा। उनका साइकिल ठेला थाने में जमा करा दिया जाएगा। बाद में आकर वे ठेला ले जा सकते हैं।

आंध्र प्रदेश से पैदल आए परिवार में एक को बुखार
कायमगंज। गांव सिनौली निवासी पांच लोगों का परिवार आंध्र प्रदेश के गंठूर से पैदल आ गया। वह फ्लू कैंप पहुंचे तो परिवार के मुखिया को तेज बुखार निकला। उन्हें वहीं क्वारंटीन कर दिया गया। परिवार के अन्य सदस्यों को होम क्वारंटीन किया गया है। इसके अलावा मुंबई, दिल्ली से आए 190 लोगों की फ्लू कैंप में थर्मल स्क्रीनिंग हुई। इसमें 18 को एसएनएम में क्वारंटीन किया गया है। अन्य को डॉ सुनील कुमार ने होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया।
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