{"_id":"67aa4b3f3f2f9933a40f4764","slug":"stop-on-the-dispute-of-saints-now-the-other-party-is-also-sued-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-105363-2025-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: संतों के विवाद पर विराम, अब दूसरे पक्ष पर भी मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: संतों के विवाद पर विराम, अब दूसरे पक्ष पर भी मुकदमा
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। चार दिन पहले हुए संतों के विवाद में पुलिस ने महंत के शिष्य की तहरीर पर दूसरे पक्ष के तीन नामजद व अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला भू समाधि की घोषणा तक पहुंचे और इस बीच एक संत के फंदा लगाकर जान देने के प्रयास के बाद हरकत में आई पुलिस ने आनन-फानन में रिपोर्ट दर्ज की है।
बाइक से टक्कर लगने के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद इतना तूल पकड़ा कि महंत सत्यगिरी महाराज को भू-समाधि का ऐलान करना पड़ा। इसके पीछे पुलिस की इकतरफा कार्रवाई को कारण बताया जा रहा है। हालांकि सोमवार सुबह ही एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति अखाड़़ा पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। शाम सात बजे कादरीगेट थानाध्यक्ष ने जूना अखाड़ा के महंत के पास जाकर मुकदमा दर्ज करने की बात बताई। उन्हें मुकदमा की कॉपी दी गई।
इसमें महंत के शिष्य सागरपुरी महाराज, सत्यवीर उर्फ भोला की ओर से आचार्य प्रदीप शुक्ल, संकित, सचिन और अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें कहा कि नामजद अपने अज्ञात लोगों के साथ लाठी, डंडे, चाकू और कुल्हाड़ी लेकर आए और हमला बोल दिया। इससे उनके काफी चोटें आईं। मुकदमे की कॉपी मिलने के बाद महंत ने भू समाधि का फैसला वापस ले लिया। भक्तों ने जयकारे भी लगाए।
विज्ञापन
-- -- -- --
जूना अखाड़े के थानापति ने लगाया फंदा, हालत स्थिर
फोटो-21
फर्रुखाबाद। रामनगरिया मेले में संतों के साथ मारपीट के बाद महंत सत्यगिरी महाराज पर मुकदमा होने और उनके समाधि लेने के ऐलान से आहत अखाड़े के सेनापति बलवंत गिरी (55) ने सोमवार शाम फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया। किसी काम से वहां से निकल रहे कन्हैया दास की फंदे पर लटक कर तड़प रहे संत पर पड़ी तो उन्होंने काफी प्रयास के बाद उन्हें बचाया। कई अन्य संतों की मदद से नीचे उतारा गया। एंबुलेंस बुलवाई गई। थाना प्रभारी संजय राय ने गंभीर हालत में संत को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। (संवाद)
विज्ञापन
बाइक से टक्कर लगने के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद इतना तूल पकड़ा कि महंत सत्यगिरी महाराज को भू-समाधि का ऐलान करना पड़ा। इसके पीछे पुलिस की इकतरफा कार्रवाई को कारण बताया जा रहा है। हालांकि सोमवार सुबह ही एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति अखाड़़ा पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। शाम सात बजे कादरीगेट थानाध्यक्ष ने जूना अखाड़ा के महंत के पास जाकर मुकदमा दर्ज करने की बात बताई। उन्हें मुकदमा की कॉपी दी गई।
विज्ञापन
इसमें महंत के शिष्य सागरपुरी महाराज, सत्यवीर उर्फ भोला की ओर से आचार्य प्रदीप शुक्ल, संकित, सचिन और अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें कहा कि नामजद अपने अज्ञात लोगों के साथ लाठी, डंडे, चाकू और कुल्हाड़ी लेकर आए और हमला बोल दिया। इससे उनके काफी चोटें आईं। मुकदमे की कॉपी मिलने के बाद महंत ने भू समाधि का फैसला वापस ले लिया। भक्तों ने जयकारे भी लगाए।
विज्ञापन
जूना अखाड़े के थानापति ने लगाया फंदा, हालत स्थिर
फोटो-21
फर्रुखाबाद। रामनगरिया मेले में संतों के साथ मारपीट के बाद महंत सत्यगिरी महाराज पर मुकदमा होने और उनके समाधि लेने के ऐलान से आहत अखाड़े के सेनापति बलवंत गिरी (55) ने सोमवार शाम फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया। किसी काम से वहां से निकल रहे कन्हैया दास की फंदे पर लटक कर तड़प रहे संत पर पड़ी तो उन्होंने काफी प्रयास के बाद उन्हें बचाया। कई अन्य संतों की मदद से नीचे उतारा गया। एंबुलेंस बुलवाई गई। थाना प्रभारी संजय राय ने गंभीर हालत में संत को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। (संवाद)