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Farrukhabad News: वेतन तो कभी इंक्रीमेंट रुका फिर भी नहीं सुधरे गुरुजी

Wed, 23 Jul 2025 12:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 12:35 AM IST
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Sometimes salary and sometimes increment stopped but still Guruji did not improve
फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्रवाई के नाम पर भी जमकर खेल होता है। यही वजह है कि शिक्षक मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे। सबसे ज्यादा खेल स्कूलों के निरीक्षण में हुआ। अधिकारी व कर्मचारी निरीक्षण के दौरान विद्यालयों और शिक्षकों की खामियां पकड़ते हैं। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कई बार वेतन अवरुद्ध और इंक्रीमेंट रोकने जैसी कार्रवाई होती है फिर भी गुरुजी सुधरने का नाम नहीं ले रहे।
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केस-एक
उच्च प्राथमिक विद्यालय धमगवां के सहायक अध्यापक प्रवीन कुमार सितंबर 2021 में निरीक्षण में अनुपस्थित मिले। एक दिन का वेतन रोका गया। 21 अगस्त 2024 को वे फिर गैरहाजिर पाए गए। अक्टूबर 2024 को वे निलंबित किए गए। 21 नवंबर 2024 व 22 मार्च 2025 को उनका फिर एक दिन का वेतन रोका गया। 20 मई 2025 को अनुपस्थित मिलने पर फिर वेतन रोका गया। 28 जून 2025 को सुबह 9:40 बजे स्कूल बंद मिला तो उनके दो इंक्रीमेंट रोकने की कार्रवाई की गई।
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केस-2
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुआंखेड़ा के सहायक अध्यापक नवीन कुमार बौद्ध जुलाई 2018 में अनियमित उपस्थिति के कारण निलंबित किए गए। 27 जून 2022 को दो दिन का वेतन अवरुद्ध किया गया। 23 जुलाई 2022 को अनुपस्थित मिलने पर फिर वेतन रोका गया। बिना सूचना लगातार अनुपस्थित मिलने पर वर्ष 2022 में ही वेतन रोका गया। अगस्त 2024 को अनुपस्थित मिलने पर फिर एक दिन का वेतन रोका गया। फरवरी 2025 में सहायक अध्यापक नवीन कुमार बौद्ध का सात दिन का वेतन रोका गया। 24 जून 2025 से शिक्षक नवीन कुमार बौद्ध बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं। मामला संज्ञान में आने पर बीएसए ने दो इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश दिए।
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कागजी लिखा-पढ़ी में अफसरों को महारत हासिल
कार्रवाई के नाम पर लीपापोती के यह दो मामले तो बानगी भर हैं। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें कार्रवाई के नाम पर सिर्फ लकीर पीटी जाती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार विभागीय अधिकारी भी कार्रवाई करने के दौैरान ऐसी लिखापढ़ी करते हैं कि आगे चलकर साठगांठ कर उन्हें राहत दी जा सके।



बोले जिम्मेदार
‘निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिलने व अन्य शिकायतों पर जांच के बाद शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। कार्रवाई के बाद शिक्षक कोर्ट चले जाते हैं, जिस पर उन्हें राहत मिल जाती है।’
- अनुपम अवस्थी, प्रभारी बीएसए
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