{"_id":"68e171c17acff9b4b30d0d9f","slug":"some-ran-barefoot-some-on-bicycles-and-some-on-bikes-towards-the-coaching-centre-causing-a-lot-of-screaming-and-shouting-farrukhabad-news-c-222-1-ka11004-130921-2025-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: नंगे पांव, साइकिल तो कोई बाइक से कोचिंग की तरफ भागा, मची चीख-पुकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: नंगे पांव, साइकिल तो कोई बाइक से कोचिंग की तरफ भागा, मची चीख-पुकार
Sun, 05 Oct 2025 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 05 Oct 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। कादरीगेट थाना क्षेत्र के सातनपुर मंडी के पास लाइब्रेरी व कोचिंग सेंटर में शनिवार दोपहर हुए विस्फोट के बाद जो मंजर सामने आया, उसने हर किसी की रूह कांप गई। दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई कोचिंग में 50 से अधिक बच्चे मौजूद थे।
अचानक तेज धमाके की आवाज गूंजी तो चंद मिनट में ही खौफनाक मंजर दिखने लगा। विस्फोट की खबर फैलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। कोई नंगे पांव, कोई साइकिल, तो कोई मोटरसाइकिल से कोचिंग की ओर दौड़ा। मौके पर पहुंचकर हर मां-बाप अपने बच्चे को खोजने के लिए पागलों की तरह दौड़ता नजर आया। किसी की चीख, किसी का नाम पुकारती आवाजें माहौल को और दहला रही थीं।
पास ही मौजूद अजय ने बताया कि चारों तरफ बच्चों की चीखें गूंज रही थीं, हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। एक बच्ची के पिता सुनील ने कहा कि जब उन्होंने अपनी बेटी को जिंदा देखा तो वह खुशी से रो पड़े। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मातम और अफरातफरी का ऐसा मंजर था कि देखने वालों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
हादसे की खबर सुनकर लोहिया अस्पताल पहुंचे पंकज यादव ने बताया कि उनकी बेटी भी इसी कोचिंग में पढ़ती है। देरी के कारण वह आज पढ़ने नहीं गई थी। भगवान ने उसे बाल-बाल बचा लिया।
विज्ञापन
अचानक तेज धमाके की आवाज गूंजी तो चंद मिनट में ही खौफनाक मंजर दिखने लगा। विस्फोट की खबर फैलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। कोई नंगे पांव, कोई साइकिल, तो कोई मोटरसाइकिल से कोचिंग की ओर दौड़ा। मौके पर पहुंचकर हर मां-बाप अपने बच्चे को खोजने के लिए पागलों की तरह दौड़ता नजर आया। किसी की चीख, किसी का नाम पुकारती आवाजें माहौल को और दहला रही थीं।
विज्ञापन
पास ही मौजूद अजय ने बताया कि चारों तरफ बच्चों की चीखें गूंज रही थीं, हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। एक बच्ची के पिता सुनील ने कहा कि जब उन्होंने अपनी बेटी को जिंदा देखा तो वह खुशी से रो पड़े। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मातम और अफरातफरी का ऐसा मंजर था कि देखने वालों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
हादसे की खबर सुनकर लोहिया अस्पताल पहुंचे पंकज यादव ने बताया कि उनकी बेटी भी इसी कोचिंग में पढ़ती है। देरी के कारण वह आज पढ़ने नहीं गई थी। भगवान ने उसे बाल-बाल बचा लिया।