{"_id":"5f8489988ebc3e9be04eaf1b","slug":"six-deaths-due-to-fever-in-khanni-nagla-of-farrukhabad-35-sick-farrukhabad-news-knp5880672113","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्रुखाबाद के खन्नी नगला में बुखार से एक माह में छह की मौत, 35 बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्रुखाबाद के खन्नी नगला में बुखार से एक माह में छह की मौत, 35 बीमार
विज्ञापन
सास की बुखार से मौत के बाद अपनी पीड़ा बताती बहू सुकांती। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद के वार्ड दो का मोहल्ला है खन्नी नगला। बस्ती को जाने वाला मुख्यमार्ग महीनों से सीवेज के पानी से लबालब है। इसमें सड़ांध और पल रहे मच्छरों से गांव में बुखार फैल गया है। बुखार से ही एक माह में छह लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी 35 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। कुछ घरों में ही पड़े हैं और कई लोगों ने अपने बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कर रखा है। नगर पालिका जलभराव खत्म करने में रुचि नहीं ले रही है। इससे लोगों में गुस्सा पनप रहा है। लोगों ने शीघ्र समस्या समाधान की मांग की है।
संकरी गलियों की कीचड़ से भरी नालियां
मोहल्ले की अधिकांश गलियां काफी संकरी हैं। इनमें एक तरफ बह रही नाली महीनों तक साफ नहीं होतीं। दूसरी तरफ केवल पैदल निकलने की ही गुंजाइश है। गांव में मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है।
पालिका ने नहीं कराई फागिंग
नगर पालिका परिषद ने इस मोहल्ले में अभी तक एक बार भी फागिंग कराने की जरूरत नहीं समझी। इसी का नतीजा मोहल्ले को लोग बुखार के प्रकोप के रूप में भुगत रहे हैं।
विज्ञापन
इन लोगों की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों ने बताया कि नौ सितंबर से अब तक बुखार से गांव की रामवती (90) पत्नी स्व. रामभरोसे, रेखा (35) पत्नी राजेश बाबू उर्फ पप्पू, मीना (45) पत्नी सर्वेश कुमार, बेटे लाल (90), देवकी (75) पत्नी रामजीत, धनदेवी (70) पत्नी स्व सियाराम की मौत हो चुकी है।
इन परिवारों में बुखार से पीड़ित हैं परिजन
फोटो-33 रतन कुमार
रतन कुमार ने बताया कि मेरा बच्चा कई दिन से बीमार था। उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सोमवार को ही छुट्टी मिली है। पत्नी को अभी भी बुखार आ रहा है।
बलवीर सिंह रोडवेज में बड़े बाबू हैं। बोले, घर में पत्नी, बच्चियां बुखार से पीड़ित हैं। मैं ही बचा हूं। मोहल्ले में फैली गंदगी से छुटकारे को नगर पालिका नहीं सोच रही।
वीरपाल ने बताया कि उनके पत्नी और तीन बच्चे बीमार हैं। बच्चों को तो अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बुखार काफी तेज चढ़ता है। घर में सभी लोग परेशान हैं।
ईश्वर दयाल ने बताया कि मेरा बच्चा अस्पताल में भर्ती था। पत्नी को बुखार काफी तेज चढ़ता है। इलाज चल रहा है। बच्चे की अस्पताल से आज ही छुट्टी हुई है।
‘खन्नीनगला के पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। मार्ग पास है। लॉकडाउन से काम बंद पड़ा है। ठेकेदार से शीघ्र काम शुरू करने को कहा है। जेसीबी से कीचड़ हटवाया था। छिड़काव भी करवा चुके हैं। सड़क, नाली निर्माण के बाद ही समस्या का समाधान हो जाएगा।’
-रीता देवी, सभासद वार्ड नंबर दो।
‘ठेकेदार को काम शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। दो-चार दिन में काम शुरू हो जाएगा। अभी जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। मौके पर जांच करवाएंगे। पंपसेट से भी पानी निकलवाने का प्रयास करेंगे।’
-रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद
खन्नी नगला में पहले टीम भेज कर कोरोना की जांच कराई गई थी। बुखार पीड़ितों को दवा दिलाई गई थी। दोबारा से टीम भेज कर चेकअप कराया जाएगा और दवा दी जाएगी।
डा. वंदना सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद के वार्ड दो का मोहल्ला है खन्नी नगला। बस्ती को जाने वाला मुख्यमार्ग महीनों से सीवेज के पानी से लबालब है। इसमें सड़ांध और पल रहे मच्छरों से गांव में बुखार फैल गया है। बुखार से ही एक माह में छह लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी 35 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। कुछ घरों में ही पड़े हैं और कई लोगों ने अपने बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कर रखा है। नगर पालिका जलभराव खत्म करने में रुचि नहीं ले रही है। इससे लोगों में गुस्सा पनप रहा है। लोगों ने शीघ्र समस्या समाधान की मांग की है।
संकरी गलियों की कीचड़ से भरी नालियां
मोहल्ले की अधिकांश गलियां काफी संकरी हैं। इनमें एक तरफ बह रही नाली महीनों तक साफ नहीं होतीं। दूसरी तरफ केवल पैदल निकलने की ही गुंजाइश है। गांव में मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है।
विज्ञापन
पालिका ने नहीं कराई फागिंग
नगर पालिका परिषद ने इस मोहल्ले में अभी तक एक बार भी फागिंग कराने की जरूरत नहीं समझी। इसी का नतीजा मोहल्ले को लोग बुखार के प्रकोप के रूप में भुगत रहे हैं।
विज्ञापन
इन लोगों की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों ने बताया कि नौ सितंबर से अब तक बुखार से गांव की रामवती (90) पत्नी स्व. रामभरोसे, रेखा (35) पत्नी राजेश बाबू उर्फ पप्पू, मीना (45) पत्नी सर्वेश कुमार, बेटे लाल (90), देवकी (75) पत्नी रामजीत, धनदेवी (70) पत्नी स्व सियाराम की मौत हो चुकी है।
इन परिवारों में बुखार से पीड़ित हैं परिजन
फोटो-33 रतन कुमार
रतन कुमार ने बताया कि मेरा बच्चा कई दिन से बीमार था। उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सोमवार को ही छुट्टी मिली है। पत्नी को अभी भी बुखार आ रहा है।
बलवीर सिंह रोडवेज में बड़े बाबू हैं। बोले, घर में पत्नी, बच्चियां बुखार से पीड़ित हैं। मैं ही बचा हूं। मोहल्ले में फैली गंदगी से छुटकारे को नगर पालिका नहीं सोच रही।
वीरपाल ने बताया कि उनके पत्नी और तीन बच्चे बीमार हैं। बच्चों को तो अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बुखार काफी तेज चढ़ता है। घर में सभी लोग परेशान हैं।
ईश्वर दयाल ने बताया कि मेरा बच्चा अस्पताल में भर्ती था। पत्नी को बुखार काफी तेज चढ़ता है। इलाज चल रहा है। बच्चे की अस्पताल से आज ही छुट्टी हुई है।
‘खन्नीनगला के पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। मार्ग पास है। लॉकडाउन से काम बंद पड़ा है। ठेकेदार से शीघ्र काम शुरू करने को कहा है। जेसीबी से कीचड़ हटवाया था। छिड़काव भी करवा चुके हैं। सड़क, नाली निर्माण के बाद ही समस्या का समाधान हो जाएगा।’
-रीता देवी, सभासद वार्ड नंबर दो।
‘ठेकेदार को काम शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। दो-चार दिन में काम शुरू हो जाएगा। अभी जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। मौके पर जांच करवाएंगे। पंपसेट से भी पानी निकलवाने का प्रयास करेंगे।’
-रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद
खन्नी नगला में पहले टीम भेज कर कोरोना की जांच कराई गई थी। बुखार पीड़ितों को दवा दिलाई गई थी। दोबारा से टीम भेज कर चेकअप कराया जाएगा और दवा दी जाएगी।
डा. वंदना सिंह, सीएमओ