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क्षेत्र में 6 गोवंश लंपी की चपेट में, बछिया मरी
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राजेपुर (फर्रुखाबाद)। क्षेत्र में छह गोवंश में लंपी की पुष्टि हुई है। एक बछिया की जान चली गई।
लंपी वायरस का असर बढ़ता जा रहा है। महेशपुर गांव निवासी जंग बहादुर सिंह के बैल के पूरे शरीर पर दाने पड़ गए। उन्होंने राजेपुर पशु चिकित्सालय के डॉ. प्रभात गुप्ता को दिखाया तो लंपी वायरस की पुष्टि हुई। राजेपुर निवासी रामरूप, तुषौर गांव निवासी भूरे पाल व सीताराम की एक-एक गाय में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है। इनका उपचार चल रहा है।
वहीं, राजेपुर में एक अन्ना बछिया ने शरीर में दाने पड़ने के बाद उसका उपचार किया गया, लेकिन, रविवार की शाम उसकी मौत हो गई।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभात गुप्ता ने बताया कि रोग की रोकथाम के लिए पूरे क्षेत्र में 14300 गोवंश का टीकाकरण एक सितंबर से 15 सितंबर तक अभियान चलाकर किया गया। फिर भी कुछ गोवंश लंपी से ग्रसित हो रहे हैं। 15 से 20 दिन के उपचार से गोवंश ठीक हो रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि लंपी से ग्रसित गोवंश को अन्य गोवंश से दूर रखें, जिससे दूसरे गोवंश में बीमारी न फैल सके।
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लंपी वायरस का असर बढ़ता जा रहा है। महेशपुर गांव निवासी जंग बहादुर सिंह के बैल के पूरे शरीर पर दाने पड़ गए। उन्होंने राजेपुर पशु चिकित्सालय के डॉ. प्रभात गुप्ता को दिखाया तो लंपी वायरस की पुष्टि हुई। राजेपुर निवासी रामरूप, तुषौर गांव निवासी भूरे पाल व सीताराम की एक-एक गाय में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है। इनका उपचार चल रहा है।
वहीं, राजेपुर में एक अन्ना बछिया ने शरीर में दाने पड़ने के बाद उसका उपचार किया गया, लेकिन, रविवार की शाम उसकी मौत हो गई।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभात गुप्ता ने बताया कि रोग की रोकथाम के लिए पूरे क्षेत्र में 14300 गोवंश का टीकाकरण एक सितंबर से 15 सितंबर तक अभियान चलाकर किया गया। फिर भी कुछ गोवंश लंपी से ग्रसित हो रहे हैं। 15 से 20 दिन के उपचार से गोवंश ठीक हो रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि लंपी से ग्रसित गोवंश को अन्य गोवंश से दूर रखें, जिससे दूसरे गोवंश में बीमारी न फैल सके।
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