{"_id":"612292d88ebc3e14f15e395b","slug":"sisters-tied-rakhi-brother-gave-a-promise-of-protection-farrukhabad-news-knp6476473147","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहनों ने बांधी राखी, भाई ने दिया रक्षा का वचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहनों ने बांधी राखी, भाई ने दिया रक्षा का वचन
विज्ञापन
भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन सोना। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। भाई और बहनों के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधी, तो भाइयों ने उपहार भेंट कर रक्षा का वचन दिया। रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ रही। बस स्टैंड पर बस में चढ़ने को लेकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने मोर्चा संभालकर महिलाओं की सहायता की।
रक्षा बंधन पर रविवार को सुबह से ही भाइयों के घर बहनों का पहुंचना शुरू हो गया। घरों में पकवान बनाए गए। बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधी तो भाइयों ने उपहार दिए। बहनें अपने साथ राखी और मिष्ठान भी लेकर आईं। भाई बहन के प्रेम वाले इस त्योहार पर सड़कों पर वाहनों की खासी भीड़ रही।
सबसे ज्यादा रोडवेज बस स्टैंड यात्रियों की भीड़ उमड़ी। कानपुर, दिल्ली, आगरा, बदायूं, हरदोई, शाहजहांपुर आदि लंबे रूटों की बसें न मिलने से यात्री परेशान रहे। जैसे ही बस आती की यात्री चढ़ने को धक्का-मुक्की करने लगते।
विज्ञापन
हालात को सुधारने के लिए कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने खुद पुलिस बल के साथ भीड़ को संभाला। बुजुर्ग बहनों को उन्होंने सबसे पहले बसों में चढ़ाया और सीट भी दिलवाई। रेलवे स्टेशन पर बिना आरक्षण वाली ट्रेनों पर भीड़ रही। आरपीएफ और जीआरपी ने सुरक्षा संभाली। बस स्टैंड पर देर रात तक यात्रियों भी भीड़ रही। रोडवेज बसों की कमी से स्थानीय मार्गों पर यात्रियों के लिए डग्गामार वाहन सहारा बने। टेंपो, मैजिक, निजी बसों से भी यात्री पहुंचे।
विज्ञापन
रक्षा बंधन पर रविवार को सुबह से ही भाइयों के घर बहनों का पहुंचना शुरू हो गया। घरों में पकवान बनाए गए। बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधी तो भाइयों ने उपहार दिए। बहनें अपने साथ राखी और मिष्ठान भी लेकर आईं। भाई बहन के प्रेम वाले इस त्योहार पर सड़कों पर वाहनों की खासी भीड़ रही।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा रोडवेज बस स्टैंड यात्रियों की भीड़ उमड़ी। कानपुर, दिल्ली, आगरा, बदायूं, हरदोई, शाहजहांपुर आदि लंबे रूटों की बसें न मिलने से यात्री परेशान रहे। जैसे ही बस आती की यात्री चढ़ने को धक्का-मुक्की करने लगते।
विज्ञापन
हालात को सुधारने के लिए कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने खुद पुलिस बल के साथ भीड़ को संभाला। बुजुर्ग बहनों को उन्होंने सबसे पहले बसों में चढ़ाया और सीट भी दिलवाई। रेलवे स्टेशन पर बिना आरक्षण वाली ट्रेनों पर भीड़ रही। आरपीएफ और जीआरपी ने सुरक्षा संभाली। बस स्टैंड पर देर रात तक यात्रियों भी भीड़ रही। रोडवेज बसों की कमी से स्थानीय मार्गों पर यात्रियों के लिए डग्गामार वाहन सहारा बने। टेंपो, मैजिक, निजी बसों से भी यात्री पहुंचे।

शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर बस पर चढ़ने को होती धक्का-मुक्की। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर खिड़की से बस में चढ़ती महिला। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD