{"_id":"67684388a2b19a3d840e4fbd","slug":"shortage-of-female-doctors-patients-are-referred-from-phc-farrukhabad-news-c-222-1-ka11004-118887-2024-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: महिला चिकित्सकों की कमी, पीएचसी से मरीज होते रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: महिला चिकित्सकों की कमी, पीएचसी से मरीज होते रेफर
विज्ञापन
कंपिल। ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को लेकर लगातार जोर दिया जा रहा है। पीएचसी पर सभी सुविधाओं से जुड़ा सामान तो उपलब्ध करा दिया गया, लेकिन महिला चिकित्सकों की तैनाती न होने से पीएचसी पर प्रसव नहीं हो पा रहे हैं। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं को रेफर करने की वजह से कायमगंज सीएचसी जाना पड़ रहा है।
गांव बरखेड़ा में बनी पीएचसी में प्रसव के लिए छह बेड की व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती को संस्थागत प्रसव कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त हैं, लेकिन यहां महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां एकमात्र जेएनएम रश्मि की तैनाती है। जो फिलहाल अवकाश पर चल रही हैं पीएचसी बिलसड़ी पर भी महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां एएनएम प्रिया की तैनाती है। दोनों अस्पतालों में कुछ सामान्य प्रसव कराए जाने की बात कही जा रही है।
जिंदगियों पर भारी पड़ रही उपेक्षा
ग्रामीण इलाकों में संस्थागत प्रसव को लेकर आशा और एएनएम को भ्रमणशील रहने के लिए कहा जाता है। समय रहते गर्भवती की देखभाल सुनिश्चित हो तो योजनाओं का उचित लाभ ग्रामीणों को मिल सकता है। गांव त्योरखास निवासी अवधेश का कहना है कि उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। समय रहते अगर पत्नी पूजा को स्वास्थ्य लाभ मिलता तो बच्चे की जान बच जाती। वहीं, गांव सिवारा खास निवासी जीतेंद्र की पत्नी सत्यवती और नवजात बच्चे की मौत एक सप्ताह पूर्व हो गई। गांव बिलसड़ी निवासी सेवकराम की पत्नी अनीता और उसकी नवजात पुत्री की मौत शुक्रवार को हो गई। चिकित्साधिकारी डॉ. शोभित शाक्य ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते अभी प्रसव नहीं कराए जा रहे हैं। स्टाफ मिलते ही प्रसव शुरू कराए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव बरखेड़ा में बनी पीएचसी में प्रसव के लिए छह बेड की व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती को संस्थागत प्रसव कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त हैं, लेकिन यहां महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां एकमात्र जेएनएम रश्मि की तैनाती है। जो फिलहाल अवकाश पर चल रही हैं पीएचसी बिलसड़ी पर भी महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां एएनएम प्रिया की तैनाती है। दोनों अस्पतालों में कुछ सामान्य प्रसव कराए जाने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
जिंदगियों पर भारी पड़ रही उपेक्षा
ग्रामीण इलाकों में संस्थागत प्रसव को लेकर आशा और एएनएम को भ्रमणशील रहने के लिए कहा जाता है। समय रहते गर्भवती की देखभाल सुनिश्चित हो तो योजनाओं का उचित लाभ ग्रामीणों को मिल सकता है। गांव त्योरखास निवासी अवधेश का कहना है कि उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। समय रहते अगर पत्नी पूजा को स्वास्थ्य लाभ मिलता तो बच्चे की जान बच जाती। वहीं, गांव सिवारा खास निवासी जीतेंद्र की पत्नी सत्यवती और नवजात बच्चे की मौत एक सप्ताह पूर्व हो गई। गांव बिलसड़ी निवासी सेवकराम की पत्नी अनीता और उसकी नवजात पुत्री की मौत शुक्रवार को हो गई। चिकित्साधिकारी डॉ. शोभित शाक्य ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते अभी प्रसव नहीं कराए जा रहे हैं। स्टाफ मिलते ही प्रसव शुरू कराए जाएंगे।
विज्ञापन