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Farrukhabad News: समितियों पर सचिव न डीएपी, पिछड़ रही बोआई
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फर्रुखाबाद। कई सहकारी समितियों पर सचिवों की तैनाती न होने से खाद का वितरण प्रभावित हो रहा है। वहीं, डीएपी खत्म होने के कारण फसलों की बोआई पिछड़ रही है, इससे किसान चिंतित हैं।
जिले में 70 सहकारी समितियों के मुकाबले 33 सचिव ही तैनात हैं। इससे कई सचिवों के पास तीन से चार समितियों का प्रभार है। ऐसे में सचिव एक ही समिति पर खाद का वितरण कर पा रहे हैं। रोस्टर वार ड्यूटी से सप्ताह में तीन से चार दिन समितियां बंद रहती हैं। वहीं, खाद वितरण के दौरान यदि किसान चूक गए तो उन्हें फिर तीन से चार दिन इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच यदि डीएपी खत्म हो गई तो किसानों का इंतजार लंबा खिंच जाता है। इससे किसानों को समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा है।
समितियों पर इस तरह है सचिवों की तैनाती
बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र में नौ सहकारी समितियां हैं। संजीव सिंह के पास महलई, बरौन, नेकपुर कलां, मसेनी समिति का चार्ज है। राघवेंद्र सिंह यादव पर सहकारी समिति नगला बजीर के अलावा सातनपुर तो सचिव रामबाबू बुढ़नामऊ के पास अर्रापहाड़पुर समिति का अतिरिक्त चार्ज है। कमालगंज समिति के सचिव मानसिंह के पास जहानगंज, नहरैया चौसेपुर तो राजीव सिंह के पास खुदागंज के अलावा रजीपुर का चार्ज है। मोहम्मदाबाद समिति के सचिव संदीप कुमार पखना व मेरापुर तो हरकमपुर के सचिव बृजभान सिंह ज्योता व सकवाई का भी चार्ज संभाले हैं। राजेपुर में महमदगंज के सचिव प्रियांशू शुक्ला के पास बदनपुर, नयागांव हुसैनपुर का चार्ज है तो बृजेंद्र पाल के पास अलीगढ़, पिथनापुर व हरसिंहपुर का चार्ज है। रवीदत्त दीक्षित अमृतपुर व अमैयापुर समिति संभाल रहे हैं। कायमगंज में अभय सक्सेना के पास शादनगर व रुदायन की जिम्मेदारी है तो दीपू के पास कायमगंज उत्तरी, चंदुइया व बराबिकू का चार्ज है। इससे इन समितियों पर नियमित खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है।
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पांच दिन से सातनपुर समिति पर डीएपी व एनपीके का संकट
शहर की सातनपुर मंडी स्थित आलू संघ सहकारी समिति पर पिछले पांच दिन से न तो डीएपी है और न ही एनपीके। इससे खाद लेने आने वाले किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। समिति के सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि एनपीके का मांगपत्र भेजा गया है। चेक भी लगा दी गई है। मंगलवार तक एनपीके आने पर वितरण शुरू किया जाएगा। मेरापुर समिति पर भी पोटाश को छोड़कर कोई खाद नहीं है।
समिति पर लगा रहा ताला, किसान लौटे
मोहम्मदाबाद। सचिवों के पास तीन से चार समितियों का चार्ज होने से किसान खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। मोहम्मदाबाद समिति शनिवार को बंद रही। इससे खाद लेने पहुंचे किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सकवाई समिति पर सुबह खाद बांटी गई। किसानों की भीड़ बढ़ते देख पूरा स्टाफ समिति बंद कर चला गया। सचिव बृजभान ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। मोहम्मदाबाद समिति पर तैनात सचिव संदीप कुमार के पास पखना, देवसनी व मेरापुर का भी चार्ज है। वहीं, सचिव बृजभान हरकमपुर, सकवाई व ज्योंता का चार्ज देख रहे हैं। समय से खाद न मिल पाने से किसानों को फसल बोआई में देरी हो रही है।
रोस्टर बनाकर होता है खाद का वितरण
एआर कोऑपरेटिव अजय पालीवाल ने बताया कि करीब नौ वर्ष से सचिवों की भर्ती न होने 70 समितियों पर 33 सचिव ही तैनात हैं। इसके अलावा 42 कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। सचिव रोस्टर बनाकर खाद का वितरण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी समितियों पर डीएपी या एनपीके उपलब्ध है। डीएपी न मिलने पर किसान एनपीके डालकर फसल बोएं। उन्होंने बताया कि समिति के सदस्य किसानों को दिक्कत नहीं होती। जो किसान समिति के सदस्य नहीं हैं, उन्हें फार्मर आईडी के आधार पर खाद दी जा रही है। पिछले 10 दिन में 3300 मीट्रिक टन डीएपी समितियों पर भेजी जा चुकी है। 300 मीट्रिक टन डीएपी और आ रही है।
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जिले में 70 सहकारी समितियों के मुकाबले 33 सचिव ही तैनात हैं। इससे कई सचिवों के पास तीन से चार समितियों का प्रभार है। ऐसे में सचिव एक ही समिति पर खाद का वितरण कर पा रहे हैं। रोस्टर वार ड्यूटी से सप्ताह में तीन से चार दिन समितियां बंद रहती हैं। वहीं, खाद वितरण के दौरान यदि किसान चूक गए तो उन्हें फिर तीन से चार दिन इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच यदि डीएपी खत्म हो गई तो किसानों का इंतजार लंबा खिंच जाता है। इससे किसानों को समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा है।
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समितियों पर इस तरह है सचिवों की तैनाती
बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र में नौ सहकारी समितियां हैं। संजीव सिंह के पास महलई, बरौन, नेकपुर कलां, मसेनी समिति का चार्ज है। राघवेंद्र सिंह यादव पर सहकारी समिति नगला बजीर के अलावा सातनपुर तो सचिव रामबाबू बुढ़नामऊ के पास अर्रापहाड़पुर समिति का अतिरिक्त चार्ज है। कमालगंज समिति के सचिव मानसिंह के पास जहानगंज, नहरैया चौसेपुर तो राजीव सिंह के पास खुदागंज के अलावा रजीपुर का चार्ज है। मोहम्मदाबाद समिति के सचिव संदीप कुमार पखना व मेरापुर तो हरकमपुर के सचिव बृजभान सिंह ज्योता व सकवाई का भी चार्ज संभाले हैं। राजेपुर में महमदगंज के सचिव प्रियांशू शुक्ला के पास बदनपुर, नयागांव हुसैनपुर का चार्ज है तो बृजेंद्र पाल के पास अलीगढ़, पिथनापुर व हरसिंहपुर का चार्ज है। रवीदत्त दीक्षित अमृतपुर व अमैयापुर समिति संभाल रहे हैं। कायमगंज में अभय सक्सेना के पास शादनगर व रुदायन की जिम्मेदारी है तो दीपू के पास कायमगंज उत्तरी, चंदुइया व बराबिकू का चार्ज है। इससे इन समितियों पर नियमित खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है।
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पांच दिन से सातनपुर समिति पर डीएपी व एनपीके का संकट
शहर की सातनपुर मंडी स्थित आलू संघ सहकारी समिति पर पिछले पांच दिन से न तो डीएपी है और न ही एनपीके। इससे खाद लेने आने वाले किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। समिति के सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि एनपीके का मांगपत्र भेजा गया है। चेक भी लगा दी गई है। मंगलवार तक एनपीके आने पर वितरण शुरू किया जाएगा। मेरापुर समिति पर भी पोटाश को छोड़कर कोई खाद नहीं है।
समिति पर लगा रहा ताला, किसान लौटे
मोहम्मदाबाद। सचिवों के पास तीन से चार समितियों का चार्ज होने से किसान खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। मोहम्मदाबाद समिति शनिवार को बंद रही। इससे खाद लेने पहुंचे किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सकवाई समिति पर सुबह खाद बांटी गई। किसानों की भीड़ बढ़ते देख पूरा स्टाफ समिति बंद कर चला गया। सचिव बृजभान ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। मोहम्मदाबाद समिति पर तैनात सचिव संदीप कुमार के पास पखना, देवसनी व मेरापुर का भी चार्ज है। वहीं, सचिव बृजभान हरकमपुर, सकवाई व ज्योंता का चार्ज देख रहे हैं। समय से खाद न मिल पाने से किसानों को फसल बोआई में देरी हो रही है।
रोस्टर बनाकर होता है खाद का वितरण
एआर कोऑपरेटिव अजय पालीवाल ने बताया कि करीब नौ वर्ष से सचिवों की भर्ती न होने 70 समितियों पर 33 सचिव ही तैनात हैं। इसके अलावा 42 कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। सचिव रोस्टर बनाकर खाद का वितरण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी समितियों पर डीएपी या एनपीके उपलब्ध है। डीएपी न मिलने पर किसान एनपीके डालकर फसल बोएं। उन्होंने बताया कि समिति के सदस्य किसानों को दिक्कत नहीं होती। जो किसान समिति के सदस्य नहीं हैं, उन्हें फार्मर आईडी के आधार पर खाद दी जा रही है। पिछले 10 दिन में 3300 मीट्रिक टन डीएपी समितियों पर भेजी जा चुकी है। 300 मीट्रिक टन डीएपी और आ रही है।