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Farrukhabad News: साथी पर प्राथमिकी दर्ज होने के विरोध में शिक्षामित्रों ने खोला मोर्चा
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फोटो-12 बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह को ज्ञापन देते शिाक्षामित्र। संवाद
फर्रुखाबाद। कंपोजिट विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र के खिलाफ इंचार्ज प्रधानाध्यापक द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के विरोध में शिक्षामित्र संगठन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया। शिक्षामित्र के खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंच कर बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह को ज्ञापन दिया। कहा कि ब्लाक राजेपुर के कंपोजिट विद्यालय गोपालपुर में 25 अप्रैल को आंगनबाड़ी सहायिका रेनू देवी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। रेनू देवी ने थाना फतेहगढ़ में एनसीआर दर्ज कराई थी। विद्यालय में तैनात आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि घटना के बाद समझौते के लिए विभिन्न लोगों की ओर से दबाव बनाया गया लेकिन आंगनबाड़ी सहायिका समझौते के लिए तैयार नहीं हुई। विवेचना के दौरान उन्होंने 21 जून को विवेचक के समक्ष गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज कराया। इस कारण प्रभारी प्रधानाध्यापक नाराज हो गए। प्रधानाध्यापक व एक सहायक अध्यापक ने षड्यंत्र के तहत उपस्थिति रजिस्टर में स्वयं छेड़छाड़ कर उनके खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई है।
शिक्षामित्र ने कहा कि विद्यालय के अभिलेख प्रधानाध्यापक के पास सुरक्षित रहते हैं और उन्हें केवल हस्ताक्षर करने के लिए उपस्थिति रजिस्टर दिया जाता है। ऐसे में उनके द्वारा रजिस्टर में छेड़छाड़ किया जाना संभव नहीं है। इसके साथ शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में भेजे जाने, महिला शिक्षामित्रों को उनके ससुराल में स्थानांतरित किए जाने की मांग की।
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शिक्षामित्र ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस दौरान ज्ञानेंद्र यादव, अवनीश त्रिवेदी, मनमोहन सिंह, प्रवेश मिश्रा, पूनम अग्निहोत्री, दया तिवारी आदि मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंच कर बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह को ज्ञापन दिया। कहा कि ब्लाक राजेपुर के कंपोजिट विद्यालय गोपालपुर में 25 अप्रैल को आंगनबाड़ी सहायिका रेनू देवी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। रेनू देवी ने थाना फतेहगढ़ में एनसीआर दर्ज कराई थी। विद्यालय में तैनात आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि घटना के बाद समझौते के लिए विभिन्न लोगों की ओर से दबाव बनाया गया लेकिन आंगनबाड़ी सहायिका समझौते के लिए तैयार नहीं हुई। विवेचना के दौरान उन्होंने 21 जून को विवेचक के समक्ष गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज कराया। इस कारण प्रभारी प्रधानाध्यापक नाराज हो गए। प्रधानाध्यापक व एक सहायक अध्यापक ने षड्यंत्र के तहत उपस्थिति रजिस्टर में स्वयं छेड़छाड़ कर उनके खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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शिक्षामित्र ने कहा कि विद्यालय के अभिलेख प्रधानाध्यापक के पास सुरक्षित रहते हैं और उन्हें केवल हस्ताक्षर करने के लिए उपस्थिति रजिस्टर दिया जाता है। ऐसे में उनके द्वारा रजिस्टर में छेड़छाड़ किया जाना संभव नहीं है। इसके साथ शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में भेजे जाने, महिला शिक्षामित्रों को उनके ससुराल में स्थानांतरित किए जाने की मांग की।
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शिक्षामित्र ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस दौरान ज्ञानेंद्र यादव, अवनीश त्रिवेदी, मनमोहन सिंह, प्रवेश मिश्रा, पूनम अग्निहोत्री, दया तिवारी आदि मौजूद रहे।