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Farrukhabad News: हजरत अब्बास का फूलों से सजा अलम लेकर निकले शैदाई

Thu, 27 Jul 2023 10:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jul 2023 10:58 PM IST
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Shaidai came out carrying Hazrat Abbass alam decorated with flowers
संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद। आठवीं मोहर्रम को फूलों का 40 फीट ऊंचा अलम जुलूस जोशो-खरोश के साथ उठाया गया। हजरत इमाम हुसैन के शैदाइयों ने अलम फूलों से सजाया। जुलूस में सैकड़ों की तादाद में लोग शामिल हुए। जुलूस के आगे सड़क पार हो रही बिजली की लाइनें काटनी पड़ीं।


बीबीगंज चौकी से हर वर्ष की तरह गुरुवार देर रात 40 फीट ऊंचा अलम को फूलों से सजाया गया। इसकी अधिक ऊंचाई को देखने के लिए शहर भर से मुस्लिम समाज के पहुंचे लोगों ने जियारत की। जैसे ही अलम सड़क से गुजरता गया, तो लोगों के आंखों में आंसू छलकते गए। जुलूस बीबीगंज, मऊदरवाजा थाना होकर तहसील तिराहे पर समाप्त हुआ। अलम की अधिक ऊंचाई होने की वजह से सड़क पार कर रहीं बिजली की लाइनों को काटना पड़ा। इसमें दिलदार हुसैन, कमल बाबू, साजिद अली, इसरार हुसैन, मुस्तकीम अहमद, इसरार अहमद आदि मौजूद रहे।
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ईरानी अकीदतमंदों ने की सीनाजनी व जंजीरी मातम



फतेहगढ़ के मोहल्ला मछली टोला निवासी मुनववर अब्बास के आवास से हजरत अब्बास की याद में अलम निकाला गया। गाढ़ीखाना, एलआईसी, हाथीखाना होते हुए तलैया लेन स्थित इमामबाड़े पर समापन हुआ। रास्ते में ईरानी अकीदतमंदों ने सीनाजनी और जंजीरी मातम करके खून बहाया। मौलाना जाकिर हुसैन रजा ने भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने धर्म की रक्षा के लिए शहीद हो गए। जुलूस में शहदाब हुसैन, मसरूर जैदी, मंसूर हुसैन, जाफर जैदी, कासिम, तनवीर हसन, शबीह हसन, मकसूद हुसैन, श्याम बिहारी, अलीशान, कासिम अब्बास, जमाल हैदर आदि मौजूद रहे।
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इमाम हुसैन ने हक और इंसाफ के लिए दी शहादत



गुरुवार को मदारबाड़ी इमामबाड़े में मजिलस में मातम किया गया। शिया धर्मगुरु मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने कहा कि यजीद इस्लाम का दुश्मन था। इमाम हुसैन पैगंबर इस्लाम के नवासे थे। उन्होंने हक और इंसाफ के लिए शहादत पेश की। यजीद इस्लाम को मिटाना चाहता था, लेकिन हुसैन ने शाहे खुदा में खुद को कुर्बान करके उसे बुलंदी पर पहुंचा दिया। इसमें जावर हुसैन, शाहिद हुसैन, शविल हुसैन, बिलाल हुसैन, इरशाद हुसैन, फहीम हुसैन आदि मौजूद रहे।
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