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Farrukhabad News: शाहपुर गंगपुर गोशाला बदहाल, गायों को सिर्फ सूखा भूसा
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फर्रुखाबाद। विकास खंड कायमगंज की गोशाला शाहपुर गंगपुर में गायों को सूखा भूसा भी समय से नसीब नहीं हो रहा है। लापरवाही के चलते हर माह 10-12 गोवंश मर रहे हैं। धन के बंदरबांट के खेल में अभिलेख भी नहीं दिखाए जाते। हालांकि जानकारी पर अधिकारियों ने शिकंजा कस दिया है।
कटरी क्षेत्र के गांव शाहपुर गंगपुर स्थित गोशाला में 570 गोवंश संरक्षित हैं। जबकि, गत माह यहां 580 गोवंश थे। गोशाला में टिनशेड के अलावा छाया के लिए एक पेड़ भी नहीं है। देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव को सौंपी गई। फिलहाल गोशाला में 10-12 गोपालक होने के बावजूद गंदगी की भरमार है।
गोवंश को हरा चारा मिलना तो दूर की बात, भूसे के साथ दाना भी नहीं मिलता। भूसा भी समय से न डाले जाने से गोवंश कमजोर होते जा रहे हैं। तापमान बढ़ने से गोवंश बेहाल हैं। जबकि हर माह गोशाला में 12 से 13 लाख रुपये बजट खर्च दिखाया जा रहा है। खास बात तो यह है कि यहां अवयस्क गोपालक भी लगाए जा रहे हैं।
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मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो निरीक्षण शुरू हुए। शिकंजा कसा गया तब ग्राम पंचायत शाहपुर गंगपुर, पथरामई, सवितापुर बिहारीपुर, इकलहरा के प्रधानों ने सचिव के खिलाफ सीडीओ से शिकायत की। इसमें सचिव पर शराब के नशे में रहने, गोशाला में महीने में एक बार भी न जाने और कहने पर अभद्रता करने के भी आरोप लगाए जा चुके हैं।
फिलहाल अभी तक गोशाला के हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। बुधवार सुबह बीडीओ ने निरीक्षण किया। गोशाला में गंदगी की भरमार थी। गायों की चरनी खाली पड़ी थी। इस पर बीडीओ ने अपने सामने भूसा-दाना डलवाया। महिला प्रधान के पुत्र मनोज कुमार ने बताया कि एक माह में 10 गोवंश मर गए। बीडीओ सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि गोवंश को हरा चारा नहीं मिल रहा है। हर माह गोपालकों की संख्या भी घटती-बढ़ती रहती है।
भूसा खरीद के बिल वाउचर, कैश बुक व अन्य अभिलेख भी नहीं दिखाए गए। हर दो दिन बाद जब निरीक्षण करने जाते हैं तो भूसा अपने सामने ही डलवाना पड़ता है। सचिव व प्रधान की लापरवाही से व्यवस्थाएं नहीं सुधर पा रही हैं। वह इस संबंध में लिखकर भी भेज चुके हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि उन्होंने बीडीओ से निरीक्षण कराया है। दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने पर सचिव व प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कटरी क्षेत्र के गांव शाहपुर गंगपुर स्थित गोशाला में 570 गोवंश संरक्षित हैं। जबकि, गत माह यहां 580 गोवंश थे। गोशाला में टिनशेड के अलावा छाया के लिए एक पेड़ भी नहीं है। देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव को सौंपी गई। फिलहाल गोशाला में 10-12 गोपालक होने के बावजूद गंदगी की भरमार है।
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गोवंश को हरा चारा मिलना तो दूर की बात, भूसे के साथ दाना भी नहीं मिलता। भूसा भी समय से न डाले जाने से गोवंश कमजोर होते जा रहे हैं। तापमान बढ़ने से गोवंश बेहाल हैं। जबकि हर माह गोशाला में 12 से 13 लाख रुपये बजट खर्च दिखाया जा रहा है। खास बात तो यह है कि यहां अवयस्क गोपालक भी लगाए जा रहे हैं।
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मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो निरीक्षण शुरू हुए। शिकंजा कसा गया तब ग्राम पंचायत शाहपुर गंगपुर, पथरामई, सवितापुर बिहारीपुर, इकलहरा के प्रधानों ने सचिव के खिलाफ सीडीओ से शिकायत की। इसमें सचिव पर शराब के नशे में रहने, गोशाला में महीने में एक बार भी न जाने और कहने पर अभद्रता करने के भी आरोप लगाए जा चुके हैं।
फिलहाल अभी तक गोशाला के हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। बुधवार सुबह बीडीओ ने निरीक्षण किया। गोशाला में गंदगी की भरमार थी। गायों की चरनी खाली पड़ी थी। इस पर बीडीओ ने अपने सामने भूसा-दाना डलवाया। महिला प्रधान के पुत्र मनोज कुमार ने बताया कि एक माह में 10 गोवंश मर गए। बीडीओ सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि गोवंश को हरा चारा नहीं मिल रहा है। हर माह गोपालकों की संख्या भी घटती-बढ़ती रहती है।
भूसा खरीद के बिल वाउचर, कैश बुक व अन्य अभिलेख भी नहीं दिखाए गए। हर दो दिन बाद जब निरीक्षण करने जाते हैं तो भूसा अपने सामने ही डलवाना पड़ता है। सचिव व प्रधान की लापरवाही से व्यवस्थाएं नहीं सुधर पा रही हैं। वह इस संबंध में लिखकर भी भेज चुके हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि उन्होंने बीडीओ से निरीक्षण कराया है। दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने पर सचिव व प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।