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नाला बंद करवाने को आज से अनशन
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:30 AM IST
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फर्रुखाबाद। अखिल भारतीय षड़ दर्शन नागा सन्यासी संत समिति के पदाधिकारियों ने भैरोघाट स्थित नाले का मंगलवार को निरीक्षण किया। नाले का पानी गंगा में जाते देख संतों का आक्रोश फूट पड़ा। संतों ने बुधवार से प्रशासन के विरुद्ध अनशन करने का फैसला किया है।
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षड़ दर्शन संत समिति के अध्यक्ष महंत सोमवार पुरी ने कहा कि प्रशासन ने लिखित आश्वासन देकर भी नाले को बंद नहीं करवाया है। गंगा समग्र के जिला संयोजक दिनेश मिश्रा ने कहा कि गंगा में गिर रहे नाले को देखने के लिए कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। मेले में कई समस्याएं हैं। कोई भी कल्पवासियों और संतों की समस्याओं की सुधि लेने वाला नहीं है।
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प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अभिषेक त्रिवेदी ने कहा कि नाले को रोकने में नगरपालिका प्रशासन असहाय साबित हुआ है। महंत सोमवार पुरी ने बुधवार से अनशन करने की घोषणा की। बैठक में संतों और साधुओं को जिम्मेदारी बांटी गई। इस मौके पर अच्युतानंद गिरी, ब्रह्म चैतन्य गिरी, सरल त्रिवेदी, संजू शर्मा, शिवओम पांडेय, महंत ज्ञानार्थी, सुबोध मिश्र, विवेक कुमार सक्सेना, सुरेश जाटव, लखनदास, भगवान दास गिरी, विकासपुरी, मनीषपुरी, आदि मौजूद रहे।
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गंगा में गिर रहे नाले के पानी को रोकने की कवायद फेल
गंगा में गिर रहे नालों के पानी को बंद करने के लिए प्रशासन की कवायद धरी रह गई है। मेले के दौरान शहर के नाले का गंदा पानी गंगा में जाने से रोकने के लिए प्रशासन ने नालों पर बंधा लगाकर बंद करने का प्रयास किया था। ग्रामीणों के खेतों में नाले का पानी भरने के कारण बंधे को दूसरे ही दिन लोगों ने काट दिया था। साधु संतों के दबाव में मेला सचिव सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर पटेल ने नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी को नाले को डायवर्ट करने के निर्देश दिए थे। पालिका प्रशासन ने दो श्रमिकों को लगाकर नाले को डायवर्ट करवाने का प्रयास किया। पालिका प्रशासन की यह कवायद फेल हो गई। मिट्टी से भरी बोरियों से नाले के पानी का बहाव रोके नहीं रुक रहा है। डायवर्जन के लिए बनाए गए नाले से ज्यादा पानी गंगा में अभी भी जा रहा है।