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Farrukhabad News: हत्या के प्रयास में दोषी को सात साल का कारावास
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फर्रुखाबाद। हत्या के प्रयास में आरोपी को न्यायाधीश ने सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर 4500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
18 साल पहले कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव नगला महानंद मौधा निवासी अजय कुमार पुत्र राधेश्याम ने हत्या के प्रयास में तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 28 अक्तूबर 2006 को गांव के ही इंद्रपाल सिंह यादव से खेत का विवाद चल रहा था। वह खेत में घूरा डालते थे। घूरा डालने से मना किया तो इंद्रपाल के पुत्र सुदेश उर्फ पिंटू, सुनील उर्फ गुड्डू, इंद्रपाल के नाती योगेंद्र उर्फ रिंकू, राघवेंद्र ने दरवाजे पर आकर गालियां दीं।
गालियां देने से मना किया तो चारों व्यक्ति अपने मकान की छत पर चढ़ गए। सुदेश ने अपने घर से तमंचा निकालकर जान से मारने की नीयत से निशाना लगाकर मेरे मकान की तरफ तीन चार फायर किए। अन्य लोगों ने ईट पत्थर मारे, जिससे पिता के चोट लग गई। छोटे भाई के गोली लगने से वह घायल होकर गिर गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की।
विवेचक ने विवेचना पूरी कर सुदेश उर्फ पिंटू, सुनील उर्फ गुड्डू सहित एक बाल अपचारी के खिलाफ हत्या के प्रयास में आरोप पत्र दाखिल किया था। बाल अपचारी की फाइल किशोर न्याय बोर्ड में विचारण के लिए अलग कर दी गई। मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे सप्तम अंकित कुमार मित्तल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
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गवाह व साक्ष्य के आधार पर सुरेश उर्फ पिंटू को हत्या के प्रयास में दोषी करार देते हुए सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 2500 रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया, जबकि सुनील उर्फ गुड्डू को मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का दोषी करार देते हुए दो दिन कारावास व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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18 साल पहले कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव नगला महानंद मौधा निवासी अजय कुमार पुत्र राधेश्याम ने हत्या के प्रयास में तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 28 अक्तूबर 2006 को गांव के ही इंद्रपाल सिंह यादव से खेत का विवाद चल रहा था। वह खेत में घूरा डालते थे। घूरा डालने से मना किया तो इंद्रपाल के पुत्र सुदेश उर्फ पिंटू, सुनील उर्फ गुड्डू, इंद्रपाल के नाती योगेंद्र उर्फ रिंकू, राघवेंद्र ने दरवाजे पर आकर गालियां दीं।
गालियां देने से मना किया तो चारों व्यक्ति अपने मकान की छत पर चढ़ गए। सुदेश ने अपने घर से तमंचा निकालकर जान से मारने की नीयत से निशाना लगाकर मेरे मकान की तरफ तीन चार फायर किए। अन्य लोगों ने ईट पत्थर मारे, जिससे पिता के चोट लग गई। छोटे भाई के गोली लगने से वह घायल होकर गिर गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की।
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विवेचक ने विवेचना पूरी कर सुदेश उर्फ पिंटू, सुनील उर्फ गुड्डू सहित एक बाल अपचारी के खिलाफ हत्या के प्रयास में आरोप पत्र दाखिल किया था। बाल अपचारी की फाइल किशोर न्याय बोर्ड में विचारण के लिए अलग कर दी गई। मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे सप्तम अंकित कुमार मित्तल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
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गवाह व साक्ष्य के आधार पर सुरेश उर्फ पिंटू को हत्या के प्रयास में दोषी करार देते हुए सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 2500 रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया, जबकि सुनील उर्फ गुड्डू को मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का दोषी करार देते हुए दो दिन कारावास व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।