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Farrukhabad News: गंगा के कटान से सात मकान बहे, कुछ अन्य घरों पर खतरा
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फोटो-29 गांव समैचीपुर चितार में कटान करती गंगा। संवाद
- कुछ ग्रामीणों के मकान कटान की जद में होने से दहशत
- ग्रामीण मकान तोड़कर ईंटों को सुरक्षित करने में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
शमसाबाद। गंगा नदी का जलस्तर घटने के बाद भी कटान नहीं थम रहा है। इसके चलते गांव समैचीपुर चितार में मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक सात ग्रामीणों के मकान गंगा में समा गए। इससे वह बेघर हो गए। अन्य मकान कटान की जद में होने से ग्रामीण अपने मकान तोड़कर ईंटें सुरक्षित करने में जुटे हैं।
क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में गंगा का कटान तेज होने से बुधवार दोपहर तक सात मकान नदी में समा गए। इनमें बागीर, लालमिया, फराज, शमीन मोहम्मद और सर्वेश के मकान शामिल हैं। कटान से ग्रामीणों में दहशत है।
सूचना पर राजस्व निरीक्षक कुतुबुद्दीन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। नन्हीं बेगम, तहसीन और जैद मोहम्मद सहित कई ग्रामीणों के मकान भी कटान की जद में हैं। मकानों पर खतरा देखते हुए गांव के लोग अपने पक्के घरों को तोड़कर ईंटें निकाल रहे हैं। बाढ़ के दौरान भी कई ग्रामीणों के मकान में कटकर गंगा में समा गए थे। बेघर होने से लोग इधर-उधर झोपड़ी डालकर रहने को मजबूर हैं। राजस्व निरीक्षक कुतुबुद्दीन ने ग्रामीणों से मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
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- ग्रामीण मकान तोड़कर ईंटों को सुरक्षित करने में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
शमसाबाद। गंगा नदी का जलस्तर घटने के बाद भी कटान नहीं थम रहा है। इसके चलते गांव समैचीपुर चितार में मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक सात ग्रामीणों के मकान गंगा में समा गए। इससे वह बेघर हो गए। अन्य मकान कटान की जद में होने से ग्रामीण अपने मकान तोड़कर ईंटें सुरक्षित करने में जुटे हैं।
क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में गंगा का कटान तेज होने से बुधवार दोपहर तक सात मकान नदी में समा गए। इनमें बागीर, लालमिया, फराज, शमीन मोहम्मद और सर्वेश के मकान शामिल हैं। कटान से ग्रामीणों में दहशत है।
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सूचना पर राजस्व निरीक्षक कुतुबुद्दीन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। नन्हीं बेगम, तहसीन और जैद मोहम्मद सहित कई ग्रामीणों के मकान भी कटान की जद में हैं। मकानों पर खतरा देखते हुए गांव के लोग अपने पक्के घरों को तोड़कर ईंटें निकाल रहे हैं। बाढ़ के दौरान भी कई ग्रामीणों के मकान में कटकर गंगा में समा गए थे। बेघर होने से लोग इधर-उधर झोपड़ी डालकर रहने को मजबूर हैं। राजस्व निरीक्षक कुतुबुद्दीन ने ग्रामीणों से मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
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