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Farrukhabad News: अदालत में तमंचा देख गवाह बोला, यह वो नहीं
Sat, 14 Feb 2026 01:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 14 Feb 2026 01:11 AM IST
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फर्रुखाबाद। थाना नवाबगंज के अवैध असलहा रखने के मामले में सुनवाई के दौरान अदालत में पेश माल पर सवाल खड़े हो गए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार की अदालत में सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह की गवाही दर्ज की गई। गवाह ने न्यायालय में पेश अवैध तमंचा व कारतूस को देखकर कहा कि यह वह तमंचा नहीं है जो अभियुक्त जोधन सिंह से बरामद हुआ था, उसका हुलिया अलग है।
एसीजेएम की अदालत में मामले में गवाही चल रही थी। 28 जनवरी को सुनवाई की तारीख के दौरान थाने से बरामद तमंचा न आने से गवाही पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की। इस पर थाना नवाबगंज के पैरोकार ने कोर्ट में बरामद माल पेश किया। गवाही के दौरान कोर्ट में पैरोकार के लाए गए तमंचे को गवाह ने पहचानने से इन्कार कर दिया। सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर ने कहा कि यह वह तमंचा नहीं है, जोकि जोधन सिंह से बरामद हुआ था।
कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक को गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। कहा कि सुनवाई के दौरान गवाह के पेश किए गए माल को बरामद तमंचे से भिन्न बताने से ऐसा प्रतीत होता है कि थाने से सही माल प्रस्तुत नहीं किया गया है। पुलिस अधीक्षक को प्रकरण की गंभीरता से जांच कर 15 दिन में आख्या देने के आदेश दिए। मामले में अगली सुनवाई के लिए 31 मार्च की तारीख तय की है।
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गौरतलब है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष भरत सिंह ने 27 दिसंबर 2001 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि अलीगंज मार्ग स्थित कच्छपुरा तिराहे से जोधन सिंह को रात 8:30 बजे पकड़कर उसके पास से 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद किया था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजा गया था।
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एसीजेएम की अदालत में मामले में गवाही चल रही थी। 28 जनवरी को सुनवाई की तारीख के दौरान थाने से बरामद तमंचा न आने से गवाही पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की। इस पर थाना नवाबगंज के पैरोकार ने कोर्ट में बरामद माल पेश किया। गवाही के दौरान कोर्ट में पैरोकार के लाए गए तमंचे को गवाह ने पहचानने से इन्कार कर दिया। सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर ने कहा कि यह वह तमंचा नहीं है, जोकि जोधन सिंह से बरामद हुआ था।
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कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक को गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। कहा कि सुनवाई के दौरान गवाह के पेश किए गए माल को बरामद तमंचे से भिन्न बताने से ऐसा प्रतीत होता है कि थाने से सही माल प्रस्तुत नहीं किया गया है। पुलिस अधीक्षक को प्रकरण की गंभीरता से जांच कर 15 दिन में आख्या देने के आदेश दिए। मामले में अगली सुनवाई के लिए 31 मार्च की तारीख तय की है।
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गौरतलब है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष भरत सिंह ने 27 दिसंबर 2001 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि अलीगंज मार्ग स्थित कच्छपुरा तिराहे से जोधन सिंह को रात 8:30 बजे पकड़कर उसके पास से 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद किया था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजा गया था।