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सकवाई गांव की चौपाल में सचिव ने अधिकारियों से जताई नाराजगी

Fri, 30 Nov 2018 12:04 AM IST
farrukhabad
farrukhabad Updated Fri, 30 Nov 2018 12:04 AM IST
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Secretary in Sakawi village's Chaupal expressed resentment in farrukhabad
सकवाई में ग्रामीणों की समस्या सुनती नोडल अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
जनपद के नोडल अधिकारी नगर विकास सचिव जीएस प्रियदर्शी ने मोहम्मदाबाद के गांव सकवाई में चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने उनके सामने अवैध कब्जे, चकरोड, नलकूप व हैंडपंप आदि की शिकायतों का अंबार लगा दिया। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों से नाराजगी जताई और जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। सचिव ने जिम्मेदारों को अपने विभाग के विकास कार्य जल्द पूरा करने के आदेश दिए।
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नगर विकास सचिव जीएस प्रियदर्शी ने दोपहर में गांव सकवाई के जूनियर हाईस्कूल में चौपाल लगाई। सबसे पहले बीडीओ ने बुकलेट से गांव के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पांच गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई। ग्रामीणों ने गांव में हैंडपंप लगवाने व वृद्धावस्था पेंशन दिलाने आदि शिकायतें की। उन्होंने सचिव से समस्याओं का निस्तारण करने के लिए कहा। साथ ही गांव में न आने की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताई। वनपोई निवासी शारदा देवी ने बताया कि उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार रहता है। उससे समई गांव निवासी दो लोगों ने बिना रुपये दिए छह बीघा जमीन लिखवा ली है। वह लोग शिकायत करने पर धमकी देते हैं। सचिव ने इस पर कोतवाली मोहम्मदाबाद के प्रभारी निरीक्षक व बीट सिपाही को मौके पर बुलाया। साथ ही चौकीदार से पूछा क्या तुम्हें मामले की जानकारी है। कोतवाली में जानकारी क्यों नहीं दी। उसने बताया कि कुछ ही दिन पहले पता चला। इसके बाद उन्होंने बीट सिपाही से जानकारी होने के बाबत पूछा। उसने बताया कि उसे कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि तुम्हारे क्षेत्र की जानकारी मै दूंगा क्या। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक दधिबल तिवारी को व्यवस्थाएं सही करने के लिए हिदायत दी।
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ग्रामीणों ने आवास न मिलने आदि की शिकायत कीं। उन्होंने जांच कर सभी को आवास देने को कहा। मनरेगा के विषय में भी उन्होंने जानकारी ली लेकिन रोजगार सेवक कुछ नहीं बता पाए। इस पर उन्होंने डीसी मनेरगा, रोजगार सेवक व अन्य अधिकारियों से नाराजगी जताई। राज्यवित्त के बजट को देखकर उन्होंने प्रधान के पति को फटकार लगाते हुए कहा कि अब चार माह में यह साढ़े 26 लाख रुपये कैसे खर्च करोगे। अभी तक काम क्यों नही कराया। सचिव ने कहा कि वह दिसंबर में दोबारा दौरे पर आएंगे तब तक पांच लाख रुपये से गांव का सुंदरीकरण हो जाना चाहिए।
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