{"_id":"6217c4a8cd96564abf764516","slug":"scored-97-83-percent-marks-in-jrf-net-hindi-farrukhabad-news-knp682393974","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेआरएफ नेट हिंदी में 97.83 प्रतिशत अंक पाकर फहराया परचम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेआरएफ नेट हिंदी में 97.83 प्रतिशत अंक पाकर फहराया परचम
विज्ञापन
गांव शेरपुर सराय में अर्चना को मिठाई खिलाते माता-पिता। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
कमालगंज। गांव की बेटी अर्चना ने जेआरएफ नेट हिंदी में 97.83 प्रतिशत अंक पाकर सफलता का परचम फहराया है। उसकी इस सफलता पर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी के साथ अर्चना ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए अहर्ता (क्वालीफाई) प्राप्त कर ली है। एमए हिंदी के एक पेपर में पूरे 100 अंक पाकर छात्रा ने यह साबित किया था कि मातृ भाषा हिंदी अच्छे नंबरों की मोहताज नहीं है।
कन्नौज जिले की सीमा पर गंगा किनारे बसे शेरपुर सराय गांव निवासी सत्यराम की बेटी अर्चना ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप दिसंबर 2020-जून-2021 की परीक्षा (यूजीसी नेट) में हिंदी विषय से 97.83 प्रतिशत अंक हासिल कर सफलता की गाथा लिखी। रिजल्ट आते ही अर्चना के महाविद्यालय आरपी कॉलेज और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
छह बहनों में दूसरे नंबर की अर्चना ने बताया कि तैयारी अच्छी हो तो मातृभाषा में भी खूब नंबर मिल सकते हैं। वह अब हिंदी से डॉक्टरेट उपाधि के लिए तैयारी करेंगी। सफलता पर कालेज प्रबंधक अश्विनी कुमार वर्मा ने बधाई दी।
विज्ञापन
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश ने बताया कि पीएचडी के लिए अर्चना को 40 हजार रुपये हर माह छात्रवृत्ति भी मिलेगी। 2021 की एमए हिंदी द्वितीय वर्ष की परीक्षा में आधुनिक हिंदी काव्य में उसे 100 में पूरे 100 नंबर मिले थे। अर्चना के पिता सत्यराम गांव बहावलापुर में शिक्षामित्र हैं। मां रीता देवी ने बताया कि बेटी रोजाना गांव से 11 किलोमीटर साइकिल चलाकर कॉलेज पढ़ने जाती है।
विज्ञापन
कन्नौज जिले की सीमा पर गंगा किनारे बसे शेरपुर सराय गांव निवासी सत्यराम की बेटी अर्चना ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप दिसंबर 2020-जून-2021 की परीक्षा (यूजीसी नेट) में हिंदी विषय से 97.83 प्रतिशत अंक हासिल कर सफलता की गाथा लिखी। रिजल्ट आते ही अर्चना के महाविद्यालय आरपी कॉलेज और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
छह बहनों में दूसरे नंबर की अर्चना ने बताया कि तैयारी अच्छी हो तो मातृभाषा में भी खूब नंबर मिल सकते हैं। वह अब हिंदी से डॉक्टरेट उपाधि के लिए तैयारी करेंगी। सफलता पर कालेज प्रबंधक अश्विनी कुमार वर्मा ने बधाई दी।
विज्ञापन
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश ने बताया कि पीएचडी के लिए अर्चना को 40 हजार रुपये हर माह छात्रवृत्ति भी मिलेगी। 2021 की एमए हिंदी द्वितीय वर्ष की परीक्षा में आधुनिक हिंदी काव्य में उसे 100 में पूरे 100 नंबर मिले थे। अर्चना के पिता सत्यराम गांव बहावलापुर में शिक्षामित्र हैं। मां रीता देवी ने बताया कि बेटी रोजाना गांव से 11 किलोमीटर साइकिल चलाकर कॉलेज पढ़ने जाती है।